किसी भी स्कूल में बनता नहीं मिला मिड डे मील

Hamirpur Updated Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
पांच स्कूलों के निरीक्षण में खुली मध्याह्न भोजन योजना की पोल
मौदहा (हमीरपुर)। स्कूली बच्चों के लिए मिड डे मील योजना अभी भी ज्यादातर विद्यालयों में ठप है। जबकि शिक्षा विभाग दावा कर रहा है कि एक करोड़ से अधिक की धनराशि स्कूलों में भोजन व्यवस्था के लिए भेज दी गई है। बीडीओ ने मिडडे मील की जांच के लिए एडीओ को भेजा तो पाया कि पंाच स्कूलों में मिड डे मील योजना ठप है।
बीते चार माह से मिड डे मील योजना में खर्च होने वाली धनराशि नही भेजी गई है। जिससे 75 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में यह योजना ठप कर दी गई थी। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा यह योजना संचालित करने के लिए और मासूम स्कूली बच्चों को गुणवत्ता युक्त मीनू के अनुसार भोजन मुहैया कराने के लिए एक करोड़ से अधिक की धनराशि विकासखंड क्षेत्र के बेसिक, प्राइमरी, जूनियर व वित्त पोषित प्राथमिक, जूनियर व इंटर कालेजो के इस योजना के खाते में भेजे जाने का दावा किया था और इसके लिए तहसील स्तरीय टास्क फोर्स भी गठित किया गया था। जिसमें निर्देश दिए गए थे कि संबंधित अधिकारी प्रत्येक माह 5 स्कूलों का निरीक्षण कर मिड डे मील योजना की जांच पड़ताल करेगे। इस आदेश के तहत आज विकासखंड क्षेत्र के इचौली प्राथमिक, यहीं के पहलवान सिंह इंटर कालेज तथा जिगनौड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय व गुसियारी गांव के पूर्व माध्यमिक स्कूलों की जांच में मिड डे मील योजना ठप पाई गई। इस संबंध में गांव प्रधान लदार सहित कई प्रधानों ने बताया कि चार माह से योजना का पैसा न आने की वजह से ज्यादातर स्कूलों में मिडडे मील योजना ठप है।
खंड शिक्षा अधिकारी तारकेश्वर पांडेय ने बताया कि अभी तक भेजी गई धनराशि खातों में नहीं पहुंची। हालांकि उन्होंने कहा कि कुछ ही स्कूलों में मिड डे मील नहीं बन रहा है।
चालीस दिन से नहीं मिला बच्चों को खाना
dlअमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। राजकीय इंटर कालेज में जूनियर स्तर के बच्चों को करीब 40 दिनों से मध्याह्न भोजन नही मिल पा रहा है। जिसकी शिकायत उन्होंने विद्यालय प्रधानाचार्य से की तो उन्होंने कनवर्जन कास्ट न होने की बात कही है।
केंद्र सरकार ने परिषदीय विद्यालयों व राजकीय इंटर कालेजों के जूूनियर स्तर के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए मध्याह्न भोजन योजना संचालित कर रखी है। लेकिन समय से कनवर्जन कास्ट न मिलने के चलते यह योजना धराशायी होती नजर आ रही है। इसका नमूना मुख्यालय का राजकीय इंटर कालेज है, यहां कक्षा 6 से 8 तक करीब 125 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों को बीते 8 सितंबर से मध्याह्न भोजन नसीब नही हो रहा है। भोजन न मिलने से ज्यादातर बच्चों ने स्कूल आना छोड़ दिया है। जबकि उनकी उपस्थिति भी दर्ज की जा रही है। विद्यालय के छात्र विकास, विपिन, अरिमर्दन, बृजेश, अनुराग, उत्कर्ष, प्यारेलाल, राजेश आदि ने बताया कि एक महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी उन्हें मध्याह्न भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उधर प्रधानाचार्य बीके गुप्ता का कहना है कि उन्हें जुलाई से अभी तक कोई भी कनवर्जन कास्ट नही मिली। उन्होंने करीब 20 हजार रूपए का सामान दुकानदार से उधार लेकर जुलाई, अगस्त व सितंबर में भोजन बनवाया है। अब उनकी क्षमता से बाहर हो गया है। इसी के चलते 8 सितंबर से मिड डे मील संचालन ठप है।

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