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सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस जन्माष्टमी मथुरा में कराएं राधा-कृष्ण युगल पूजा, 24 अगस्त को
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यहां देखें, योगी के 56 सदस्यीय मंत्रिमंडल का जातीय गणित, किस जाति को कितना प्रतिनिधित्व

लगभग 28 महीने बाद योगी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये कहीं न कहीं जातीय समीकरणों को दुरुस्त करने के साथ उन्हें संदेश देकर साधे रखने की भी कोशिश की गई है।

22 अगस्त 2019

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गोरखपुर

गुरूवार, 22 अगस्त 2019

खादी पर संकट, 1000 बुनकरों ने तोड़ा नाता

खादी पर संकट, 1000 बुनकरों ने तोड़ा नाता
विवेक सिंह
गोरखपुर। गोरखपुर-महाराजगंज जिलों में खादी पर संकट के बादल मड़रा रहे हैं। यहां खादी का उत्पादन 40 फीसदी तक गिर गया है। सालाना कमाई पांच करोड़ से घटकर तीन करोड़ रुपये पर आ गई है। पिछले दो सालों में क्षेत्रीय गांधी आश्रम से जुड़े 2200 बुनकरों में से 1022 ने खादी का काम छोड़ दूसरे व्यवसायों का रुख कर लिया है। ऐसे में क्षेत्रीय गांधी आश्रम से संबद्ध इन दोनों जिलों के 43 खादी आश्रमों में से कई के बंद होने की नौबत है।
क्षेत्रीय गांधी आश्रम 2016 से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। राज्य सरकार की ओर से गांधी आश्रम को दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान नहीं होने से परिस्थितियां और खराब हो गईं हैं। करीब 68 लाख रुपये सब्सिडी बकाया है। इसे लेकर गांधी आश्रम की ओर से कई बार प्रदेश सरकार से पत्राचार किया गया है, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गोरखपुर के खादी की डिमांड मुंबई, राजस्थान, दिल्ली के साथ साथ विदेशों तक है। वर्तमान स्थितियों में इन जगहों पर की जाने वाली खादी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है।
जर्मनी, फ्रांस और जापान तक है डिमांड
क्षेत्रीय गांधी आश्रम गोरखपुर के खादी के डिमांड फ्रांस, जर्मनी, साउथ अफ्रीका, जापान और इटली में भी है। दो साल पहले क्षेत्रीय गांधी आश्रम का जयपुर स्थित राजस्थान खादी संघ से करार हुआ है। वहीं, मुंबई के ठाणे स्थित रेमंड कंपनी भी गोरखपुर से खादी की सप्लाई लेती है। उत्पादन में गिरावट से इन जगहों पर भी खादी की सप्लाई समय से नहीं हो पा रही है।
प्रधानमंत्री से मिल चुका है सम्मान
क्षेत्रीय गांधी आश्रम को वर्ष 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के हाथों उत्कृष्ट खादी कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। मगर,.उदासीनता के चलते आज यह अपने वजूद बचाने की लड़ाई लड़ रहा है।
इसलिए मिलती है सब्सिडी
प्राकृतिक धागे और रंग से बनी होने से खादी हर मौसम में आरामदायक होती है। इसकी कताई और बुनाई हाथ से होने से दाम अन्य कपड़ोें से महंगे होते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से खादी को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी दी जाती है, ताकि इसे वाजिब दाम पर बेंचा जा सके। बीते दो सालों से सब्सिडी न मिलने से बुनकरों को समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है।
::: कोट
प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का भुगतान नहीं होने से कई बुनकरों का मेहनताना नहीं दिया जा सका है। इस वजह से बुनकर गांधी आश्रम से कटते चले गए। कई दफा सरकार से पत्राचार किया गया है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। जल्द ही प्रमुख सचिव से मिलकर इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराएंगे। - विशेषर नाथ तिवारी, मंत्री क्षेत्रीय गांधी आश्रम ... और पढ़ें

आंखों पर पट्टी बांध बाइक नही चला सके जादूगर शहंशाह

आंखों पर पट्टी बांध बाइक नही चला सके जादूगर शहंशाह
गोरखपुर। शहर में चल रहे मैजिक शो के मुख्य जादूगर शहंशाह का यहां की सड़कों पर आंखों पर पट्टी बांधकर बाइक चलाने का सपना पूरा नही हो सका। मंगलवार को मोहद्दीपुर के एक बाइक एजेंसी से निकलने वाली रैली को एडीएम सिटी ने हरी झंडी तो दिखाई लेकिन जादूगर की बाइक आगे नही बढ़ सकी। मोहद्दीपुर चौकी प्रभारी ने रैली को रोक दिया।
शहर के बैंक रोड स्थित एक मैरेज हाउस में जादूगर शहंशाह का मैजिक शो चल रहा है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संदेश को को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को जादूगर अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर शहर की सड़कों पर 15 किमी बाइक चलाने वाले थे। रैली के मुख्य अतिथि एडीएम सिटी थे। तय समय और स्थान पर जादूगर अपने सहयोगियों के साथ पहुंच गए। एडीएम सिटी हरी झंडी दिखाकर वहां से चले गए। आंखों पर पट्टी बांधे जादूगर की बाइक आगे बढ़ने ही वाली थी कि मोहद्दीपुर चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंच गए और बाइक रैली को रोकते हुए आयोजक से रैली का अनुमति पत्र मांगा। लेकिन आयोजक अनुमति पत्र नही दिखा सके। इस दौरान पुलिस और आयोजक के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। लेकिन इसका कोई निष्कर्ष नही निकला और पुलिस ने रैली को रोक दी । ... और पढ़ें

फर्जीवाड़ा: 300 लाइसेंस जारी होने की आशंका, 14 लोग रडार पर

फर्जीवाड़ा: 300 लाइसेंस जारी होने की आशंका, 14 लोग रडार पर
गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस पर असलहे खरीदने के मामलों की संख्या सैकड़ों तक पहुंच सकती है। एक मामला पकड़ में आने के बाद जांच शुरू हुई तो 34 ऐसे लाइसेंस जारी होने की संभावना जताई गई थी। यह संख्या अब बढ़कर 300 के करीब पहुंच गई है। लाइसेंस हासिल करने वाले ज्यादातर लोग हाई प्रोफाइल है इस वजह से पुलिस फूंक फूंककर कदम रख रही है। पुलिस के रडार पर 14 लोग हैं, जिनकी निगरानी की जा रही है।
फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सील किए गए रवि गन हाउस को पुलिस एक बार फिर खोल कर जांच कर सकती है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए दुकान से दस्तावेज हासिल किया जाना जरूरी है। कोशिश है कि आरोपियों की फोटो हासिल की जाए। डीएम दफ्तर से लाए गए दस्तावेजों की जांच में अब तक पुलिस को कुछ हासिल नहीं हो सका है।
...
कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों की भूमिका भी जांचेगी पुलिस
पिछले दो सालों में कलेक्ट्रेट में असलहा लाइसेंस संबंधी काम देखने वाले कर्मचारियों के भूमिका की भी पुलिस जांच करेगी। इनसे पूछताछ की जा सकती है। दुकान से आने वाली सूचनाओं की जांच हुई या नहीं इसकी भी जांच होगी। किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उस पर कार्रवाई संभव है।
पुलिस के साथ मेडिकल टीम भी लखनऊ जाएगी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गईं है। गन हाउस के मालिक को हिरासत में लेने के लिए मेडिकल टीम के साथ पुलिस जल्द लखनऊ रवाना होगी। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है लेकिन अभी तक तनवीर की ही गिरफ्तारी हो सकी है। मास्टर माइंड गोपीनाथ, विशाल और शिवम की सटीक लोकेशन अब भी पुलिस के पास नहीं है।
कोट
पूरे प्रकरण में कई बड़े नाम भी सामने आ रहे हैं। पुलिस को अब तक 14 ऐसे लोगों के नाम पता चले है जो रैकेट को संचालित कर रहे थे, उनकी तलाश में टीमें लगाई गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। - रोहन प्रमोद बोत्रे, एएसपी ... और पढ़ें

62 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प

‘गुरु नानक देव देहदान मिशन’
62 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प
विवेक सिंह
गोरखपुर। ‘नर मरे किछु काम न आवे, पशु मरे दस काज संवारे’ सिखों के पहले गुरु गुरुनानक देव जी की ये पंक्तियां ज्यादातर लोगों ने पढ़ीं हैं, मगर इसे सही मायने में कुछ लोग ही आत्मसात कर पाते हैं, इनमें से एक जटाशंकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भी है। कमेटी ने देहदान की एक अनूठी पहल शुरू कर, सिख समाज के लोगों के साथ साथ करीब 62 लोगों को देहदान के प्रति प्रेरित किया है। इस संबंध में इन लोगों ने बाकायदा गुरुद्वारा में अपना रजिस्ट्रेशन भी कराया है।
जटाशंकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने बताया कि ‘गुरु नानक देव निशुल्क रक्तदान सेवा केंद्र’ का संचालन पिछले सात वर्षों से किया जा रहा है। हर महीने रक्तदान शिविर का आयोजन कर अब तक हजारों लोगों को निशुल्क रक्त मुहैया कराया गया है। दो साल पहले लखनऊ में घटित एक दुखद घटना में जान गंवाने वाली बेटी ने देहदान की आखिरी इच्छा अपने पिता से जाहिर की थी। मीडिया के माध्यम से जब इसकी जानकारी उन्हें मिली तो गुरुद्वारा कमेटी ने इस दिशा में काम करना शुरू किया। पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू ने बताया कि जागरूकता के लिए गुरुद्वारा परिसर में ‘गुरु नानक देव देहदान मिशन’ का अभियान चलाना शुरू किया। बैनर और पोस्टर लगाए, वहीं धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों को इस मुहिम से जुड़ने की अपील की गई। शुरूआत में गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े लोगों को छोड़ दे तो कोई सामने नहीं आए, मगर सिख समाज के इन लोगों ने हार नहीं मानी, सतत प्रयास जारी रखा। दो साल के अंदर अब तक 62 लोग इसके लिए अपनी सहमति दे चुके हैं।
सरकारी प्रक्रिया को जल्द किया जाएगा पूरा
इस मुहिम से 62 लोगों को जोड़ा जा चुका है। देहदान से जुड़ी सरकारी प्रक्रिया को पूरा करने की कवायद चल रही है। जल्द ही इसे भी पूरा किया जाएगा। कोशिश है कि नवंबर में गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व तक इसे पूरा किया जाएगा। - जगनैन सिंह नीटू, सदस्य पंजाबी अकादमी
मुहिम का हिस्सा बनना खुशनसीबी
मृत्यु के बाद हमारी शरीर की आंखें, गुर्दे, ब्रेन पार्ट सहित अन्य अंग जरूरतमंद, असहाय व गरीब लोगों की जान बचाने के काम आएं । इससे बढ़कर कोई समाज सेवा नहीं हो सकती है। खुशनसीब हूं कि इस मुहिम का हिस्सा हूं। - चरनप्रीत सिंह, समाजसेवी
इससे बढ़कर नहीं कोई सौभाग्य
शरीर की मृत्यु और दाह संस्कार के बाद केवल राख का ढेर मात्र रह जाता है। यदि मानव कल्याण में हमारे अंग या देह काम आए तो इससे बढ़कर सौभाग्य की बात क्या हो सकती है। इसका उपयोग प्रशिक्षु डॉक्टर भी कर सकेंगे। -जसपाल सिंह, अध्यक्ष जटांशकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
महादान है देहदान
देहदान से बड़ा कोई महादान नहीं होता है। इसे महादान की श्रेणी में इसलिए रखा गया है क्योंकि मृत देह मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टरों के लिए एक साइलेंट टीचर की तरह काम आती है। इससे रिसर्च के क्षेत्र में विद्यार्थी और बेहतर काम कर सकेंगे। - रजिंदर सिंह, प्रबंधक जटाशंकर गुरुद्वारा
क्या है सरकारी प्रक्रिया
18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका कोई भी व्यक्ति देहदान के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी में सीधे संपर्क कर सकता है।
संकल्प पत्र भरने के लिए स्वयं का संकल्प, संकल्पकर्त्ता की दो फोटो, स्वयं की फोटो पहचान पत्र की छायाप्रति, स्थायी निवास से संबंधित प्रमाण पत्र की छायाप्रति, दो गवाहों की सहमति (रक्त संबंधी) के हस्ताक्षर, गवाहों के फोटो, फोटो पहचान पत्र एवं स्थायी निवास संबंधित प्रमाण पत्र की छायाप्रति लगानी होती है।
मृत्यु के 10-12 घंटे के अंदर देहदान किया जाता है, देहदान के समय पंजीकृत चिकित्सक के द्वारा जारी किया गया मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य होता है। वहीं निकटतम परिजनों का फोटो पहचान पत्र और निवास की जरूरत पड़ती है।
मृत्यु के बाद जरूरी नहीं की जहां आवेदन किया हो उसी मेडिकल कॉलेज को शरीर सौंपना पड़े। व्यक्ति जिस शहर में हो परिजन वहां के मेडिकल कॉलेज में शरीर दिया जा सकता है।
2011 से चल रही है प्रक्रिया
मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में देहदान को लेकर जागरूकता का अभाव है। यही वजह है कि इसके लिए ज्यादा लोग आवेदन नहीं करते हैं। वर्ष 2011 से अब तक 70 लोगों ने ही इसके प्रति सरकारी प्रक्रिया को पूरा किया है। इसमें प्रधानाचार्य, बैंककर्मियों के साथ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तक शामिल हैं। खुशी है कि देहदान को लेकर सिख समाज ने जागरूकता दिखाई है। इनसे संपर्क स्थापित कर प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। ... और पढ़ें
जटाशंकर गुरुद्वारा में लगा देहदान का बोर्ड जटाशंकर गुरुद्वारा में लगा देहदान का बोर्ड

