सीबीएसई : 10वीं में सब पास 

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 04 Jun 2017 01:56 AM IST
पास होने के बाद जश्न मनाते विद्यार्थी।
पास होने के बाद जश्न मनाते विद्यार्थी। - फोटो : Amar Ujala
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सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन) की कक्षा 10वीं का रिजल्ट देख विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे। स्कूल प्रबंधकों का दावा है कि परीक्षा में शामिल लगभग सभी विद्यार्थी पास हो गए। ज्यादातर विद्यार्थियों ने 10 सीजीपीए हासिल कर श्रेष्ठता साबित की और अपने स्कूल के साथ ही शहर का मान बढ़ाया।
रिजल्ट को लेकर स्कूल प्रबंधकों में खासा उत्साह देखने को मिला। पिछले साल की अपेक्षा इस साल का रिजल्ट अच्छा आया। आरपीएम एकेडमी, सिविल लाइंस का रिजल्ट शानदार रहा। स्कूल के डायरेक्टर अजय शाही ने बताया कि उनके यहां 288 विद्यार्थियों में 82 ने 10 सीजीपीए हासिल किया, जबकि 67 विद्यार्थी नौ सीजीपीए अंक हासिल करने में कामयाब हुए। वहीं जीएन पब्लिक स्कूल में 256 में 83 विद्यार्थियों ने 10 सीजीपीए प्राप्त किए। वहीं गोरखपुर पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों का प्रदर्शन भी बेहतर रहा। स्कूल के 85 में से 24 विद्यार्थियों ने 10 सीजीपीए हासिल कर श्रेष्ठता साबित की। इसी तरह एबीसी पब्लिक स्कूल 12 विद्यार्थियों, संस्कृति पब्लिक स्कूल में 11, माधव पब्लिक स्कूल बेनुआटीकर में नौ, सरस्वती शिशु मंदिर सूर्यकुंड में 14, डिवाइन पब्लिक स्कूल में 15, उदया पब्लिक स्कूल में 19 तथा सरस्वती बालिका विद्यालय की 10 छात्राओं ने 10 सीजीपीए हासिल कर स्कूल का मान बढ़ाया। 


फैक्ट फाइल :
स्कूलों की संख्या : 65
छात्रों की संख्या :  10555
कुल परीक्षा केंद्र : 14 
बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या : 555
होम परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या : 10000
 

हादसे में मां को खोया पर हौसला नहीं


यह साक्षी त्रिपाठी की जीवटता ही थी कि परीक्षा के एक दिन पहले ट्रांसपोर्टनगर के पास सड़क हादसे में मां सरिता त्रिपाठी को खोने के बाद भी उन्होंने हौसला नहीं खोया। हादसे में साक्षी का एक पैर टूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। मां को खोने का गम और जख्म के दर्द से साक्षी सदमे में थीं। अभी मां की चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई थी कि उन्हें परीक्षा में बैठना था। सुबह पूरा परिवार साक्षी के परीक्षा देने के पक्ष में नहीं था तो यह उनका जज्बा ही था कि उन्होंने न सिर्फ परीक्षा देने की ठानी बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी 8.2 सीजीपीए हासिल किया। गोरखपुर पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली साक्षी रानीबाग रुस्तमपुर में रहती हैं। साक्षी कहती हैं मां के साथ के सफर का वह वाकया उनके दिमाग में कौंधता है, जब मां ने परीक्षा में आत्मविश्वास कायम रखने की सलाह दी थी। मां के इस कथन को वाक्य सूत्र बनाकर आत्मसात करने वाली साक्षी ने बताया कि परीक्षा के दौरान वह कभी सवाल हल करतीं तो कभी मां के साथ बिताए पलों को याद कर रो लेतीं। साक्षी बताती हैं कि उन्होंने ट्यूशन नहीं लिया बल्कि सेल्फ स्टडी की। पापा राजेंद्र त्रिपाठी खलीलाबाद में डॉक्टर हैं। उन्होंने ही घर पर पढ़ाई में मदद की। साक्षी का भाई सौरभ इस वर्ष 10वीं में है। साक्षी को बैडमिंटन खेलने का शौक है। 


पिता के सपने को पूरा करने की ठानी

हाईस्कूल में 10 सीजीपीए हासिल करने वाली अंकिता शुक्ला ने अपनी सफलता का श्रेय दिवंगत पिता को दिया है। तीन साल पहले कैंसर से पिता को गंवाने वाली अंकिता ने बड़ी मुश्किल से अपने आप को संभाला और पढ़ाई के मार्ग से खुद को भटकने नहीं दिया। इस सफलता पर उनकी मां पुनीता शुक्ला को गर्व है। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में आर्मी स्कूल की छात्रा अंकिता ने बताया कि उनके पिता आर्मी में थे। 2014 में उनकी कैंसर से मौत हो गई। पिता के बारे में बात करने के दौरान कई बार अंकिता की आंखें डबडबा जा रही थीं। उन्होंने बताया कि पिता की मौत के बाद पढ़ाई करने में मन नहीं लगता था पर मां के प्रोत्साहन ने जीवन में आगे बढ़ना सिखाया। अंकिता के अलावा उनका छोटा भाई आयुष्मान भी होनहार है। अंकिता आगे चलकर जेईई एडवांस की तैयारी करना चाहती हैं। अंकिता ने रोजाना तीन से चार घंटे की सेल्फ स्टडी से यह उपलब्धि हासिल की है। मां पुनीता शुक्ला ने बताया कि पति बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा संजीदा रहते थे। वे बच्चों को बेहतर करने के लिए उत्साहित करते थे। अब उनका सपना पूरा करना ही जीवन का मकसद रह गया है।


 

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