मच्छरों के बाद डॉक्टरों का ‘डंक’

Hapur Updated Fri, 31 Aug 2012 12:00 PM IST
बरसात के मौसम में बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। मच्छरों का डंक लोगों को तरह-तरह की बीमारियां दे रहा है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर मिलते नहीं। ऐसे में प्राइवेट क्लीनिक से लेकर झोलाछाप डॉक्टर चांदी काट रहे हैं। हालाता यह है कि बीमार मच्छरों के डंक से परेशान हैं और तीमारदार डॉक्टरों के डंक से। एक शरीर में दर्द दे रहा है तो दूसरा जेब पर धावा बोल रहा है। वहीं, हापुड़ के सीएमओ कहते हैं कि अभी वे नए आए हैं। तबादलों का दौर चल रहा है। कुछ दिन बाद सबकुछ व्यवस्थित हो जाएगा। लेकिन साहब तब तक तो कई जिंदगियां तबाह हो चुकी होंगी और झोलाछाप अपना रंग दिखा चुके होंगे। यदि समय रहते स्वास्थ्य विभाग चेत जाए तो दोनों डंक से छुटकारा मिल सकता है।

फल फूल रहा है, झोलाछाप चिकित्सकों का धंधा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं ले रहे सुध
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते जनपद में झोलाछाप चिकित्सकों का धंधा जमकर फलफूल रहा है। हालत यह है कि जिले में करीब पांच सौ झोलाछाप चिकित्सक भोले भाले ग्रामीणों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग स्टाफ की कमी का रोना रोकर अपना पल्ला झाड़
रहा है।
संक्रामक रोगों का सीजन शुरू होने को है। इसी के साथ लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप चिकित्सकों की फौज तैयार है। देहात में घरों के कमरों में मरीजों को भर्ती करने और हर तरह का उपचार दिए जाने का इंतजाम किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो जनपद में करीब 500 झोलाछाप चिकित्सक विभिन्न गांवों में हैं।
इन झोलाछापों के यहां जुकाम, बुखार, खांसी, वायरल, एलर्जी, के अलावा ग्लूकोज चढ़ाने तक की सुविधा रहती है। इतना ही नहीं जब कभी मरीज की हालत खराब हो जाती है तो ये झोलाछाप सेटिंग के जरिये उन्हें नर्सिंग होम तक रेफर कर देते हैं।
जनपद में नहीं हो पाया कोई झोलाछाप चिंहित
हापुड़ को जनपद बने दस माह से अधिक का समय बीत चुका है। इन दस महीनों में अभी तक विभाग एक भी झोलाछाप डॉक्टर को चिन्हित नहीं कर सका है। ऐसे में सहज ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्‍थ्य विभ्‍ााग लोगों के प्रति कितना सजग है।


महिलाओं ने खोला मोर्चा
हापुड़। जनपद में झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई के लिए बृहस्पतिवार को नारी दहेज उन्मूलन संस्था की पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर इनके खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को नारी दहेज उन्मूलन संस्था की प्रदेश अध्यक्ष अलका निम के नेतृत्व में महिलाएं डीएम कार्यालय पर पहुंची। अलका निम ने डीएम को झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि कुछ फर्जी लोग अपने नाम के आगे डाक्टर शब्द लगा भोली भाली जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इनके पास कोई डिग्री नहीं है। महिलाओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनपद के सभी गांवों व मोहल्लों में इन झोलाछापों के विरुद्ध कानूनी जांच कराई जाए। ताकि कोई भी मरीज इनके चंगुल में फंसकर अपनी जान न गंवा सके। ज्ञापन देने वालों में राजकुमारी, पिंकी गहलौत, मुन्नी कश्यप, विमला कश्यप, किरन कपूर, भरत लाल, अजय कुमार, विकास कजानिया, कांति प्रसाद आदि रहे।


बुखार से मौत पर स्वास्थ्य विभाग चेता
गढ़मुक्तेश्वर। तीन सप्ताह के भीतर बुखार से 2 मौत होने की घटना पर नींद से जागे स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव हिम्मतपुर में घर-घर जाकर बीमारों को दवाइयां बांटीं।
बरसात के कारण आबादी में जलभराव और कीचड़ तथा गंदगी की भरमार होने से क्षेत्र के अधिकांश गांवों में वायरल फीवर का प्रकोप फैला हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को हिम्मतपुर में चार टीमें भेजीं। उन्होंने घर-घर जाकर बीमारियों से जूझ रहे ग्रामीणों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवा वितरित की।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: इस बंदर और कुत्ते की दोस्ती एक मिसाल है

अक्सर हम सब ने बंदर और कुत्ते की दुश्मनी देखी है लेकिन हापुड़ में बंदर और कुत्ते के बच्चे का प्यार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

15 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper