भगवान की प्राप्ति शरणागति से संभव

Hamirpur Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
मौदहा (हमीरपुर)। बड़ी देवी मंदिर में प्रवचन के चौथे दिन शनिवार को हरिद्वार से आई जगतगुरु कृपालजी महाराज की शिष्या डा.कुंजेश्वरी देवी ने भक्तों को बताया कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें भगवान को जानना आवश्यक है। लेकिन भगवान को उनकी की कृपा से ही जाना जा सकता है, मगर भगवत कृपा की एक शर्त शरणागति है।
उन्होंने बताया कि गीता में भगवान ने कहा है कि जो केवल उनकी शरण में आते हैं वह ही कृपा को प्राप्त करते हैं। रामायण में भी कहा गया है कि बिनु हरि भजन न भव तरिया। बताया कि लक्ष्य की प्राप्ति इसलिए नहीं हो पा रही क्योंकि अभी तक हम भगवान की ही शरणागति नहीं कर रहे हैं। अर्थात अपने मन में संसार के आश्रय हो या अन्य देवी देवताओं का आश्रय ले रखा है। डा.कुंजेश्वरी देवी ने द्रौपदी के चीरहरण का उदाहरण देते हुए बताया कि जब चीर खींचा जा रहा था तब द्रौपदी ने सबसे पहले अपने पतियों को पुन: उपस्थित आदरणीय गुरुजनों जेष्ठ पितामह आदि को पुकारा। जब किसी ने सहायता नहीं की तोे अपना बल लगाया साड़ी को दांतो से दबाया। साथ ही भगवान को पुकारा। उस वक्त भगवान द्वारिका मे भोजन कर रहे थे। पुकार सुनते ही वह रुक गए तब रुक्मणी के पूछने पर कहा कि द्रौपदी को उन पर भरोसा नहीं है। अभी उसने अपना बल भी लगा रखा है तो वह कै से जाएं और जैसे ही दांतों से साड़ी छूटी द्रौपदी ने भगवान को पुकारा तो तुरंत अब्रावतार हो गया। यही बात गीता में भी अर्जुन को बताई। अर्जुन एक मात्र उनका ही अवलंबन लो। लेकिन इतनी गत बातों शरणागति के विषय में कौन बताए। कहा कि जिन्होंने स्वयं शरणागति को प्राप्त की हो वह ही बता सकते हैं। आरती के साथ प्रवचन को समाप्त किया।

Spotlight

Most Read

Mahoba

मंडल में जीएसटी की कम वसूली देख अधिकारियों के कसे पेंच

कर चोरी पर अब होगी सख्त कार्रवाई-

19 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: हमीरपुर में इस वजह से एक साथ 30 से ज्यादा बच्चे बीमार

हमीरपुर के थाना कुरारी में एक सरकारी स्कूल के तीस से ज्यादा बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

18 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper