धान की भूसी है जनाब! सेंक लो हाथ

Hardoi Updated Sat, 29 Dec 2012 05:30 AM IST
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हरदोई। कोहरे की चादर में लिपटे शहर में गुरुवार रात जब जायजा लिया गया, तो अफसरों के दावों की हकीकत सामने आ गई। नगर के प्रमुख चौराहों पर अलाव के नाम पर धान की भूसी सुलग रही थी, जिसके इर्द गिर्द बैठे कमजोर तबके के लोग अलाव तापकर रात काट रहे थे। स्टेशन पर ट्रेनों के विलंब से आने से यात्रियों को भी सर्द रात काटनी मुश्किल हो रही थी। स्टेशन के बाहर रिक्शा चालक कंबल लपेटे खुले आसमान के नीचे सोता नजर आया। वहीं पिकेट पुलिस भी नींद में मस्त दिखी। जिला अस्पताल में भी एक एक बेड पर तीन तीन मरीज और उनके तीमारदार जमीन पर सोते नजर आए।
समय रात 11 बजे- रेलवे स्टेशन पर कोहरे को चीरती हुईं ट्रेन प्लेटफार्म पर आते ही चादर लपेटे बैठे यात्री दौड़ पड़े। बोगी के बाहर चाय की बिक्री धड़ल्ले से हुई। सर्दी के मारे अधिकांश यात्री प्लेटफार्म पर चादर बिछाकर लेटे रहे। यात्रियों को सर्दी से राहत दिलाने को रेलवे की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई। वहीं पालिका की ओर से बनाए गए अस्थायी रैन बसेरा में कुछ रिक्शा चालक तो कुछ जानवर बैठे थे।
समय रात 11:20 बजे- चार डिग्री पारे के बीच खुले आसमान के नीचे चादर के सहारे रिक्शे पर लेटा चालक रामू ठंड से ठिठुर रहा था। बताया कि रिक्शे का किराया निकालने को उसे यहां सवारियों का इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारी कंबल के बाबत बोला, हमें कौन देगा।
समय रात 11:45 बजे- स्थान बड़ा चौराहा। अलाव के पास बैठे पुलिस कर्मी भी ठंड में खर्राटे भरते नजर आए। असलहे दीवार से सटाकर खडे़ किए और नींद में खो गए। चौराहे के किनारे सुलग रही धान की भूसी के पास चंद लोग तापते और कुछ जानवर बैठेे नजर आए, जबकि मार्ग पर सन्नाटा पसरा था। कोहरे से कुछ दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी दिखाई नहीं पड़ रहा था।
समय रात 12:00 बजे- नुमाइश चौराहा। मुख्य चौराहे पर कुछ वाहन तो आते जाते दिखे, पर सड़क पर सन्नाटा था। कोहरे से यहां लगा फव्वारा भी दिख नहीं रहा था। सड़क किनारे कुछ रिक्शा चालक अलाव ताप रहे थे, पर यहां भी पिकेट पुलिस के अलावा और कोई नजर नहीं आया।
समय रात 12:20 बजे- जिला अस्पताल। सर्दी से जहां मरीज बेड पर परेशान थे, तो तीमारदार अस्पताल परिसर में जमीन पर लेटे नजर आए। महिला वार्ड में एक पलंग पर दो-दो प्रसूताएं लेटी थी। फोटो खींचने पर चौकीदार ने भी आपत्ति जताई। ओपीडी के बाहर जमीन पर लेटे लोगों को सर्दी से नींद नहीं आ रही थी।

कमजोरों की मदद को कोई नजर नहीं आया
हरदोई। सर्द रातों में सर्दी से ठिठुरते लोगों को राहत दिलाने को कभी अधिकारी रात में निकलकर पात्रों को कंबल बांटते और स्वयं सेवी संस्थाएं चाय आदि की व्यवस्था करते थे, पर अबकी कोई भी आगे आता नजर नहीं आ रहा। कड़ाके की ठंड में सबसे ज्यादा परेशान कमजोर तबके के लोग हैं। बीते दिन पारा चार डिग्री पर पहुंचने के बावजूद किसी भी स्वयं सेवी संस्था के लोग मदद को आगे नहीं आए। पालिका के अलाव के सहारे गरीब तबके के लोग रात काटने पर विवश हैं, जबकि जिला अस्पताल में स्थायी रूप से बने रैन बसेरा पर भी ताला लटक रहा है। सबसे ज्यादा कठिनाई कटियारी क्षेत्र के बाशिंदों को उठानी पड़ रही है। यहां न तो कंबल बांटे गए और न अलाव की व्यवस्था हुई। उधर, एडीएम राकेश मिश्रा ने बताया कि तहसीलों को 50-50 कंबल दिए गए हैं। टेंडर करा दिया गया और जल्द ही और कंबल पात्रों को बांटे जाएंगे।

घने कोहरे के बीच चमके सूर्य देवता
हरदोई। शुक्रवार को घने कोहरे के बीच दोपहर 3 बजे सूर्य देवता की कुछ किरणें चमकी, पर चार बजे फिर बादलों में सूर्य देवता फंस गए। सुबह से ही घने कोहरे के बीच न्यूनतम पारा 4 डिग्री रहा, जिससे गलन जस की तस रही। इधर, कोहरे से अधिकांश ट्रेने विलंब से आईं, जबकि लोकल फाल्ट से नगर की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। उधर, बावन कसबा चौकी इंचार्ज रामलाल यादव ने शुक्रवार को 10 गरीबाें को चिह्नित कर सर्दी से बचाव को कंबल बांटे।

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