सरकारी एंबुलेंस के मरीज को निजी एंबुलेंस में ‘बेचते’ रंगे हाथ पकड़ा

सरकारी एंबुलेंस के मरीज को निजी एंबुलेंस में ‘बेचते’ रंगे हाथ पकड़ा
मेडिकल कॉलेज। सरकारी एंबुलेंस (108 नंबर) चालक को एक मरीज को नर्सिंग होम के लिए ‘बेचते’ हुए, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ गणेश आचार्य ने बुधवार को रंगे हाथों पकड़ लिया। 108 सेवा का चालक मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने लाया था, लेकिन उसे कॉलेज कैंपस में ही एक नर्सिंग होम की एंबुलेंस में शिफ्ट किया जा रहा था।
निजी एंबुलेंस चालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया और 108 नंबर के एंबुलेंस कर्मचारियों का परिचयपत्र जब्त कर लिया गया। इसके बाद प्राचार्य ने मरीज को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराके इलाज शुरू करवा दिया।
यह खुला खेल है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर निजी एंबुलेंस वैन खड़ी करके मरीज व उनके परिजनों को बरगलाया जाता है। साथ ही बिचौलियों के माध्यम से मरीजों को फंसाकर नर्सिंग होम ले जाते हैं। प्राचार्य के मुताबिक सरकारी एंबुलेंस से आने वाले मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए था लेकिन उसे सरकारी एंबुलेंस से ही सीधे निजी एंबुलेंस (जेजे हास्पिटल, बस्ती) में शिफ्ट किया जाने लगा। इस दौरान मेरी निगाह पड़ गई और वैन को रुकवा लिया। पूछताछ से पता चला कि बिचौलिए मरीजों को पकड़ते हैं, फिर कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज में जगह नहीं है। निजी नर्सिंग होम में बढ़िया इलाज हो जाएगा। परेशान मरीज व तीमारदार उनके झांसे में आ जाते हैं। नर्सिंग होम में जब मरीज आर्थिक रूप से टूट जाता है, उसकी हालत और बिगड़ जाती है, फिर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। जिस एंबुलेंस को पकड़ा गया था, उसके चालक को गुलरिहा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी इंचार्ज गौरव कुमार कन्नौजिया ने बताया कि निजी एंबुलेंस मानबेला चिलुआताल निवासी रिजवान के नाम है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच होगी। एंबुलेंस बस्ती की बताई जा रही है, लेकिन वह गोरखपुर की है। ... और पढ़ें

