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दियोटसिद्ध मंदिर में एस्कलेटर से बाबा के दर पहुुंचेंगे श्रद्धालु

Shimla	 Bureauशिमला ब्यूरो Updated Tue, 06 Jun 2017 11:51 PM IST
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प्रवीण कुमार
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हमीरपुर। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में जल्द ही श्रद्धालु एस्कलेटर से पहुंच सकेंगे। मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त एवं उपायुक्त हमीरपुर मदन चौहान ने इस बारे में मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन को निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने चेयरमैन से कहा है कि वह शीघ्र टेक्निकल विशेषज्ञों की मदद लेकर एस्कलेटर की डीपीआर तैयार करवाएं ताकि मंदिर ट्रस्ट की बैठक में स्वचालित मशीन पर आने वाले खर्च के प्रस्तावित को पारित करवाया जा सके। बाबा के दरबार में शीश नवाने आने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य गेट से मंदिर तक अब पैदल सीढ़ियां नहीं उतरनी पड़ेंगी। दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर मे हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। चैत्र मेलों के दौरान काफी भीड़ रहती है। मंदिर का चढ़ावा भी करोड़ों में है। मंदिर पहुंचने के लिए मुख्य बाजार और पुलिस चौकी दो रास्ते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी और उतरनी पड़ती हैं। इस कारण बुजुर्ग, महिला श्रद्धालु, दिव्यांग और बीमार लोगों को मंदिर पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर ट्रस्ट की बैठक में रैंप की मांग उठती रही है लेकिन गहरी-उतराई के चलते रैंप पर व्हीलचेयर से दुर्घटना का अंदेशा होने के चलते यह प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया। अब मंदिर आयुक्त ने एस्कलेटर का सुझाव दिया है। साथ ही मंदिर में प्राकृतिक आपदा के दौरान इमरजेंसी निकास द्वार नहीं है। श्रीनैना देवी समेत दक्षिण भारत के मंदिरों में कई बार भगदड़ की वारदातें हो चुकी हैं। इन हादसों से सबक लेकर मंदिर आयुक्त ने इमरजेंसी निकासी द्वार और रास्तों को लेकर भी मंदिर चेयरमैन को निर्देश दिए हैं। वर्तमान में मंदिर में भगदड़ मचने पर सुरक्षा के कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं।
क्या कहते हैं मंदिर आयुक्त
बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त मदन चौहान ने कहा कि पौणाहारी के दरबार में हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर तक पहुंचने में बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार व बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर चेयरमैन को एस्कलेटर का प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मंदिर में प्राकृतिक आपदा के समय इमरजेंसी निकास द्वार और रास्तों को लेकर भी निर्देश दिए हैं।

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