इन्हीं ठिकानों पर क्यों मिलते हैं बदमाश

Gorakhpur Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। आज हम आपको बदमाशों के कुछ ऐसे ठिकाने बताएंगे जहां अक्सर वह पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं। भीड़भाड़ और इन सुनसान इलाकों में आपने भले ही कभी पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ न देखी हो लेकिन थाने की जीडी और केस डायरी में यहां अब तक सैकड़ों धरपकड़ हो चुकी है।
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दरअसल किसी बदमाश को पकड़ने के बाद पुलिस लिखा-पढ़ी में उसकी गिरफ्तारी जहां से दर्शाती है, वह बिल्कुल सही नहीं होती। कानूनी पेंचीदगी और व्यावहारिक सहूलियत इसकी प्रमुख वजह है। जिले के सभी 26 थानों की पुलिस ने अपनी-अपनी सुविधा के लिहाज से कुछ चुनिंदा स्थान तय किए हैं, जहां से वह बदमाशों की गिरफ्तारी दर्शाती है। उन इलाकों में पकड़े जाने वाले ज्यादातर अपराधी इन्हीं चुनिंदा जगहों से पकड़े जाते हैं।
इसलिए ऐसा करती है पुलिस
कानूनन किसी भी आरोपी के पकड़े जाने के 24 घंटे के भीतर ही उसे कोर्ट में पेश करना होता है, जहां से आमतौर पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया जाता है। ऐसे में बदमाशों के बाकी साथियों की लोकेशन, चोरी या लूट के माल की बरामदगी, हत्या में इस्तेमाल हथियार आदि को बरामद करने के लिए पुलिस को अधिक समय नहीं मिल पाता है। इसलिए पुलिस किसी आरोपी को हिरासत में लेने के बाद उसे दो-तीन दिनों तक इधर-उधर रखकर पूछताछ करती रहती है। कोर्ट में पेश करते समय पुलिस अगर असली गिरफ्तारी स्थल को दर्शाती है तो जमानत के समय वहां मौजूद आरोपियों के मददगारों की गवाही पुलिस के लिए दिक्कत खड़ी कर सकती है।

अक्सर इन परिस्थितियों में होता है ऐसा
पुलिस जब किसी आरोपी को गैर जनपद या प्रांत से गिरफ्तार करती है तभी उसे ये खेल करना पड़ता है। दरअसल कानूनन जिस भी आरोपी को पुलिस जहां से गिरफ्तार करे, उसे वहीं के थाने में दाखिल किया जाना चाहिए। वहां से आरोपी को संबंधित कोर्ट में पेश करना होता है और वहीं से उसे जेल भेजा जाता है। जेल जाने के बाद पुलिस को वारंट बी के जरिए उस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करनी होती है। इस प्रक्रिया को अपनाने में खासी मशक्कत होती है जिसके चलते पुलिस गिरफ्तारी स्थल बदलना ही आसान मानती है।

हेरफेर से बदमाशों की मिल जाती है राहत : अधिवक्ता
अपनी सहूलियत के लिए पुलिस अक्सर बदमाशों के असली गिरफ्तारी स्थल में फेरबदल कर देती है। लेकिन केस डायरी लेकर विवेचना के पर्चों में वह कहीं न कहीं कोई चूक कर देती है जिसका फायदा बदमाश उठा लेते हैं। जमानत की अर्जी के समय इन्हीं छोटी-मोटी चूक के चलते अपराधी जल्द ही जेल से छूट जाते हैं।
- मातेश्वरी प्रसाद मिश्र, अधिवक्ता, सिविल कोर्ट।

थाने गिरफ्तारी की चुनिंदा जगहें
कैंट थाना : सरदार ढाबा, रेलवे, बस स्टेशन, पैडलेगंज, चंपा देवी पार्क
कोतवाली : हट्ठी माता मंदिर के पास, घोष कंपनी।
गोरखनाथ : ओवरब्रिज के नीचे, स्प्रिंगर स्कूल मोड़।
बड़हलगंज : तरैना ताल, पटना घाट तिराहा।
गगहा थाना : गोबरहिया मोड़, रकहट मोड़।
राजघाट : नार्मल टैक्सी स्टैंड तिराहा, हार्बर्ट बंधा, अमरूद मंडी।
चिलुआताल : महेसरा ताल पुल, बालापार मोड़।
चौरीचौरा : फुटहवा इनार, सतउवा ढाबा।
झंगहा थाना : गहिरा पेट्रोल पंप, माई-धीया पोखरी।

चुनिंदा जगहों पर हुई धरपकड़
- गगहा में गोबरहिया मोड़ से बाइक चोर गिरफ्तार।
- चंदन का साथी बिसई सरदार ढाबा के पास गिरफ्तार
- पटनाघाट तिराहा से पशु लदे तीन ट्रक बरामद।
- चंपा देवी पार्क के पास 13 उचक्के पकड़े गए।
- पैडलेगंज से आठ वाहनों के साथ चोरों का गिरोह गिरफ्तार।
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