कोहरे से जंग में कारगर साबित नहीं हो रही फॉग डिवाइस

Gorakhpur Updated Fri, 22 Nov 2013 05:41 AM IST
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गोरखपुर। अत्याधुनिक तकनीक के जरिए कोहरे से जंग की कोशिश मददगार साबित नहीं हुई है। पूर्वोत्तर रेलवे की यहां से गुजरने वाली 135 ट्रेनों में फॉग डिवाइस लगाने के बाद भी उनकी रफ्तार बढ़ नहीं पा रही है। कोहरे के समय ट्रेनों के संचालन में ज्यादा कारगर चूने की लकीर और पटाखे ही हैं।
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ट्रेन ड्राइवरों के अनुसार दो साल पहले ट्रेनों में लगाई गई ‘फॉग सेफ’ नाम की डिवाइस से सिग्नल की दूरी और आगे की क्रॉसिंग का पता चलता है। कई बार नेटवर्क फेल होने के चलते सेटेलाइट से संचालित यह डिवाइस काम करना बंद कर देती है। इसलिए ट्रेनों के सही समय पर संचालन के लिए ऐसे उपकरणों की जरूरत है, जो रेड या ग्रीन सिग्नल के बारे में भी बताए।
दिवाली के समय दो दिन घने कोहरे के कारण वैशाली सुपरफास्ट, गोरखधाम, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहित दर्जन भर ट्रेनें पांच से दस घंटे देरी से पहुंचीं। इनकी रवानगी के लिए पटाखों का इस्तेमाल करना पड़ा। तब फॉग डिवाइस काम नहीं आए। इस मद्देनजर अब ड्राइवरों को रूट चार्ट भी दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें कोहरे के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से ट्रेनों को न चलाने की हिदायत भी दी गई है।
कोट
फॉग डिवाइस से सिग्नल की दूरी पता चलता है, जिससे ड्राइवर अलर्ट हो जाते हैं। यह सही है कि ट्रेनों के संचालन में लाइम मार्किंग (चूने की लकीर) और डिटोनेटर्स (पटाखे) अब भी काफी मददगार हैं। मानव रहित गेट पर दुर्घटना की आशंका होती है। इसलिए लोगों को जागरूक किया जाता है कि वे क्रासिंग पार करते समय दोनों ओर देख लें।
- एनके अंबिकेश, मुख्य संरक्षा अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे
बॉक्स
कैसे काम करती है फॉग सेफ
यह डिवाइस ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम के जरिये काम करती है। इस उपकरण के छोटे से बॉक्स के स्क्रीन पर सिग्नल का पता चलता है। सिग्नल से 275 मीटर की दूरी पर जब ट्रेन होती है तब इस डिवाइस में लोकेशन की आवाज भी आती है।
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135 ट्रेनों में लगे हैं उपकरण
पूर्वोत्तर रेलवे की 135 ट्रेनों में फॉग डिवाइस लगाई गई हैं। इनमें 80 ट्रेनों वाराणसी और छपरा रूट की हैं और 35 ट्रेनें गोरखपुर से लखनऊ रूट पर चलती हैं। लोकल ट्रेनों में भी इसका इस्तेमाल हो रहा है। एक डिवाइस की कीमत करीब 35 हजार रुपये है।

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ट्रेनों में फॉग डिवाइसों की जांच जारी
अंबाला। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली 216 ट्रेनों में भी फॉग डिवाइस लगाई गई हैं। धुंध के सीजन के मद्देनजर इन उपकरणों को चेक किया जा रहा हैं। जिनमें कमी पाई जा रही है, उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। फॉग सीजन को देखते हुए मंडल में अलर्ट किया गया है।

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