एसटीएफ के रडार पर कोचिंग संचालक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Thu, 10 May 2018 01:04 AM IST
गोरखपुर यूनिवर्सिटी।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी। - फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के पेपर लीक कांड की जांच कर रही एसटीएफ आरोपियों के करीब पहुंच गई है। मामले में राजकीय डिग्री कॉलेजों में पढ़ाने और कोचिंग कराने वाले कुछ शिक्षक एसटीएफ के रडार पर हैं। जल्द ही गिरफ्तारी संभव है।
पेपर लीक कांड के बाद बीए-बीएससी प्रथम वर्ष के गणित प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा 17 अप्रैल को निरस्त कर दी गई थी। मामले की जांच गोरखपुर एसटीएफ को दी गई। अब तक जो छानबीन हुई है, उसके मुताबिक मामले में कोचिंग संचालकों की भूमिका संदिग्ध है। कुशीनगर के कोचिंग संचालकों की हर गतिविधि पर निगाह रखी जा रही है। कुछ संदिग्धों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर लेकर साक्ष्य जुटाए गए हैं।

पेपर लीक कांड के तार गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर से जुड़े हैं। इसकी हर कड़ी तलाशी जा चुकी है। अब गिरफ्तारी की कोशिश चल रही है। सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ की अलग-अलग टीमों ने कुशीनगर, देवरिया में डेरा डाल रखा है। राजकीय या फिर अनुदानित कॉलेज में गणित पढ़ाने वाले कुछ शिक्षकों ने प्रश्नपत्र लीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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