दुग्ध उत्पादकों के लिए 58 करोड़ मंजूर

Hapur Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
हापुड़। कई कारणों से कमजोर पड़ रही पीसीडीएफ को पटरी पर लाने और दुग्ध उत्पादकों के बकाया का भुगतान करने के लिए अखिलेश यादव सरकार ने 58 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। उम्मीद है कि इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी और दुग्ध संघों और समितियों की हालत में भी तेजी से सुधार होगा। अनुमान है कि उक्त रकम में से 29 करोड़ रुपये जल्द वितरित होकर संघों पर पहुंच जाएंगे।
दरअसल, कई साल से प्रदेश भर में प्राइवेट सेक्टर की डेरियों का दुग्ध के कारोबार पर दबदबा है क्योंकि प्राइवेट सेक्टर के डेयरी मालिक अपने क्रय केंद्र सुपरवाइजरों के माध्यम से गांवों में पशुपालकों को एडवांस रुपये बांटकर मनचाहे दामों पर उनका दूध खरीदते रहे हैं। जबकि गांवों में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के सचिव फैट आदि के टेस्ट करने के बाद पशुपालकों से दूध खरीदते हैं और भुगतान भी समय पर नहीं हो पाता है। ऐसे में पशुपालकों ने दुग्ध समितियों को दूध देना कम कर दिया जिससे संघों को घाटा होता गया।
पीसीडीएफ हापुड़ (गाजियाबाद) के चेयरमैन सुभाष चंद शर्मा से कहा कि उनके क्षेत्र में 322 समितियां हैं, जिनके लगभग 14 हजार दुग्ध उत्पादक पशुपालक सदस्य हैं। यहां के संघ की स्थिति भी प्रतिस्पर्धा के कारण उनके कार्यभार संभालने से पहले काफी पिछड़ी थी। इसी कारण पशुपालकों का करीब एक करोड़ चौदह लाख रुपया बकाया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर की इस समस्या को लेकर वह कुछ समय पूर्व लखनऊ जाकर प्रदेश के दुग्ध विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राममूर्ति वर्मा से मिले और उनसे इस समस्या के समाधान का अनुरोध किया। तब उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात हुई है, जिस पर वह काफी गंभीर हैं।
इसके कुछ दिन बाद ही प्रदेश सरकार ने दुग्ध उत्पादक किसानों के बकाया का भुगतान करने के लिए 58 करोड़ रुपये मंजूर भी कर दिए। इसमें से 29 करोड़ रुपया भुगतान के लिए जल्द संघों को मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि हापुड़ गाजियाबाद जनपद की तमाम समितियों के सदस्यों के बकाया का भुगतान दिसंबर के अंत तक होने की उम्मीद है। इसके बाद दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को लाभ पहुंचाने वाली योजना लांच करेंगे, जिससे इस संघ में दूध की कमी नहीं रहेगी। फिलहाल एक लीटर दूध पर उसके मूल्य के अलावा 100 ग्राम खल मुफ्त दी जा रही है।

Spotlight

Most Read

Rohtak

सीएम को भेजा पत्र

सीएम को भेजा पत्र

23 जनवरी 2018

Rohtak

एमटीएफसी

23 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: इस बंदर और कुत्ते की दोस्ती एक मिसाल है

अक्सर हम सब ने बंदर और कुत्ते की दुश्मनी देखी है लेकिन हापुड़ में बंदर और कुत्ते के बच्चे का प्यार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

15 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper