विज्ञापन

दस महीनों के वे बिल की होगी जांच

Gorakhpur Updated Mon, 01 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
गोरखपुर। गोरखपुर डिपो में एक बार फिर बसों के वे बिल (मार्ग पत्र) में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने दस महीनों के वे बिल के जांच के आदेश दिए हैं। मामले में कई संविदा के चालक और परिचालक फंस सकते हैं। उधर, रोडवेज कर्मचारियों और संविदा परिचालकों में इस आदेश को लेकर विरोध जताया है।
विज्ञापन
क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव कुमार राय को शिकायत मिली थी कि जनवरी 2013 से अक्टूबर 2013 के बीच वे बिल में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। दस महीने के दौरान यह गड़बड़ी मैन्युअल टिकट काटने के दौरान की गई है। मामले में परिचालकों के साथ रोडवेज के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों के भी शामिल होने की आशंका है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दस महीने के वे बिल निकलवाकर जांच के आदेश दिए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक के इस आदेश से रोडवेज कर्मचारियों सेव संविदा परिचालकों में हड़कंप है। सूत्रों की जांच में कई संविदा परिचालक और रोडवेज कर्मचारी की गर्दन फंस सकती है। क्षेत्रीय प्रबंधक से शिकायत करने वालों ने बताया है कि वे बिल में ओवर राइटिंग से गलत आंकड़ा दर्ज कर धन का गबन किया गया है। इसमें परिचालक के साथ-साथ वे बिल की जांच करने वाले भी शामिल हैं। उधर, रोडवेज कर्मचारियों और संविदा परिचालकों में वे बिल की जांच के आदेश को लेकर नाराजगी है। उन्होंने इसे कर्मचारियों को परेशान करने की साजिश बताया है। बता दें कि गोरखपुर डिपो में इससे पहले भी दो बार वे बिल में गड़बड़ी का मामला सामने आया था।
जनवरी 2013 से अक्टूबर 2013 के बीच के जिन वे बिल की जांच की जा रही है, वे या तो सीलन से गल चुके है या उनके ऊपर दर्ज अक्षर मिट गए है। ऐसे में इनकी जांच करवाना कर्मचारियों को परेशान करने की साजिश है।
- संजय सिंह, अध्यक्ष, संविदा चालक परिचालक संघर्ष समिति
वे बिल में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने की शिकायत मिली है। जिसके बाद दस महीनों के वे बिल की जांच करवाई जा रही है। संविदा कर्मचारियों का विरोध जताना गलत है। जांच में जो सही होगा, सामने आ जाएगा।
- सुग्रीव कुमार राय, क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर
सिटी मजिस्ट्रेट और आरएम के आश्वासन पर अनशन समाप्त
सिटी मजिस्ट्रेट और क्षेत्रीय प्रबंधक के आश्वासन के बाद संविदा चालक और परिचालकों ने अनशन समाप्त किया। क्षेत्रीय प्रबंधक ने संविदा चालक-परिचालक संघर्ष समिति की 11 सूत्रीय मांगों पर विचार कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इससे पहले शनिवार से आमरण अनशन पर बैठे परिचालक दीनानाथ के साथ संविदा चालक-परिचालक संघर्ष समिति के क्षेत्रीय पदाधिकारी संजय सिंह, बुद्धिसागर पांडेय और कृपाशंकर भी अनशन पर बैठ गए। पदाधिकारियों ने बिना पक्ष सुने संविदा कर्मचारियों को न निकाला जाए, चालकों की डीजल रिकवरी बंद हो, ईटीएम के लिए घंटों खड़ा न होना पड़े, दीनानाथ मामले की जांच हो, घूस मांगने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई हो, दो संविदा कर्मचारियों से तीन माह से काम नहीं लिया जा रहा है, इसका कारण बताया जाए आदि की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट और क्षेत्रीय प्रबंधक ने समिति के पदाधिकारियों की सभी मांगों को ध्यान से सुनने के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Gorakhpur

परिवार के साथ जा रहे हैं बैंक मैनेजर पर हमला कर लूटपाट

सिकरीगंज में ईंट लेकर खड़े युवकों ने कार रोककर की वारदात

26 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: ‘शोहदों और गुंडों के कारण ये विद्यालय बंद है’

गोरखपुर में शोहदों से परेशान एक इंटर कॉलेज बंद कर दिया गया। कॉलेज प्रशासन ने बाकायदा स्कूल के बाहर एक नोटिस चस्पा कर दी जिसमें लिखे शब्द सरकारी दावों की पोल खोलते हैं। देखिए हमारी ये खास रिर्पोट।

23 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree