मेला स्थल : 4 दिन में 960 बीघा से कैसे कटेगा गन्ना

Hapur Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली शुगर मिल का पेराई सत्र 15 नवंबर के बाद शुरू होने से कार्तिंक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले की तैयारियों पर ग्रहण लग सकता है। मेला स्थल में 960 बीघा भूमि में खड़ी गन्ने की फसल को किसान चार दिन काटकर कैसे मिल पहुंचाएगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
वर्ष 2012-13 का पेराई सत्र लेट होने पर जहां किसान चिंतित हो गया है वहीं इससे अगले माह लगने वाले ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले की तैयारियों पर भी ग्रहण लग सकता है। गंगा खादर क्षेत्र में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला स्थल पर दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने की फसल खड़ी हुई है जिसको किसान सिंभावली शुगर मिल में डालता है। स्थानीय प्रशासन ने 15 दिन पूर्व मेला स्थल पर लेखपालों की टीम भेजकर किसानों की सूची तैयार करते हुए फसल के क्षेत्रफल का आकलन किया था। इसे लेकर प्रशासन ने मेला प्रारम्भ होने से पूर्व ही मेला स्थल से गन्ने की फसल कटवाने के लिए शुगर मिल को सूची भेजी है। परंतु पहले शुगर मिल अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में पेराई करने का दावा कर रहा था, जो अब 15 नवंबर तक पहुंच गया है।

60 हेक्टेयर भूमि पर खड़ी है फसल
तहसीलदार दिलीप कुमार यादव बताते हैं कि मेला स्थल पर खड़ी फसल की आई रिपोर्ट में 125 किसानों की 960 बीघा कृषि भूमि में गन्ने की फसल खड़ी हुई है। रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय भेज दी गई, जहां से सिंभावली शुगर मिल को किसानों को पर्ची आवंटित करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है।

नहीं कराया मेला स्थल का सीमांकन
तहसीलदार बताते हैं कि जिला पंचायत ने अभी तक मेला स्थल का सीमांकन नहीं कराया है। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष से वार्ता करने की कोशिश की गई, जिनके मोबाइल स्वीच ऑफ आ रहे थे।

एसडीएम कहिन
एसडीएम केबी सिंह कहते हैं कि 125 किसानों की सूची शुगर मिल को भेज दी गई जिनकी प्राथमिकता पर पर्ची आएंगी और जल्द से जल्द गन्ना मिल पर डलवाया जाएगा।

क्या कहना है मिल प्रबंधन का
गन्ना प्रबंधक अमानुल्ला खां कहते हैं कि लगभग 15 नवंबर को मिल पेराई सत्र प्रारम्भ होगा जिसके चलते शुरू में प्रशासन द्वारा दी गई किसानों की सूची वाला गन्ना खरीदा जाएगा। उनका कहना है कि मुख्य स्नान 28 नवंबर का इसलिए तब तक मिल गन्ना उठा लेगी। परंतु वे यह भूल गए कि मेला तो 19 नवंबर से शुरू हो जाएगा।

25 से 30 लाख भक्त आते हैं मेले में
ऐतिहासकि कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में करीब 25 से 30 लाख श्रद्धालु आते हैं, जो दस दिन तक मेले में पड़ाव डालते हैं। मेला आयोजन के लिए जिला पंचायत करीब 10 से 15 किलोमीटर क्षेत्रफल में मेला लगाती है। लेकिन 960 बीघा में खड़ी गन्ने की फसल मेला आयोजन में सिरदर्द बन सकती है।

चार दिन में कैसे निपटेगा 960 बीघा गन्ना
कार्तिंक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला 19 नवंबर से प्रारम्भ है जिसका मुख्य स्नान 27/28 नवंबर का है। वहीं सिंभावली शुगर मिल का पेराई सत्र 15 नवंबर से प्रारम्भ होना, वहां पर खड़ी फसल के लिए मुसीबत बन सकता है। क्योंकि 4 दिन में 960 बीघा गन्ना जहां किसानों को काटना दुश्वार हो जाएगा वहीं मिल तक पहुंचाने के लिए भी लाले पड़ जाएंगे।

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