शिक्षक ने रुपये लेकर बांट दिए फर्जी प्रमाणपत्र

Gorakhpur Updated Sun, 27 Oct 2013 05:39 AM IST
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गोरखपुर। रमा इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्टीट्यूट डिग्री कॉलेज की पुलिस लाइंस ब्रांच में एक शिक्षक ने विद्यार्थियों से रुपये लेकर फर्जी प्रमाणपत्र दे दिए। शनिवार को संस्था के कार्यालय पहुंचे एक विद्यार्थी ने जब प्रमाणपत्र की जांच कराई तो मामले का खुलासा हुआ। जानकारी होने पर संस्था के निदेशक ने कई अन्य विद्यार्थियों से संपर्क करके उनके प्रमाणपत्रों की जांच कराई तो वे भी फर्जी निकले। आरोपी शिक्षक ने एक साल के कोर्स को छह महीने में पूरा कराने का झांसा देकर रुपये लिए थे। शनिवार को विद्यार्थियों ने शिक्षक को पकड़कर कैंट पुलिस को सौंप दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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रेलवे स्टेशन रोड पर पुलिस लाइंस के सामने रमा इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्टीट्यूट डिग्री कॉलेज की एक ब्रांच है। पीपीगंज क्षेत्र के बढ़या चौक निवासी दुर्गेश गुप्ता इस ब्रांच के निदेशक हैं। इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक, एसी, फ्रिज ठीक करने की पढ़ाई होती है। बढ़ाया चौक गांव का सत्येंद्र शर्मा इंस्टीट्यूट में शिक्षक था। विद्यार्थियों से उसने एक साल का डिप्लोमा कोर्स छह माह में पूरा कराकर प्रमाणपत्र देने और पासपोर्ट बनवाने का झांसा देकर 500 रुपये से लेकर 7200 रुपये तक लिए थे। सत्येंद्र ने संस्था के पुराने प्रमाणपत्र को स्कैन कराकर विद्यार्थियों को दे दिया। विद्यार्थियों से लिए रुपये की उसने रसीद भी दी थी। इंस्टीट्यूट की वेबसाइट पर प्रमाणपत्र के बारे में कोई प्रमाण नहीं मिलने पर शुक्रवार को एक विद्यार्थी इंस्टीट्यूट पहुंचा और निदेशक से शिकायत की। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिला। पूछताछ में विद्यार्थी ने बताया कि सत्येंद्र ने उसके अलावा कई अन्य से रुपये लेकर प्रमाण पत्र दिए है। छानबीन में नौ छात्रों के बारे में जानकारी मिली। शनिवार को विद्यार्थियों ने शिक्षक को पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में शामिल सत्येंद्र का साथी फरार है। इनसे ठगी का खुलासा हुआ
चौरीचौरा के डुमरीखुर्द निवासी बप्पी गुप्ता से प्रमाणपत्र के लिए 1600 रुपये, कन्हैया लाल से 7750 रुपये, रविप्रकाश से 500 रुपये, सतीश से 7750 रुपये, अशोक यादव से 1700 रुपये, रवि सोनकर से 1000 रुपये, रवि शंकर विश्वकर्मा से 5200 रुपये, आरिफ हुसैन से 4800 रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। ठगी का शिकार हुए विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

शिक्षक पर दर्ज कराएंगे मुकदमा : निदेशक
सिविल लाइंस के रमा इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्टीट्यूट डिग्री कॉलेज के निदेशक दुर्गेश गुप्ता ने बताया कि डेढ़ साल से सत्येंद्र उनकी संस्था में पढ़ाता था। अब तक नौ विद्यार्थियों को फर्जी प्रमाणपत्र देने की पुष्टि हुई है। अन्य विद्यार्थियों से संपर्क करके जानकारी जुटाई जा रही है। सत्येंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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विद्यार्थियों को वापस दे दूंगा रुपये : सत्येंद्र
आरोपी सत्येंद्र शर्मा ने फर्जी अंकपत्र देने के मामले में रुपये लेने की बात कबूल की। उसने कहा कि विद्यार्थियों से लिए रुपये वह वापस कर देगा। उसने आरोप लगाया कि सभी प्रमाणपत्र निदेशक के हस्ताक्षर से जारी हुए है। उसे इस मामले में फर्जी फंसाया जा रहा है।
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मामले की छानबीन चल रही है। आरोपी टीचर को कैंट पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस फर्जीवाड़े में जो लोग भी शामिल है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रदीप कुमार, एसएसपी
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