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9 साल बाद पितृ पक्ष में सोमवती अमावस्या

Hapur Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। वर्ष 2012 में जहां पितृ पक्ष 15 के स्थान पर 17 दिन रहे हैं, वहीं 9 वर्ष बाद पितृ पक्ष में सोमवती अमावस्या आ रही है। सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान कर पितरों का तर्पण किया जाएगास जो वापस यमलोक पहुंच जाएंगे। नवरात्र प्रारंभ होते ही मंगलवार से सनातन धर्म के परिवारों में शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।
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15 अक्तूबर (सोमवार) को पितृ अमावस्या है, जिसका योग करीब 9 वर्ष बाद आ रहा है। पंडित उमेश सैनरा और पीके शर्मा ने बताया कि यह अमावस्या सर्व पितर विसर्जनी अमावस्या है, जिस पर दान करने से कई गुना पुण्य लाभ अर्जित होता है। उन्होंने बताया कि पितृ पक्ष में आने वाली अमावस्या सोमवार के दिन है, इसलिए इसे सोमवती अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन ब्रजघाट में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ सकता है। महाभारत काल में पितरों का तर्पण करने के लिए पांडवों का पूरा जीवन गुजर गया, लेकिन उनके समय में सोमवती अमावस्या नहीं आई। पितृ पक्ष की सोमवती अमावस्या पर पितरों को विशेष मोक्ष प्राप्त होता है।


कैसे होगा विसर्जन
भागवत कथा वाचक गोपाल बाबा बताते हैं कि सोमवती अमावस्या पर पितरो का विसर्जन करने के लिए तर्पण किया जाएगा, जिसमें काले तिल, गंगा जल, कच्चा दूध और कुशा आदि का दान किया जाता है। पितृ पक्ष की सोमवती अमावस्या पर काले तिल और कुशा का विशेष महत्व है।

नौ दिन नहीं, 8 दिन होंगे नवरात्र
अधिमास के चलते नौवें दिन विजयादशमी है। इसके चलते नवरात्र प्रारंभ होने के नौवें दिन रावण दहन कर दिया जाएगा। पंडितों के अनुसार अश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि 16 अक्तूबर को पड़ने से पहला नवरात्र है। पंडितों का अनुसार, 24 अक्तूबर को विजयादशमी है, जबकि अष्टमी कंजक पूजन करने वाले 22 अक्तूबर को पना वृत संपन्न कर देंगे।

मंगलवार से होंगे शुभ कार्य
नवरात्र में शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं।

यमलोक वापसी करेंगे
29 सितंबर को श्राद्ध पक्ष में पृथ्वी पर आए पितृ सोमवार को वापस यमलोक रवानगी करेंगे। सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान कर सनातन धर्म के लोग गंगा तट पर पितरों के पिंडदान कर उनका विसर्जन करेंगे।

पुलिस बल मांगा
गढ़मुक्तेश्वर। पितृ एवं सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कमर कसनी शुरू कर दी है।पुलिस बल की डिमांड भेज दी गई है। लेकिन, प्रशासनिक एवं पालिका स्तर से कोई तैयारी शुरू नहीं की गई है। ब्रजघाट चौकी इंचार्ज मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से 10 उपनिरीक्षक, 10 हेड कांस्टेबल, 50 कांस्टेबल, 2 महिला उपनिरीक्षक, 8 महिला कांस्टेबल और एक प्लाटून पीएमसी की डिमांड भेजी है। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए 1 ट्रैफिक उपनिरीक्षक, 2 ट्रैफिक हेड कांस्टेबल, 4 ट्रैफिक कांस्टेबल तथा एक छोटी क्रेन की मांग की है। आग से बचाव को फायर टैंकर डूबने की घटनाओं पर रोक को1 प्लाटून रिवर पुलिस मांगी गई है। नगर पालिकाध्यक्ष संगीता पुरुषोत्तम का कहना है कि ईओ निलंबित होने से व्यवस्थाएं समय पर पूरी नहीं हो पाई। शाम तक व्यवस्थाएं पूरी करा दी जाएंगी।

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