मुनाफे के लिए अब गुलाब को सुखा रहे हैं किसान

Hapur Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
पिलखुवा। सहालग में भी गुलाब की उचित कीमत न मिलने से परेशान किसानों ने अब सुगंधित गुलाब को सुखाना शुरू कर दिया है। बता दें कि गुलाब के सूखे फूल गुलकंद, दवा और अन्य सामग्री आदि में प्रयोग किए जाते हैं। दिल्ली मंडी में मिल रहे गुलाब के वर्तमान भाव से ज्यादा लाभ किसानों को सूखे गुलाब से मिलेगा।
पिलखुवा के गुलाब उत्पादक भोले सैनी ने बताया कि सहालग में अब बस एक दिन शेष रह गया है। जब सहालग में 50 रुपये प्रति किलोग्राम का भाव मिल रहा है तो सहालग के बाद तो गुलाब का भाव 20 रुपये किलो मिलना भी संभव नहीं लग रहा। ऐसे में ज्यादातर किसान अब गुलाब के फूल तोड़कर धूप में सुखा रहे हैं। क्योंकि सूखे गुलाब को बिचौलिये खरीदकर गुलकंद, इत्र, दवा और हवन सामग्री बनाने वालों को सप्लाई कर देते हैं।
मुकीमपुर के किसान नेत्रपाल का कहना है कि गुलाब को उत्पादित करने से लेकर दिल्ली मंडी तक पहुंचाने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। कड़ाके की सर्दी में खेत पर पहुंचकर फूलों की तुड़ाई करते हैं। शाम को तोड़े गए गुलाब में रातभर बर्फ लगानी पड़ती है। मंदे भाव में गुलाब बेचने से अच्छा है कि सुखा लिया जाए।
किसान बिजेंद्र सैनी ने गुलाब की मंदी की जानकारी देते हुए बताया कि लंबे अर्से से दिल्ली की मंडी कर रहे हैं। वर्षों बाद ऐसी मंदी आई है। भाव मंदा होने के कारण ठेकेदारों ने सूखे फूल खरीदने के लिए किसानों से संपर्क करने और फूल सुखाने के लिए प्रेरित करने का काम शुरू कर दिया है। कई ठेकेदारों ने तो किसानों को एडवांस भी दे दिए हैं। उनके पास 140 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक रेट का ऑफर है।

मंडी तक भेजने में ये आती है लागत
अनवरपुर के गुलाब उत्पादक मुकेश तोमर ने बताया कि एक किलोग्राम गुलाब को दिल्ली मंडी तक भेजने में 14 रुपये प्रति किलोग्राम खर्च आता है। इसमें 5 रुपये आढ़त, 5 रुपये की ढुलाई, 2 रुपये की बर्फ और 2 रुपये की तुड़ाई शामिल है। इसके साथ ही पौधों पर कीटनाशक का स्प्रे और सिंचाई भी करनी पड़ती है। इसमें भी काफी रुपये खर्च होते हैं। दिल्ली तक जाने की आफत अलग से।

ये है सूखे गुलाब के मुनाफे का गणित
यदि एक किलोग्राम सुगंधित गुलाब के दिल्ली मंडी में मिलने वाले 50 रुपये में से लागत के 14 रुपये कम कर दें तो 36 रुपये ही बचते हैं। वहीं, 4 किलोग्राम सुगंधित गुलाब सूखकर एक किलोग्राम ही रह जाते हैं। 36 रुपये के रेट से 4 किलोग्राम गुलाब से मंडी में किसान को 144 रुपये मिलते हैं, जबकि सुखाने पर घर पर ही 150 रुपये मिल रहे हैं। सहालग खत्म होने के बाद तो ये मुनाफा और भी अधिक बढ़ जाएगा।

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