थाली की रोटी भी अब हो जाएगी महंगी

Gorakhpur Updated Sun, 27 Oct 2013 05:39 AM IST
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गोरखपुर। अब रोटी और महंगी हो जाएगी। वजह यह है कि खाद, डीजल के दाम बढ़ने के बाद अब गेहूं का बीज भी महंगा हो गया। सरकारी गेहूं की कीमतों में 260 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। इसके अलावा कुछ बीजों पर अनुदान भी बंद कर दिया गया है। जाहिर है कि खेती किसानी की लागत बढ़ेगी तो असर बाजार में गेहूं की कीमत पर भी पड़ेगा।
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गेहूं की खेती में बढ़ी लागत का आकलन करें तो पिछले साल बुवाई के समय फास्फेटिक खाद (डीएपी, एनपीके) की कीमतों में प्रति क्विंटल 350 से 400 रुपये बढ़ोत्तरी की गई है। हालांकि बाद में 80 से 100 रुपये प्रति क्विंटल दाम घटा दिया गया। इसी तरह साल भर में डीजल की कीमत करीब 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ा है। एक एकड़ खेत की सिंचाई में कम से कम 10 से 12 घंटे पंपिंगसेट चलाना पड़ता है। एक घंटे में पंपिंगसेट चलाने में एक लीटर डीजल खर्च होता है। इस हिसाब से एक बार की सिंचाई में 100 से 120 रुपये अधिक देना होगा। गेहूं की सिंचाई कम से कम दो बार होती है। यानी कि सिंचाई में ही किसान को 200 से 240 रुपये अधिक खर्च करने होंगे। ऐसे में किसान पर बीज, खाद और सिंचाई में ही प्रति एकड़ एक हजार रुपये का बोझ बढ़ेगा। पैदावार के प्रति सजग रहें किसान
कृषि विशेषज्ञ डॉ. एसके तोमर कहते हैं : खेती किसानी की लागत जिस तरह बढ़ी है उस हिसाब से किसान को बाजार में फसल का मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों को अब पैदावार बढ़ाने पर सोचने की जरूरत है। इसके लिए उन्हें फसल को नुकसान से बचाने पर पूरा ध्यान देना चाहिए। बेहतर उत्पादन के लिए हरी खाद का प्रयोग करें, इससे रासायनिक खाद की बचत होगी।
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