योगी मंत्रिमंडल में बढ़ा भाजपा गोरखपुर क्षेत्र का कद

योगी मंत्रिमंडल में बढ़ा भाजपा गोरखपुर क्षेत्र का कद
संतोष सिंह
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में भाजपा गोरखपुर क्षेत्र का कद बढ़ गया है। मंत्रिमंडल में क्षेत्र के तीन मंडलों (गोरखपुर, आजमगढ़ और बस्ती) के 10 जिलों से नौ मंत्री हैं। इसमें से तीन मंत्रियों ने बुधवार को शपथ ली है। मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने भाजपा ने इस क्षेत्र का सामाजिक समीकरण भी साधा है। दो ब्राह्मण (सतीश द्विवेदी व आनंद स्वरूप शुक्ल) और अनुसूचित जाति के एक (श्रीराम चौहान) मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। पहले मंत्रिमंडल में इस क्षेत्र से ब्राह्मण व अनुसूचित जाति को प्रतिनिधित्व नहीं मिला था।
मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने मुख्यमंत्री योगी ने मिशन 2022 की तैयारी शुरू कर दी है। मुसलमानों को छोड़ दिया जाए तो इस क्षेत्र से मंत्रिमंडल में हर वर्ग का प्रतिनिधित्व है। मुख्यमंत्री भी इसी क्षेत्र से आते हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि भाजपा ने पूर्वांचल का सामाजिक और जातीय समीकरण साधकर विपक्षियों की धार कुंद कर दी। इस क्षेत्र की घोसी सहित यूपी की कई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। 2022 में विधानसभा चुनाव भी होंगे। ऐसे में योगी ने युवाओं को मंत्रिमंडल में जगह देकर सकारात्मक संदेश दिया। संतकबीरनगर की घनघटा सीट से विधायक श्रीराम चौहान को मंत्रिमंडल में जगह देकर अनुसूचित जाति के लोगों को रिझाने की कोशिश भी की है। श्रीराम की गिनती अनुसूचित जाति के बड़े नेताओं में होती है। वह दो बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया है। ज्यादातर जनता ऐसा मानती है कि अच्छा प्रदर्शन न करने और शिकायतों के आधार पर कई मंत्रियों की छुट्टी की गई है।
ये हैं तीन नए मंत्री
सतीश द्विवेदी, सिद्धार्थनगर: एबीवीपी के कार्यकर्ता और शिक्षक रहे सतीश द्विवेदी ने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता है। उन्होंने सपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे माता प्रसाद पांडेय को हराया था। इसका इनाम स्वतंत्र प्रभार मंत्री के तौर पर मिला है। वह ब्राह्मण हैं। समाज में अच्छी पकड़ है।
श्रीराम चौहान, संतकबीरनगर: सुरक्षित रही बस्ती लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे। अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे थे। श्रीराम चौहान को इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति का बड़ा नेता माना जाता है।
आनंद स्वरूप शुक्ल, बलिया: विधायक आनंद स्वरूप को पहली बार मंत्री बनाया गया है। वह ब्राह्मण हैं। उनकी अपने समाज में अच्छी पैठ है।
पहले से चार कैबिनेट व दो राज्यमंत्री
राजा जय प्रताप सिंह, सिद्धार्थनगर : बांसी इस्टेट के राजा हैं। कैबिनेट मंत्री के तौर पर आबकारी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। क्षत्रिय समाज में अच्छी पकड़ है।
स्वामी प्रसाद मौर्या, कुशीनगर: राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर श्रम मंत्रालय का काम संभाल रहे हैं। ओबीसी समुदाय के बड़े नेता और समाज में अच्छी पकड़।
सूर्य प्रताप शाही, देवरिया: कैबिनेट मंत्री के तौर पर कृषि मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे हैं। वह भूमिहार हैं। भाजपा की क्षेत्रीय इकाई से संबंधित गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल भूमिहार अच्छी संख्या में हैं।
दारा सिंह चौहान, मऊ: कैबिनेट मंत्री के तौर पर वन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दारा सिंह चौहान ओबीसी संवर्ग से आते हैं। इस समाज में उनकी अच्छी पकड़ है।
उपेंद्र तिवारी, बलिया: स्वतंत्र प्रभार मंत्रालय की जिम्मेदारी उठा रहे उपेंद्र तिवारी भूमिहार हैं। उनकी समाज में अच्छी पैठ है।
जय प्रकाश निषाद, देवरिया: गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल में निषादों की संख्या बहुत अच्छी है। अकेले गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में तीन लाख से ज्यादा निषाद मतदाता हैं। जयप्रकाश के बहाने निषाद वोट बैंक को साधा गया था।
प्रभारी मंत्री की कुर्सी गई
गोरखपुर के प्रभारी व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह की कुर्सी चली गई है। वह प्रभारी मंत्री के तौर पर कई बार गोरखपुर आए। विकास कार्यों के साथ ही कानून व्यवस्था की समीक्षा भी की। अब धर्मपाल सिंह से इस्तीफा ले लिया गया है। उनकी जगह जल्द ही गोरखपुर का प्रभारी मंत्री किसी दूसरे को बनाया जाएगा।
चुनाव से पहले, फिर बाद में भी साधा गणित
लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने सामाजिक और जातीय समीकरण साधा था। तब निषाद पार्टी से गठबंधन किया गया, फिर सपा के शहर सांसद प्रवीण निषाद को टिकट देकर संतकबीरनगर से चुनाव मैदान में उतार दिया गया। इसका बड़ा लाभ पार्टी को मिला। पार्टी ने गोरखपुर और बस्ती मंडल की नौ लोकसभा सीटों का चुनाव जीता था। चुनावी परिणाम आने के बाद घोसी से भाजपा विधायक फागू चौहान को राज्यपाल बना दिया गया। वह ओबीसी संवर्ग से आते हैं। उनकी समाज में अच्छी पैठ है।
कोट:::
तीन मंडलों के 10 जिलों में विधानसभा की 62 और लोकसभा की 13 सीटें हैं। तीन नए मंत्रियों ने शपथ ली है। अब इस क्षेत्र से मंत्रियों की संख्या नौ हो गई है। इसमें से चार कैबिनेट मंत्री हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक समीकरण का खास ध्यान दिया गया है। विधायक श्रीराम चौहान क्षेत्र के बड़े नेता हैं। इसका फायदा पार्टी को जरूर मिलेगा। - डॉ. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा गोरखपुर क्षेत्र ... और पढ़ें

