खजनी के 383 बूथों पर 52 फीसदी मतदान

Gorakhpur Updated Thu, 08 May 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। संतकबीरनगर लोकसभा क्षेत्र के खजनी के 383 बूथों पर बुधवार को हुए मतदान में 52.36 फीसदी वोट पड़े। जो कि पिछले चुनाव की तुलना में सात फीसदी अधिक है। 2009 के लोकसभा चुनाव में वहां 3.27 लाख वोटरों में से 44.99 फीसदी ने ही अपने मत का प्रयोग किया था। सिकरीगंज के प्राथमिक विद्यालय जैती के बूथ संख्या 162 पर सर्वाधिक 72 फीसदी वोट पड़े। छोटी-छोटी कुछ गड़बड़ियों को छोड़ दें तो मतदान शांति पूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कहीं से भी हिंसा की क ोई घटना नहीं सुनाई पड़ी। डीएम रवि कुमार एनजी और एसएसपी आकाश कुलहरि समेत जिले के सभी आला अफसर पूरे दिन मोबाइल रहे। पिपरा खजनी के बूथ संख्या 54 पर बीएलओ के अनुपस्थित पाए जाने पर डीएम ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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डीएम ने खुद खजनी, पानापार, भैंसाबाजार, बनकटी और सिकरीगंज समेत कई क्षेत्रों के डेढ़ दर्जन से अधिक बूथों का निरीक्षण किया। तय कार्यक्रम के मुताबिक सुबह छह बजे बूथों पर मॉकपोल हुआ और इसके बाद मतदाताओं ने ईवीएम के बटन दबाए। हालांकि कई बूथों पर समय से प्रत्याशियों के एजेंट उपस्थित नहीं होने की वजह से सेक्टर या जोनल मजिस्ट्रेट की मौज्ूादगी में पीठासीन अफसरों ने खुद मॉकपोल प्रक्रिया पूरी की।
जिला प्रशासन, खजनी के इस चुनाव को 12 मई को होने वाले सदर और बांसगांव लोकसभा चुनाव के रिहर्सल के तौर पर भी देख रहा था। यही वजह है कि डीएम निरंतर सभी अफसरों को नसीहत दे रहे थे कि वे व्यवस्था में हुई चूक का सूक्ष्मता से आकलन करे ताकि ऐसी गलतियां सदर और बांसगांव के चुनाव में न हों। उन्होंने सभी एडीएम और एसडीएम समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारियों को खजनी में तैनात कर दिया था।
दगा दे गईं दो ईवीएम
मतदान शुरू होते ही खजनी क्षेत्र की दो ईवीएम दगा दे गईं। हालांकि इन्हें 15 मिनट के भीतर ही बदल दिया गया जिससे मतदाताओं को विशेष दिक्कत नहीं हुई। जिला निर्वाचन कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक इनमें से 363 नंबर के बूथ की ईवीएम मॉकपोल के दौरान सही थी। सुबह सात बजे जैसे ही वोटिंग शुरू हुई उसके 10 मिनट बाद ही उसकी बैलेट यूनिट में खराबी आ गई। सेक्टर मजिस्ट्रेट की मदद से उसे बदल दिया गया।
वोटर पर्ची पास, फिर भी मांगे गए वोटर कार्ड
वोटर पर्ची पास होने के बाद भी करीब आधा दर्जन बूथों से वोटर कार्ड मांगने की शिकायत मिली। इसपर खफा डीएम ने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वे तत्काल एक बार फिर सभी पीठासीन अफसरों को यह बता दें कि वोटर पर्ची होने पर किसी भी मतदाता से वोटर कार्ड न मांगा जाए। अगर दोबारा किसी बूथ से शिकायत मिली तो संबंधित पीठासीन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेउरा प्राथमिक विद्यालय के बूथ संख्या 19 पर एक वोटर पुराना वोटर कार्ड लेकर वोट डालने आया था लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं होने की वजह से उसे वोट नहीं डालने दिया गया। इसपर खफा होकर वह वहां तैनात पीठासीन अधिकारी को पीटने की धमकी दी। मामला गंभीर न हो जाए इसलिए पीठासीन अधिकारी ने तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। वहां से सेक्टर मजिस्ट्रेट को फोन गया। मजिस्ट्रेट के समझाने के बाद वह शांत होकर घर लौट गया।
देर रात तक जमा की जाती रही ईवीएम
शाम छह बजे मतदान समाप्त होने के करीब आधे घंटे बाद से पोलिंग पार्टियां यूनिवर्सिटी लौटने लगीं। शाम करीब सवा सात बजे से यूनिवर्सिटी में बने स्ट्रांग रूम में ईवीएम जमा होनी शुरू हो गई। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। जो बूथ नजदीक के थे, वहां की पोलिंग पार्टियां सबसे पहले पहुंचीं जबकि कई बूथों की पोलिंग पार्टियां रात में पहुंचीं। सभी ईवीएम जमा करने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और प्रेक्षक की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम सील किया गया। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सीपीएमएफ को ही सौंपी गई है। जिनकी ड्यूटी लगी है, उन्हें छोड़ कर किसी को भी स्ट्रांग रूम के इर्द-गिर्द नहीं फटकने दिया जाएगा। वहां की सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसी टीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
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