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बरसात ने मसूर की फसल को लगाया बट्टा

Hamirpur Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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गेहूं की फसल में पानी लगाने से बचे किसान
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हमीरपुर। दो दिन पूर्व तक तीन दिन हुई रुक रुककर हुई बारिश से किसानों के चेहरों में मुस्कान अधिक मायूसी कम देखने को मिली। किसानों का कहना है कि बेमौसम हुई बारिश से दलहनी फसलों में सिर्फ मसूर की फसल को नुकसान पहुंचा है। जबकि तिलहन में सरसों के फू ल झड़ जाने से मामूली नुकसान हुआ है। लेकिन अन्य फसलों में बारिश के पानी ने अमृत के तरीके काम किया है। मौसम साफ हो जाने और धूप निकलने से फसलों के ग्रोथ में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही गेहूं की फसल की सिंचाई में खर्च होने वाले दाम भी बच गए है। इसके अलावा गेहूं की फसल की औसत पैदावार बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
बीते सोमवार को दोपहर से मौसम बदमिजाज हो गया और देखते ही देखते आसमान में बादल घुमड़ने लगे। जो शाम होते होते बारिश में तब्दील हो गए। मेघा झूमकर बरसे, जिससे खेत पानी से लबालब हो गए। सदर तहसील में 70 एमएम बारिश होने के चलते सबसे अधिक खेतों में पानी दिखाई दिया। जबकि मौदहा व राठ तहसील क्षेत्र में औसत वर्षा हुई। जो फसलों के लिए अमृत सामान रहा। इसके साथ ही मंगलवार को बारिश नही हुई। लेकिन बुधवार को फिर मौसम खराब हुआ और जिले में कुल 8 एमएम बारिश दर्ज की गई। कुरारा विकासखंड क्षेत्र में देर शाम ओले गिरने के भी खबरें आई। इस बारिश के नफा नुकसान के बारे में किसानों की अलग अलग राय देखने को मिली। वैसें ज्यादातर किसानों ने यही बताया कि सबसे अधिक नुकसान मसूर की फसल को हुआ है। अन्य फसलों को लाभ ही लाभ है।


खेत की मिट्टी में चिपक गए मसूर की फसल
फोटो परिचय 08 एचएएमपी 2 देवेंद्र पालीवाल।
चंदौखी के प्रगतिशील किसान देवेंद्र पालीवाल का कहना है कि बारिश होने के चलते मसूर की फसल जमींन से चिपक गई है। जिससे इस फसल के नुकसान होने की संभावना अधिक है। इस फसल की पैदावर में करीब 40 प्रतिशत के खराब हो जाने की संभावना है। अन्य फसलों में बारिश के पानी का फायदा ही फायदा है।

सरसों में फूल गिरने की शिकायत
फोटो परिचय 08 एचएएमपी 3 रामकिशोर सिंह।
टेढ़ा के किसान रामकिशोर सिंह का कहना है कि सरसों की फसल में फूल चढ़ रहा है। बारिश होने से सरसों के फूल गिरने की शिकायत हुई है। जिससे इसकी पैदावार में भी फर्क पड़ेगा। बारिश का पानी गेहूं, चना, अरहर सहित अन्य फसलों के लिए अमृत समान है। इस क्षेत्र में भी मसूर की फसल में नुकसान पहुंचा है। लेकिन बारिश के कारण अन्य फसलों के लाभ को देखते हुए नुकसान न के बराबर है।

बरसात से चना मटर को लाभ
फोटो परिचय 08 एचएएमपी 4 प्रकाशबाबू शिवहरे।
सुमेरपुर कसबे के प्रगतिशील किसान प्रकाशबाबू शिवहरे ने बताया कि बारिश से मसूर व सरसों की फसलों को करीब 25 प्रतिशत का नुकसान है। जबकि चना, गेहूं व अन्य दलहनी फसलों के लिए बारिश के पानी ने लाभ पहुंचाया है। सबसे बड़ी बात यह हुई है कि किसानों को गेहूं में सिंचाई के लिए परेशान नही होना पड़ेगा। उनका डीजल आदि का खर्च भी बच गया है।

बारिश का पानी सोने के समान
कृषि रक्षा इकाई सुमेरपुर के प्रभारी पीडी प्रजापति का कहना है कि बारिश से किसानों को लाभ ही लाभ मिला है। मसूर व सरसों में 10 से 25 फीसदी नुकसान होने की संभावना जरूर दिख रही है। लेकिन अन्य फसलों के लिए बारिश का पानी सोने के समान है। बरसात से फसलों की ग्रोथ व पैदावार बढ़ने की संभावना है। जो नुकसान की भरपाई हर तरह से कर देगी।

फसलों का रकबा एक नजर में
फसल रकबा (हेक्टेयर में) फसल रकबा (हेक्टेयर में)
मसूर 13665 चना 10840
मटर 1070 सरसाें 1995
अरहर 12360 गेहूं 73436

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