एमएमएमयूटी में दीक्षांत समारोह आज

एमएमएमयूटी में दीक्षांत समारोह आज
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के चौथे दीक्षांत समारोह में गुरुवार को 34 मेधावियों को गोल्ड मेडल से नवाजा जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी होंगे। समारोह में मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद इंफोसिस के संस्थापक पद्मविभूषण एनआर नारायणमूर्ति को मानद उपाधि दी जाएगी। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। वह 21 मेधावियों को 34 मेडल प्रदान करेंगी और 960 विद्यार्थियों को दीक्षा देंगी।
कुलपति प्रो एसएन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कार्यक्रम की शुरूआत सुबह 11 बजे से होगी, दोपहर 1.35 बजे शैक्षणिक शोभा यात्रा प्रस्थान करेगी। प्रो. सिंह ने बताया कि पहली बार स्थापना दिवस पर दिए जाने वाले 15 स्पांसर मेडल में से 12 मेडल दीक्षांत समारोह में दिए जाएंगे। विद्यार्थी दुपट्टा और पगड़ी पहनेंगे, जबकि विद्वत परिषद के सदस्य सफेद सदरी धारण करेंगे। शैक्षणिक शोभायात्रा के बाद मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। उपाधि देने के बाद कुलाधिपति उपाधि धारकों को शपथ दिलाएंगी।
राज कुमार यादव को कुलाधिपति अवार्ड
गोरखपुर। बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के छात्र राजकुमार यादव को कुलाधिपति गोल्ड मेडल से नवाजा जाएगा। राजकुमार 9.59 सीजीपीए हासिल कर टॉपर बने हैं। इसके अलावा राजकुमार को कुलपति गोल्ड मेडल, स्व. लच्छन राय मेमोरियल गोल्ड मेडल तथा आरएस सिंह मेमोरियल गोल्ड मेडल भी दिए जाएंगे।
कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों से मिलेंगी कुलाधिपति
कुलाधिपति एमएमएमयूटी में 12 सरकारी व निजी विद्यालयों के कक्षा 3 से कक्षा 8 तक के 28 विद्यार्थियों से मिलेंगी। विद्यार्थियों को मॉरल बुक और फल उपहार स्वरूप देंगी।
इन्हें मिलेगा कुलपति गोल्ड मेडल
राजकुमार यादव, आयुषि मिश्रा, कौत्स सिंह पटेल, अरुषि सिंह, आदित्य सिंह, दीप प्रकाश सोलंकी, दिव्या श्रीवास्तव, सौरभ सिंह, पंकज कुमार, वैभव मित्तल, बृजेश कुमार सोनकर, अमन कुमार पांडेय, मुनीष सरन, अनुराज, तृप्ति त्रिपाठी, राहुल कुमार राय, अंजू यादव, अंजली गुप्ता, अर्पित सिंह यादव, अनुराग सिंह, सौम्या सिंह। ... और पढ़ें

40 हत्याओं का आरोपी प्रेमवीर उर्फ बॉॅबी गोरखपुर जेल में शिफ्ट

40 हत्याओं का आरोपी प्रेमवीर उर्फ बॉॅबी गोरखपुर जेल में शिफ्ट
गोरखपुर। चालीस हत्याओं को अंजाम देने के आरोपी अलीगढ़ निवासी प्रेमवीर सिंह उर्फ बॉबी को बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच गोरखपुर जेल लाया गया। शासन के निर्देश पर उसे वाराणसी सेंट्रल जेल से प्रशासनिक आधार पर यहां भेजा गया है। बुधवार शाम मंडलीय कारागार पहुंचने पर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद जेल प्रशासन ने उसे हाई सेक्योरिटी बैरक में रखा।
प्रेमवीर उर्फ बॉबी पर हत्या, अपहरण और करोड़ों की फिरौती वसूलने सहित करीब सौ घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। 5 जून 2013 को उसे आगरा पुलिस ने टेढ़ी पुलिया निवासी एटा में तैनात जेल सिपाही असलम की हत्या की साजिश रचते समय गिरफ्तार किया था। असलम से उसकी दुश्मनी वर्ष 2011 में अलीगढ़ जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी। जेल में रहते हुए उसने एक व्यक्ति से 1.5 लाख रुपये मंगाए थे, जिसे असलम ने पकड़ लिया था। तभी से वह असलम की हत्या करना चाहता था। कुछ दिन आगरा जेल में रखने के बाद वर्ष 2018 में उसे वाराणसी जेल में शिफ्ट किया गया था।
प्रेमवीर ने राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में भी घटनाओं को अंजाम दिया है। वर्ष 1997 में उसने भरतपुर के जेल अधीक्षक की हत्या की थी। जिसमें उसे सजा भी मिल चुकी है। उस पर मेरठ में हुए तिहरे हत्याकांड में शामिल होने का भी आरोप है, जिसमें मेरठ निवासी राजपाल और दो अन्य की हत्या की गई थी। प्रेमवीर पर वर्ष 2003 में मथुरा के डॉक्टर माहेश्वरी का अपहरण कर एक करोड़ की फिरौती वसूलने के भी आरोप में केस दर्ज है। वाराणसी जेल में वह लगातार अन्य बंदियों को बरगला कर विद्रोह पैदा कर रहा था। वाराणसी जेल प्रशासन ने शासन को उसे शिफ्ट किए जाने के लिए पत्र लिखा था। शासन से अनुमति के बाद उसे बुधवार की सुबह वहां से पुलिस की कड़ी सुरक्षा में गोरखपुर जेल भेजा गया था।
वर्जन
वाराणसी सेंट्रल जेल से कई हत्याओं के आरोपी प्रेमवीर को गोरखपुर जेल लाया गया है। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच हाई सेक्योरिटी बैरक में रखा गया है।- डॉ रामधनी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक ... और पढ़ें

