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गोदामों की कमी से नहीं चढ़ता धान का भाव

Hardoi Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में चावल भंडारण के लिए गोदामों की पर्याप्त व्यवस्था न होने से खुले बाजार में धान का मूल्य समर्थन मूल्य के मुकाबले चढ़ नहीं पाता है जिससे सभी किसानों को उनकी उम्मीद के हिसाब से धान का मूल्य नहीं मिल पाता है। ऐसे में बाजार में प्रतिस्पर्धा लाने के लिए भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 40 लाख एमटी धान की खरीद का सरकारी लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने इसके लिए समर्थन मूल्य 1250 घोषित किया है। इसके लिए जल्द ही सरकारी केंद्रों के माध्यम से खरीद शुरू हो जाएगी मगर इसके बाद भी किसानों को खुले बाजार में धान बेचना पड़ेगा और इस बार बाजार में धान का मूल्य क्या रहेंगा इसको लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है मगर फिलहाल समर्थन मूल्य से ज्यादा मूल्य बाजार में होेने की उम्मीद नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में चावल उद्योग भंडारण की समस्या के साथ ही कई अन्य समस्याओं से जूझ रहा है इसमें धान कुटाई के पैसे से लेकर भाडे़ का भुगतान आदि समय से न होना शामिल है।

उन्होंने बताया कि करीब 10 करोड़ रुपए का भुगतान विभिन्न एजेंसियों पर राइस मिलों का बकाया चल रहा है। बताया कि अगर लेवी चावल की खरीद बंद हो जाए तो राइस मिलों का भविष्य खतरे में पड़ने के साथ ही धान के बाजार में और भी गिरावट हो सकती है। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस बार प्रदेश में करीब 15 लाख एमटी चावल की खरीद लेवी द्वारा की जाएगी। इससे राइस मिलर्स राहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एफसीआई गोदामों पर चावल के उतरान के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जानी चाहिए ताकि मिलर्स को चावल आपूर्ति करने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

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