योगी के दखल के बाद आंदोलन स्थगित

Gorakhpur Updated Mon, 25 Nov 2013 05:40 AM IST
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गोरखपुर। सांसद योगी आदित्य नाथ के दखल के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में क्रमिक अनशन कर रहे विद्यार्थियों का आंदोलन पांचवें दिन स्थगित हो गया। इस दौरान आंदोलनकारियों की मांग के मुताबिक प्राप्तांक पर शिकायत दर्ज कराने वालों को विषय विशेषज्ञों की मौजूदगी में उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने पर हामी भरी गई। पुनर्मूल्यांकन छोड़ अन्य मांगों पर भी सहमति जताई गई। अब पुनर्मूल्यांकन से बच रहे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एमए (प्रथम वर्ष) भूगोल के पुनर्मूल्यांकन बाद घोषित हुए परिणाम पर रोक लगा दी है। साथ ही कम नंबर देने के आरोपी परीक्षकों को 10 साल के लिए परीक्षा कार्य से प्रतिबंधित करने का निर्णय भी लिया है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों के बीएससी तीनों वर्ष और एमएससी के विद्यार्थी मूल्यांकन में गड़बड़ी को लेकर गुरुवार से आंदोलन कर रहे थे। उनकी मुख्य मांग एमए (प्रथम वर्ष) भूगोल की तर्ज पर अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने की थी। आंदोलन के बीच दो दिन माहौल गर्माने और लाठीचार्ज होने से शनिवार को आंदोलन का निर्णायक दिन माना जा रहा था। हुआ भी यही आंदोलन के पांचवें दिन शनिवार को सांसद योगी आदित्य नाथ क्रमिक अनशन कर रहे विद्यार्थियों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों की मांगों को जायज ठहराते हुए विश्वविद्यालय की पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया।
साथ ही इसके लिए कुलपति को जिम्मेदार ठहराया। अनशन स्थल पर आए कुलसचिव शैलेश शुक्ल, प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद और कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुरेंद्र दुबे के समक्ष विद्यार्थियों की मांगें रखते हुए सांसद ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई न होने पर वह खुद आंदोलन शुरू कर देंगे। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले में कुलपति से वार्ता के लिए समय मांगा तो सांसद ने एक घंटे की अवधि तय की। एक घंटे बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शासन के हवाले से पुनर्मूल्यांकन में असमर्थता जताते हुए भूगोल के पुनर्मूल्यांकन बाद सामने आए रिजल्ट पर रोक लगाने की जानकारी दी। साथ ही आंदोलनरत बीएससी और एमएससी के विद्यार्थियों की अन्य मांगें मानने का ऐलान किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन से मांगों पर फैसले का लिखित ब्योरा मिलने के बाद सांसद ने विद्यार्थियों को जूस पिलवाकर क्रमिक अनशन खत्म करा दिया। साथ ही कहा कि आंदोलन स्थगित हुआ है अगर तय फैसले के मुताबिक कार्रवाई नहीं हुई तो वह खुद इस मामले में आंदोलन शुरू कर देंगे।
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