40 दरोगा का कार्यक्षेत्र बदला गया

40 दरोगाओं का कार्यक्षेत्र बदला गया
गोरखपुर। एसएसपी ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए 40 दरोगा का कार्यक्षेत्र बदल दिया है। इसमें लापरवाही की शिकायत पर दो दरोगा को लाइनहाजिर कर दिया गया है।
एसएसपी दफ्तर के मुताबिक दरोगा अजीत कुमार चतुर्वेदी को बेलीपार से कैंट, एसएसपी के पीआरओ राजेंद्र मिश्र को पादरी बाजार का चौकी प्रभारी, अरुण कुमार सिंह को पादरी चौकी से एसएसआई गोरखनाथ, राजेंद्र सिंह चौकी प्रभारी एयरफोर्स को एसएसआई शाहपुर, जितेंद्र यादव को बेलीपार से राजघाट, रमेश चौधरी को पीपीगंज से गगहा भेजा गया है।
अभिषेक राय को कैंट चौकी प्रभारी एयरपोर्ट, अशोक कुमार यादव को गगहा से कैंट, वीरेंद्र यादव चौकी प्रभारी सहगौरा गगहा से कैंट, विज्ञानकर सिंह को बांसगांव से चौकी प्रभारी मछलीगांव, संजय सिंह यादव चुनाव सेल से चौकी प्रभारी मछलीगांव निरस्त कर पिपराइच भेजा गया है। वहीं कन्हैया लाल को डायल 100 से महिला थाना, परशुराम यादव खोराबार से पुलिस लाइन कार्यालय, आशीष कुमार पांडेय चौरीचौरा से बांसगांव, दुर्गेश कुमार शुक्ल अपराध शाखा से बांसगांव, विवेक कुमार शुक्ल को पुलिस लाइंस से बेलीपार थाना, केदारनाथ यादव पुलिस लाइन से कैंट, सुभग नारायण सिंह को पुलिसलाइन से कैंट, मनोज कुमार गुप्ता पुलिस लाइंस से खोराबार, अरविंद कुमार सिंह पुलिस लाइंस से चौकी प्रभारी सूर्यविहार, श्याम बिहारी सिंह पुलिस लाइंस से कैंट, शैलेश कुमार मिश्र पुलिस लाइंस से शाहपुर, अरुण कुमार सिंह पुलिस लाइंस से सिकरीगंज, आशीष कुमार पांडेय पुलिस लाइंस से कैंट, महादेव प्रसाद पुलिस लाइंस से गोरखनाथ, वंशगोपाल सिंह पुलिस लाइंस से कैंपियरगंज, बिसमिल्लाह खान पुलिस लाइंस से कैंपियरगंज, बबलू कुमार पुलिस लाइंस से सिकरीगंज, अनीश कुमार सिंह पुलिस लाइंस से कैंपियरगंज, रमेश दत्त तिवारी पुलिस लाइंस से आईजीआरएस सेल, अनूप कुमार पुलिस लाइंस से खोराबार, काजी सगीरुल हक पुलिस लाइंस से कैंट, श्याम बिहारी सिंह को पुलिस लाइंस से कैंट, शैलेंद्र कुमार मिश्र पुलिस लाइंस से कैंट, रमाशंकर यादव पुलिस लाइंस से खोराबार, अखिलेश कुमार ओझा पुलिस लाइंस से खोरबार, देवेंद्र सिंह पुलिस लाइंस से खोराबार और अभय नारायण सिंह पुलिस लाइन से चौकी प्रभारी सहगौरा बनाया गया है। सूर्यविहार चौकी प्रभारी वीरेंद्र कुमार सिंह और उरुवा थाने में तैनात गोपाल यादव को लाइन हाजिर कर दिया है। ... और पढ़ें

