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खोखाधारक बोले एक पैसा नहीं देंगे

Hamirpur Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। खोखा विवाद को लेकर खोखाधारक मुखर हो गए हैं। साफ कर दिया है कि खोखों से उठ कर खोखों में ही बैठना है तो पैसे किस बात के। यूनियन की बैठक में खोखाधारकों ने कहा कि उन्हें नगर परिषद के दिए गए नोटिस मंजूर नहीं हैं। जब उन्हें खोखों से उठाकर खोखों में ही बिठाया जा रहा है तो फिर पैसे किस बात के लिए जा रहे हैं। खोखाधारकों ने पैसे देने से मना कर दिया है।
खोखाधारकों का कहना है वह पिछले 30 साल से इस जगह पर बैठे हुए हैं, और नगर परिषद को किराया देते आ रहे हैं। यदि नए खोखों का निर्माण उसी साइज में किया जाना है और छत भी टीन की डालनी है तो खोखाधारकाें को 1 लाख 35 हजार रुपये देने का क्या लाभ। महंगाई में एक खोखाधारक इतनी बड़ी रकम कहां से चुकाएगा। उसके बाद किराया बढ़ाने की बात भी की जा रही है जो कि खोखाधारकों को कतई मंजूर नहीं है। खोखाधारकों ने यह तर्क भी दिया कि मेन बाजार में रेहड़ी फहड़ी वालों से 85-85 हजार रुपये लेकर पक्की दुकानें बनाई जा रही हैं। नगर परिषद की ओर से नए खोखे बनाने के लिए खोखाधारकों को 1 लाख 35 हजार रुपये जमा करवाने के लिए नोटिस भेजे गए हैं और 15 मई तक पैसे जमा करवाने को कहा गया है। बैठक में नरपत शर्मा, अमर चंद, अश्वनी, जोगिंद्र कुमार, परमानंद, गोल्डी, छिंदा, पवन शर्मा, मान सिंह, कुलदीप, रिंकू, करतार चंद, सुभाष, जय राम, विजय कुमारी, पवन कुमार, लाभ सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
इस संदर्भ में नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी राजकृष्ण शर्मा का कहना है कि खोखाधारकों को पैसे जमा करवाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि 15 मई के बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में कुछ कहा जा सकेगा।

खोखों पर होगा संस्था का अधिकार
हमीरपुर। नगर परिषद की ओर से बस अड्डे के बाहर बनाए जा रहे खोखों पर नगर परिषद का अधिकार नहीं रहेगा। इन खोखों पर एक संस्था का अधिकार होगा। जिस जगह पर खोखों का निर्माण किया जाना है, उसका कुछ हिस्सा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर का है। संस्था में स्कूल प्रशासन की ओर से सदस्य, नगर परिषद की ओर से सदस्य और कुछ सदस्य जिला प्रशासन की तरफ से होंगे। खोखों से आने वाले किराए का कुछ हिस्सा नगर परिषद को जाएगा, शेष राशि संस्था के खाते में जाएगी।

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