बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

शिक्षा, स्वास्थ्य की खुली पोल, डाक्टर, कर्मी गोल

Hamirpur Updated Wed, 13 Feb 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को पटरी पर लाने की तमाम कवायद कर रही है लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जुड़े कर्मचारी व अधिकारी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। हर हाल में ये कर्मचारी सरकार की योजनाओं को कामयाब नहीं होने दे रहे हैं। हाल ही में हुए निरीक्षणों में स्कूलों और सीएचसी , पीएचसी का पूरा स्टाफ अपनी ड्यूटी से गायब मिला। टीचर स्कूल से और डाक्टर व नर्स अस्पताल से गायब मिले। पूरे जिले में अफसरों और कर्मचारियों का यही रवैया दिखा। कोई कई दिनों से गायब हैं और एक साथ महीने भर की हाजिरी लगा लेते हैं।
विज्ञापन

सरीला (हमीरपुर)। मंगलवार को उप जिलाधिकारी प्रबुद्ध सिंह और तहसीलदार ने अलग अलग अस्पतालों और स्कूलों के निरीक्षण में सरकारी कर्मियों की लापरवाही का मामला जगजाहिर हो गया। निरीक्षण में तीन डाक्टर तीन टीचर और दो शिक्षामित्र अपनी ड्यूटी से गायब मिले। अस्पतालों में दवाओं का स्टाक नहीं मिला जबकि गंदगी चारो ओर फैली मिली। अफसरों ने डीएम को भेजी आख्या में गैरहाजिर कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने की संस्तुति की है।

उप जिलाधिकारी ने बताया कि मंगलवार को कसबे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आकस्मिक निरीक्षण में चिकित्सक डा.अशोक कुमार व डा.विकास राय गायब थे। बताया गया कि ये लंबे समय से गायब है। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोहांड में दवाओं का अभाव मिला। डा.नीरज शर्मा व स्टाफ नर्स शैली सक्सेना भी लंबे समय से गैरहाजिर मिलीं। प्राथमिक विद्यालय जरियाटीला, जूनियर विद्यालय कमोखर व जूनियर हाईस्कूल हरसुंडी बंद मिले। हरसुंडी प्राथमिक में टीचर राजेश कुमार शिक्षामित्र उमादेवी व जूनियर में अटल बिहारी की तैनाती है। जूनियर हाईस्कूल पचखुरा व सुटार में बच्चों की संख्या कम मिली। बिलगांव के प्राथमिक स्कूल में हैंडपंप खराब मिला। कै मोखर स्कूल में सफाई व्यवस्था नहीं मिली। कन्या विद्यालय इटैलियाबाजा में छात्रों की संख्या नाममात्र की मिली। इसी गांव के कन्या जूनियर स्कूल में बाउंड्रीवाल न होने की शिकायत ग्रामीणों ने की। निरीक्षण में उपजिलाधिकारी को किसी भी विद्यालय में मिड डे मील संतोषजनक नहीं मिला। उन्होंने बताया कि निरीक्षण आख्या में जिलाधिकारी को भेजी है इसमें कार्रवाई की संस्तुति की है।
dlअमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। बेसिक शिक्षाधिकारी ने लापरवाह तीन टीचरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। गोहांड ब्लाक संसाधन केंद्र के सह समन्वयक को नवोदय विद्यालय में परीक्षा फार्म भराने के बाद कुछ फार्म जमा नहीं करने पर निलंबित कर दिया है। तीन स्थानों पर कक्षों का निर्माण अधूरा मिलने पर टीचर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं मिड डे मील में बच्चों की संख्या अधिक दिखाकर गड़बड़ी करने के आरोप में एक टीचर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बेसिक शिक्षाधिकारी डा.वीके शर्मा ने बताया कि सोमवार क ो मौदहा ब्लाक के सिजवाही गांव के प्राथमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पंजीकृत 176 बच्चों में सिर्फ 11 मिले। दोपहर 1 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक श्यामलाल ने भोजन पंजिका में खाद्यान्न व कंवर्जन कास्ट का अंकन नहीं किया था। पाया गया कि भोजन रजिस्टर में प्रत्येक दिन संबंधित प्रधानाध्यापक ने 65 से 70 छात्र उपस्थित दर्ज की है। इसके चलते उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया है। बीएसए ने बताया कि खंडशिक्षा अधिकारी गोहांड ने सोमवार को भेजी आख्या में ब्लाक संसाधन केंद्र में सह समन्वयक टीचर मुन्नालाल अपने कार्यों का सही तरीके संपादन नहीं कर रहे है। नवोदय विद्यालय परीक्षा में परीक्षार्थियों के कुछ फार्मों को कार्यालय में जमा नहीं किया। इनकी लापरवाही से परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो गए। इसके चलते मुन्नालाल क ो निलंबित कर दिया गया है। बीएसए ने बताया कि मौदहा विकासखंड के सिसोलर गांव के प्राथमिक विद्यालय में तीन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण को कम्हरिया में कार्यरत सहायक टीचर काजीनईमउद्दीन को 6 लाख 3 हजार रुपए दिए गए। संबंधित टीचर ने धनराशि आहरित कर ली लेकिन कक्षों का निर्माण सिर्फ 50 फीसदी ही हुई है। शेष कार्य पूरा कराने के लिए खंडशिक्षा अधिकारी मौदहा के स्तर से उन्हें अवगत कराया गया। इसके बावजूद कार्य कराने में आनाकानी करने पर खंडशिक्षा अधिकारी तारकेश्वर पांडेय को निर्देशित किया है कि वह संबंधित टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।
राठ(हमीरपुर)। उपजिलाधिकारी रामयश गौतम के निरीक्षण के दौरान सीएचसी और पीएचसी अस्पतालों के प्रभारियों के गायब रहने से स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। इस पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त की है।
मंगलवार को एसडीएम रामयश गौतम ने संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण में अस्पताल की नर्स पदमा सचान, फार्मासिस्ट शैलेंद्र और राजेश कुमार गायब मिले। अस्पताल के अधीक्षक डा. एसपी सिंह भी बाहर गए थे। एसडीएम ने अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन धनराशि चेक के वितरण रजिस्टर की जांच की। इसी तरह से एसडीएम ने क्षेत्र के नौरंगा गांव में स्थित सीएचसी केंद्र के निरीक्षण में 1 फरवरी से अस्पताल के प्रभारी डा. रूद्ध सिंह के गायब रहने पर नाराजगी व्यक्त की। अस्पताल की एलएचबी आशा शुक्ला, एच एस उमाकांत भी गायब मिले। एसडीएम ने कसबा खेड़ा स्थित स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि फार्मासिस्टों के न होने के कारण दवाओं का स्टाक नहीं देख सके। एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास भेज दी है।


आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us