रात मेें पुलिसवालों पर नजर रखेंगे खास पुलिस वाले

रात मेें पुलिसवालों पर नजर रखेंगे खास पुलिस वाले
गोरखपुर। रात में अब पुलिस की एक स्पेशल टीम शहर में घू्म-घूमकर चौराहों, पिकेट और थानों पर तैनात पुलिसवालों की कार्यप्रणाली पर नजर रखेगी। रात में पुलिस के व्यवहार व वसूली करने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद एडीजी दावा शेरपा ने जोन के सभी जिलों में स्पेशल टीम बनाकर निगरानी करने का निर्देश दिया है। टीम सादे कपड़ों में रात में थानों पर जाकर यह देखेगी की किसी फरियादी से अभद्रता तो नहीं हो रही। साथ ही पुलिसवालों के शराब पीकर उत्पात मचाने व वसूली की भी जांच करेगी। एडीजी इस टीम के कार्यों की खुद मानिटरिंग करेंगे। दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई भी होगी।
पिछले कई दिनों से एडीजी के पास पुलिस के शराब पीकर उत्पात मचाने, वसूली करने और फरियादियों से अभद्रता व उनकी रिपोर्ट न दर्ज करने की शिकायत मिल रही थी। लगातार शिकायतें मिलने को गंभीरता से लेते हुए एडीजी ने जोन के सभी जिलों में एक विशेष टीम का गठन कर गोपनीय तरीके से जांच कराने का निर्देश दिया है। टीम में ग्यारह सदस्य होंगे। हर जिले की विशेष टीम का नेतृत्व एएसपी करेंगे। उनके साथ एक सीओ, एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा, एक एलआईयू का दरोगा, एक महिला सिपाही व चार पुरूष सिपाही शामिल रहेंगे। जो रात के वक्त सादे कपड़ों में भ्रमण करेंगे। पुलिस चेकपोस्ट, चौकी, थाने व बैरियरों पर लगे पुलिसकर्मियों के कार्यों की गोपनीय जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी। एडीजी खुद हर माह टीम के एएसपी से कार्यों की समीक्षा करेंगे।
एक महीने में आई हैं करीब पचास शिकायतें
एडीजी के पास जोन के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्घार्थनगर, संतकबीरनगर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती से करीब पचास शिकायतें आईं हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामले फरियादियों से अभद्रता और रिपोर्ट दर्ज न होने की हैं। साथ ही रात में ट्रक वालों से वसूली की भी शिकायतेें ज्यादा हैं। सबसे ज्यादा शिकायत कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती और सिद्घार्थनगर की हैं।
वर्जन
कई जिलों से शिकायतें आ रहीं थी। इसलिए एक टीम बनाकर गोपनीय जांच करने का निर्देश दिया गया है। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।- दावा शेरपा, एडीजी ... और पढ़ें

दरकते रिश्तों के बीच ‘पुल’ बनी पुलिस

दरकते रिश्तों के बीच ‘पुल’ बनी पुलिस
गरिमा शाही
गोरखपुर। पति-पत्नी के बीच छोटी सी बात मन में घर गई तो कई बार रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं, लेकिन दोनों को एक बार फिर साथ लाने की ईमानदार कोशिश की जाए तो बात बनने में समय नहीं लगता। कुछ ऐसा नजारा इन दिनों महिला थाने में देखने को मिल रहा है। यहां पर टूटने की कगार पर पहुंचे रिश्तों को जोड़ने के लिए कानून- मुकदमों का हथियार नहीं बल्कि सुलह समझौते का प्रयास किया जा रहा है। इसका असर भी हो रहा है। हाल के दिनों में सात ऐसी महिलाएं फिर से पति के साथ खुशी-खुशी रहने को राजी हो गईं, जो पति के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रार्थना पत्र दे चुकीं थीं।
ंमसलन, चिलुआताल के जंगल नकहा नंबर एक में प्रीति और उनके पति के बीच अक्सर कहासुनी हो जाती थी। दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया। पत्नी शिकायत लेकर महिला थाने पहुंची तो पुलिस ने पति को बुलाया। दोनों को सामने बैठाकर पुलिस ने समझाया तो एक बार फिर खुशी-खुशी साथ रहने के लिए राजी हो गए। ऐसे ही एक मामले में नौसड़ निवासी सुनैना देवी और पति राहुल शर्मा के बीच मतभेद की वजह सिर्फ इतनी थी कि राहुल पत्नी की बात नहीं सुनते थे। इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया। बात महिला थाने तक पहुंची। यहां पर दोनों ने एक दूसरे की शिकायतें सुनीं, गलती का एहसास हुआ तो प्रार्थना पत्र वापस ले लिया। इसी तरह पति-पत्नी के एक अन्य विवाद में शाहपुर के अंसारी रोड निवासी पूजा गुप्ता को पति कन्हैया पर शक होने लगा था। मन में ही बात दबाए रखने से मामला इतना बढ़ गया कि तलाक की नौबत आ गई। परिवार के लोगों ने समझाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। मामला महिला थाने पहुंच गया। मंगलवार को इस परिवार के बीच गिले-शिकवे दूर कराके समझौता कराया गया। दोनों ने साथ रहने का वादा किया। बुधवार को महिला थाने में ऐसे सात मामले निपटाए गए, उम्मीद की जा रही है कि दरकते रिश्ते फिर जुड़ जाएंगे।
पहला प्रयास घर रिश्ते बचाने का
कई लोग छोटी-छोटी बातों पर रिश्ता खत्म करने का फैसला कर लेते हैं। ऐसे कई प्रार्थना पत्र आते हैं। पहला प्रयास ऐसे रिश्तों को कानूनी जाल में फंसाने की जगह बातचीत के जरिए संवारने का होता है। दोनों परिवारों को सामने बैठाकर समझौता कराया जाता है। कुछ मामलों में इसका असर हो रहा है, दोनों पक्ष पिछली बातों को भूलकर साथ रहने को तैयार हो जाते है। बुधवार को ऐसे सात जोड़े फिर से साथ रहने को राजी हुए है। जो नहीं मानते उन मामलों में कानूनी कार्रर्वाई आगे बढ़ाई जाती है। -अर्चना सिंह, इंस्पेक्टर, महिला थाना ... और पढ़ें

शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला राज्यपाल तक पहुंचा

शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला राज्यपाल तक पहुंचा
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली के आरोपों का मामला राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा के पास पहुंच गया है। इस सिलसिले में नगर विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने बुधवार को पत्र भी लिखा है। विधायक ने राज्यपाल व उच्च शिक्षामंत्री से इस मसले पर बात भी की। विधायक का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराई जाए। विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति का नियम भी बदला जाना चाहिए। डिग्री कॉलेजों की तरह ही विश्वविद्यालयों में भी शिक्षकों की नियुक्ति उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग से कराई जानी चाहिए। विधायक ने इस मामले को विधानसभा में उठाने का भरोसा दिलाया है।
शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला आरएसएस के पदाधिकारी व गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य प्रो. राम अचल सिंह ने उठाया था। विधायक से मिलकर शिकायती पत्र भी दिया था। अब विधायक ने इस मामले को राज्यपाल तक पहुंचाया है। विधायक का कहना है कि गंभीर मामले पर जनता की राय ली गई है। शिकायती पत्र का ब्योरा सोशल मीडिया पर डाला गया था। जनता से मिली राय व सुझाव के साथ मामला राज्यपाल व शिक्षामंत्री के पास भेजने का फैसला हुआ है।
शिक्षकों की नियुक्ति में भाई-भतीजावाद के आरोप गंभीर हैं। पिछली सरकार में इसी तरह का मामला चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में हुआ था। मामले की जांच राज्यपाल ने कराई थी। भ्रष्टाचार का आरोप सही पाया गया था और तत्कालीन कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह को बर्खास्त किया गया।
लिफाफा खुलने के दो दिन पहले ही सार्वजनिक हुई थी सूची
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षक नियुक्ति में धांधली का आरोप पिछले वर्ष ही लगा था जब हिंदी के अलावा अन्य विषयों में नियुक्ति का लिफाफा खुला था। लेकिन मामला किसी तरह दबा दिया गया। पांच जुलाई 2019 को जब हिंदी का लिफाफा खोला गया तो कार्य परिषद की बैठक में ही पूर्व कुलपति प्रो रामअचल सिंह ने लिखित आपत्ति जताई थी और बैठक को छोड़कर चले गए।
हिंदी विभाग में दो ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति की गई है जो अधिकतम दो साल तक ही पढ़ा सकेंगे। एक प्रोफेसर तो एक सरकारी विभाग से प्रशासनिक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि दूसरी एक महिला शिक्षक के पति विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रह चुके हैं। परिसर में इन नियुक्तियों को लेकर भी आपत्तियां आईं।
इंटरव्यू में मिला था तीन से चार मिनट
शिक्षक भर्ती में सबसे ज्यादा विरोध इंटरव्यू को लेकर है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि एक दिन में 100-100 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया गया। एक-एक अभ्यर्थी को तीन से चार मिनट ही दिए गए। कई अभ्यर्थियों से तो कोई सवाल ही नहीं पूछा गया। पूर्व कुलपति प्रो सिंह ने भी इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। ... और पढ़ें

अब रेलवे स्टेशन पर जाने-आने का अलग रास्ता

अब रेलवे स्टेशन पर जाने-आने का अलग रास्ता
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ता होगा। सभी प्रवेश द्वार पर डिवाइडर बनाए जा रहे हैं, ताकि भीड़ बढ़ने पर भी जाम न लगने पाए। इससे वाहनों की चेकिंग में भी आसानी रहेगी।
स्टेशन के प्रवेश द्वार पर काफी गंदगी रहती है। कई जगह जलभराव भी होता है। डिवाइडर बनने के बाद सड़क को दुरुस्त किया जाएगा ताकि बारिश का पानी नालियों में चला जाए। गेट संख्या चार पर डिवाइडर बना दिया गया है, अब गेट संख्या पांच पर इसे बनाया जा रहा है। इसके बाद अन्य गेटों पर भी ऐसे ही निर्माण होंगे। डिवाइडर में बीच-बीच में पोल गाड़कर आकर्षक लाइटें लगाई जाएंगी। रात में स्टेशन परिसर में दाखिल होते ही खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। ... और पढ़ें

शिक्षकों की परीक्षा में कॉपियां बदल रहे थे दो शिक्षक, निष्कासित

शिक्षकों की परीक्षा में कॉपियां बदल रहे थे दो शिक्षक, निष्कासित
गोरखपुर। डायट परिसर में आयोजित सह समन्वयक (एबीआरसी) चयन की लिखित परीक्षा में कॉपियों को बदलते दो शिक्षकों को रंगे हाथों पकड़ा गया है। एक शिक्षक सामाजिक विज्ञान और दूसरे अंग्रेजी के हैं। बीएसए ने दोनों को परीक्षा से निष्कासित करते हुए ब्लैक लिस्ट कर दिया है। आरोपित शिक्षक भविष्य में भी एबीआरसी चयन की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। दो पालियों में आयोजित परीक्षा के लिए 299 शिक्षकों ने आवेदन किया था, जिसमें 65 शिक्षक अनुपस्थित रहे।
डायट में पहली पाली की परीक्षा सुबह नौ से 10 बजे तक तथा दूसरी पाली की परीक्षा 10:30 बजे से 11:30 बजे तक हुई। पारदर्शिता के लिए सभी कमरों में अस्थाई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। प्रथम पाली की परीक्षा में कमरा नंबर एक में दो शिक्षक एक-दूसरे से कॉपी बदल रहे थे। कंट्रोल रूम में बैठे बीएसए ने यह हरकत देखी। प्रथम पाली की परीक्षा में सामाजिक विज्ञान व अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई।
इसमें पंजीकृत 121 शिक्षकों में से 29 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 178 के सापेक्ष 36 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में कमरा नंबर तीन में परीक्षा देर से शुरू हुई, उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया। परीक्षा के बाद ही मूल्यांकन भी किया गया। प्रथम पाली के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार बुधवार को ही होगा। गुरुवार को दूसरी पाली के शिक्षकों का साक्षात्कार होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि पूरी पारदर्शिता से परीक्षा कराई गई। जल्द ही परिणाम घोषित किया जाएगा। ... और पढ़ें
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