रेफर मरीजों को लखनऊ ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं

Gorakhpur Updated Wed, 07 May 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। सरकारी एंबुलेंस से मरीज को इलाज के लिए लखनऊ ले जाने की सुविधा खत्म हो गई है। सरकार ने गर्भवती महिलाओं की सहूलियत के लिए 102 नंबर सेवा शुरू की तो पुरानी एंबुलेंस इस काम में लगा दी गईं। अब अस्पतालों के लिए उपलब्ध एंबुलेंस की संख्या कम हो गई है जिससे सरकारी अस्पतालों से लखनऊ रेफर होने वाले मरीजों की दिक्कत बढ़ गई।
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लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने दवा से जांच तक सारी सेवाएं मुफ्त कर दी पर मुसीबत कम नहीं हो रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए 102 नंबर सेवा शुरू की गई तो इसके लिए जिले में काम कर रहीं 16 एबुंलेंस लखनऊ मंगा ली गई। ये 16 एंबुलेंस वह थीं जो सरकारी अस्पतालों से रेफर मरीजों को सस्ते दर पर लखनऊ लेकर जाती थीं। इस सेवा के बंद होने के बाद से लोगों को प्राइवेट एंबुलेंस के भरोसे ही काम चलाना पड़ रहा है। दो प्राइवेट नर्सिंग होम की एंबुलेंस जिला अस्पताल परिसर में खड़ी रहती हैं लेकिन इनके लिए लोगों को तकरीबन दोगुना भाड़ा देना पड़ रहा है।
सीएमओ डॉ. रमेश प्रसाद ने बताया कि जिले के अस्पतालों में मौजूद 16 एंबुलेंस मंगाकर 102 नंबर सेवा में परिवर्तित करना शासन का फैसला था। जिसके बाद लखनऊ रेफर किए जाने वाले मरीजों के लिए सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध करा पाना संभव नहीं है। पहले पांच रुपये प्रति किलोमीटर की दर से यह सेवा मरीजों को उपलब्ध कराई जाती थी।
शहर में एंबुलेंस की उपलब्धता
एंबुलेंस संख्या दर
मेडिकल कॉलेज 6 16 रुपये प्रति किलोमीटर
प्राइवेट एंबुलेंस 67 21 रुपये से 26.50 रुपये तक
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