सिलेंडर भरपूर पर पहुंच से दूर

Hapur Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
हापुड़/गढ़/पिलखुवा। केंद्र सरकार के उपभोक्ता को एक वर्ष में छह सिलेंडर देने के फैसले से आम उपभोक्ताओं में खासा गुस्सा है। गैैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतार घटने के बजाय बढ़ गई है। केवल हापुड़ ही नहीं गढ़मुक्तेश्वर और पिलखुवा के कई क्षेत्रों में की गैस एजेंसियों पर रोजाना नोकझोंक और झगड़े हो रहे हैं। मौके पर पहुंचने वाली पुलिस को भी उपभोक्ताओं को समझाने में मशक्कत करनी पड़ रही है। महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं को घरेलू गैस के लिए भी अब गुणा-भाग करना पड़ रहा है। सरकार के खिलाफ आम आदमी का आक्रोश कभी भी उग्र रूप धारण कर पुलिस-प्रशासन के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता। खुफिया विभाग ने समय रहते उपभोक्ता के गुस्से को भांपकर जिला स्तर के अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
अक्सर होती है लड़ाई की स्थिति
पिलखुवा के निर्मल गैस एजेंसी संचालक नूतन शर्मा ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडरों का कोटा निर्धारित होने के बाद से दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं। पुलिस के साथ ही प्रभावशाली व्यक्ति और एग्जेम्टिड सिलेंडर लेने वाले लोग भी 404 रुपये देकर ही सिलेंडर लेना चाहते हैं। न देने पर काफी चिकचिक करते हैं। कई बार तो उपभोक्ता लड़ने पर आमादा हो जाते हैं।
1000 तक ब्लैक में मिल रहा सिलेंडर
हापुड़। रसोई गैस के दाम बढ़ाए जाने के बाद अब ब्लैक में गैस सिलेंडर 1000 रुपये तक पहुंच गया है। महंगाई की मार के बाद गैस कालाबाजारी तेजी से बढ़ गई है।
परेशान हैं रेस्टोरेंट मालिक
सिटी हार्ट रेस्टोरेंट के स्वामी मनोज कर्णवाल का कहना है कि व्यावसायिक सिलेंडर के दाम बढ़ने से काफी नुकसान हुआ है। हर साल करीब 20 से 25 प्रतिशत महंगाई विभिन्न चीजों पर बढ़ रही है। गढ़ के होटल संचालक पंडित संदीप वीशू, सद्दाम चौहान, तारिक राणा, रईसुद्दीन का कहना है कि गैस के दाम बढ़ने से प्रति थाली 10 रुपये का इजाफा करना मजबूरी हो गई है।
चाय और रोटी एक रुपया महंगी
रसोई गैस सिलेंडर पर आई महंगाई की आग ने लोगों को झुलसाना शुरु कर दिया है। होटल संचालकों ने रोटी की तीन से बढ़ाकर चार और चाय वालों ने चाय 5 से बढ़ाकर 6 रुपये कर दी है। गैस के दाम बढ़ने से चारों तरफ हाहाकार मचा है।
निजी वाहनों में गैस का इस्तेमाल कम हुआ
रसोई गैस के दाम बढ़ने के बाद निजी वाहन स्वामियों ने एलपीजी गैस का इस्तेमाल कम कर दिया है। वहीं गढ़ के एक टैक्सी संचालक सुलेमान अंसारी कहते हैं कि दाम बढ़ने से वाहनों में रसोई गैस का इस्तेमाल तेजी से घटा है, क्योंकि जितनी कीमत में गैस पड़ रही है उतनी ही रकम का डीजल खर्च हो पाता है। परंतु गैस से वाहन चलाने में पुलिस एवं आरटीओ की धरपकड़ के साथ ही अनहोनी का खतरा भी बना रहता है।
किराए में दो रुपये किमी का इजाफा
हापुड़। रसोई गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ने के साथ ही गैस से संचालित टैक्सियों का किराया भी बढ़ गया है। पहले चार सीटर टैक्सियों में यात्रा करने पर 200 किलोमीटर तक 6 रुपये किलोमीटर के हिसाब से पैसे लिए जाते थे, जो अब बढ़कर आठ रुपये तक हो गए हैं। मारुति वैन, मारुति कार का किराया पहले 200 रुपये सुबह से शाम तक का था, जो अब बढ़कर तीन सौ रुपये तक हो गया है।
छोटे सिलेंडरों की रिफलिंग पर पड़ा असर
कीमत में इजाफा होने से चाट-पकौड़ी, छोटे-भटूरे, कुलचे बेचने सहित विभिन्न प्रकार के खोमचे लगाने वालों को खासी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें छोटे सिलेंडरों में रिफलिंग करने वालों से 100 रुपये प्रतिकिलो की दर से गैस खरीदनी पड़ रही है। रमेश, विजयपाल, कंछिद, राकेश कहते हैं कि महंगाई में घर का खर्च ही मुश्किल हो रहा था, लेकिन अब गैस कीमत में वृद्धि ने नई मुसीबत में डाल दिया है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी में फिर शुरू हुई डीजीपी की रेस, ओपी सिंह को केंद्र ने नहीं किया रिलीव

उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: इस बंदर और कुत्ते की दोस्ती एक मिसाल है

अक्सर हम सब ने बंदर और कुत्ते की दुश्मनी देखी है लेकिन हापुड़ में बंदर और कुत्ते के बच्चे का प्यार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

15 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper