नेताजी, यूपी को गुजरात बनाने की आपकी हैसियत नहीं... 56 इंच का सीना चाहिए

Gorakhpur Updated Fri, 24 Jan 2014 05:45 AM IST
गोरखपुर। भाजपा की विजय शंखनाद रैली में पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ गुजरात के हवाले से खुद पर की जा रही सपा की टीका-टिप्पणी का मुखर होकर जवाब दिया बल्कि सपा मुखिया को ललकारा भी। तंज कसते हुए मोदी ने कहा, ‘नेता जी, यूपी को गुजरात बनाने की आपकी हैसियत नहीं, इसके लिए 56 इंच का सीना चाहिए। गुजरात का मतलब विकास की ओर बढ़ता विकसित राज्य है, आप यूपी को गुजरात नहीं बना सकते।’ यहां मानबेला में आयोजित रैली में गुजरात को परिभाषित करते हुए मोदी ने कहा कि गुजरात का मतलब 24 घंटे और 365 दिन बिजली है, गांव-गांव, गली-गली में बिजली। दस फीसदी से ज्यादा कृषि विकास दर है, यूपी की तरह 3 या 4 फीसदी पर ही लुढ़क नहीं जाता गुजरात। यूपी में कृषि विकास दर की ऐसी स्थिति ‘नेता जी’ की हैसियत का ही नमूना हो सकती है। समाजवादी पार्टी पर और हमलावर होते हुए नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि वह जहां-जहां जाते हैं, बाप-बेटा (मुलायम सिंह-अखिलेश यादव) पीछा करते चले आते हैं। किसान और नौजवान मोदी के भाषण के केंद्र में रहे। उन्होंने सहखेती पद्धति और दुधारू पशुओं की बदौलत श्वेतक्रांति का सपना दिखाते हुए कहा कि ऐसी कोशिशें किसानों में खुशहाली लाएंगी तो नौजवानों को रोजगार भी मिलेगा। सवाल उठाया कि पशु और चारा भरपूर है लेकिन फिर भी यूपी में अमूल जैसी डेयरी योजना क्यों नहीं है? केेंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो नौजवानों के साथ किसानों के हित में नई योजनाएं लागू की जाएंगी। मोदी ने कांग्रेस की भी जमकर खिंचाई की। कहा कि चुनाव आते ही कांग्रेस को गरीब याद आने लगते हैं। साठ साल के शासन में कांग्रेस गरीबी दूर नहीं कर पाई। दरअसल गरीबों को गरीब रखना ही कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य का आधार है। इसी मानसिकता की वजह से कांग्रेस का कोई नेता एक चाय वाले और एक गरीब मां के बेटे को सहन नहीं कर पा रहा। कहा कि हाल में हुए चार राज्यों के चुनाव के नतीजे गवाह हैं कि लोग कांग्रेस मुक्त देश के हामी हैं। साठ साल के बदले साठ माह का मौका मांगते हुए मोदी ने रैली में मौजूद लोगों को सुभाष चंद्र बोस की जयंती के हवाले से उनके नारे को अपने शब्दों में गढ़ते हुए आह्वान किया, ‘आप मुझे 60 महीने दो, मैं आपको सुख चैन की जिंदगी दूंगा।’ रैली में जुटी भीड़ से गद्गद मोदी ने अपने वक्तव्य में गोरखपुर के बंद पड़े खाद कारखाने और बंद होती चीनी मिलों का जिक्र किया। कहा कि ऐसे जनहित के मुद्दे प्रदेश सरकार की बेरुखी के शिकार हैं। गीता प्रेस का उल्लेख करते हुए गोरखपुर को ज्ञानी और चिंतकों की परंपरा से जोड़ा। इससे पहले रैली में राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, विनय कटियार, सांसद योगी आदित्यनाथ ने भी विचार रखे। इस दौरान अमित शाह, कल्याण सिंह, लक्ष्मीकांत वाजपेयी, रमापतिराम त्रिपाठी, सूर्यप्रताप शाही समेत भाजपा के तमाम नेता मौजूद थे।

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