शौचालय के घटिया निर्माण ने कराई फजीहत

Gorakhpur Updated Tue, 22 Oct 2013 05:39 AM IST
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गोरखपुर। जिले के प्रभारी अधिकारी/ प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन बृजमोहन मीना का सोमवार को जिले में दूसरा दौरान कई अफसरों पर भारी पड़ गया। चरगांवा ब्लॉक के लोहिया गांव दौलतपुर के निरीक्षण के दौरान ही करीब आधा दर्जन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो गई। अभी मंगलवार को दूसरे दिन का दौरा बाकी ही है। प्रमुख सचिव के दौरे के मद्देनजर प्रशासन ने लोहिया गांव दौलतपुर में तैयारी तो खूब की थी, लेकिन शौचालय के घटिया निर्माण ने फजीहत करा दी। निरीक्षण के बाद आयोजित चौपाल में बिजली की कम आपूर्ति और खराब ट्रांसफॉर्मर का मुद्दा छाया रहा। इसपर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने जल्द ही दो और ट्रांसफॉर्मर लगाने का आश्वासन दिया।
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शाम साढ़े चार बजे के करीब प्रमुख सचिव की गाड़ी जैसे ही गांव के मुहाने पर रुकी वैसे ही दूर खड़े अफसर और ग्रामीण दौड़ पड़े। सड़क की दाहिनी तरफ एक लोहिया आवास का निर्माण चल रहा था। प्रमुख सचिव वहीं रुक गए। अभी वह आवास की मालिक नीलम से बात कर रहे थे कि उनक ी नजर शौचालय की छत पर चली गई। नजदीक जाकर देखा तो खफा हो गए। डीपीआरओ आरके भारती से पूछा कि यह कैसा निर्माण है, बरसात में इसकी छत चटक जाएगी और इससे पानी भीतर टपकेगा। प्रमुख सचिव का मिजाज बिगड़ता देख डीएम खुद आगे आ गए।
उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी (सेक्रेटरी) अजय को बुलाकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। डीपीआरओ को भी खरी-खोटी सुनाया। इसी बीच सेक्रेटरी ने कुछ सफाई देने की कोशिश की तो वे और खफा हो गए। अपने स्टेनो को बुलाकर डीपीआरओ और सेक्रेटरी दोनों का वेतन रोकवाने का निर्देश दिया। उन्होेंने डीपीआरओ को 10 दिन के भीतर कमियों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया तो वहीं सेक्रे टरी का तबादला गोला ब्लॉक में करने को कहा।
गांव के मुहाने पर ही कमियां मिली तो फिर पूरे निरीक्षण के दौरान कुछ न कुछ गड़बड़ी मिलती चली गईं। शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा मिला तो गांव में कई जगह गंदगी भी मिली। शौचालयों के छत के निर्माण पर भी प्रमुख सचिव ने आपत्ति दर्ज कराई। इसपर डीएम ने बीडीओ पिपराइच का भी वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसी तरह एक निर्माणाधीन सीसी रोड की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उन्होंने जांच के लिए उसके मसाले का नमूना भरवाया। प्रस्ताव के मुताबिक राजकुमार मौर्या के घर से बरगद के पेड़ तक सीसी रोड का निर्माण न कराकर दूसरे जगह निर्माण कार्य शुरू करने पर प्रमुख सचिव ने पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
चुल्लू से उठाया गंदा पानी, करते रहे चिरौरी
गोरखपुर। सहजनवां के सेमरा गांव की ही तरह सोमवार को चार घंटे के भीतर लोहिया गांव दौलतपुर भी चमक उठा। सर्किट हाउस पर सुबह 10 बजे इस गांव में प्रमुख सचिव का निरीक्षण कार्यक्रम तय होते ही अफसर फोन पर ही अपने मातहतों को सतर्क करने में जुट गए। इधर विकास कार्यों की समीक्षा के लिए प्रमुख सचिव सर्किट हाउस से निकलकर विकास भवन पर पहुंचे और उधर दौलतपुर गांव में अफसरों की टीम पहुंचना शुरू हो गई। देखते ही देखते 100 से अधिक सफाई कर्मचारी और विभिन्न विभाग के अफसरों की गाड़ियों का गांव में रेला लग गया।
अफसरों के माथे पर पसीना देख कर्मचारी भी हड़बड़ा गए। सड़क के किनारे नाली का गंदा पानी हटाने के लिए कोई सामान नहीं मिला तो पीडब्लूडी का एक मजदूर जल्दी-जल्दी चुल्लू से ही गंदा पानी उठाकर बाल्टी में भरने लगा। फर्टिलाइजर चौराहे से गांव की तरफ जाने वाली सड़क देखते ही देखते सही कर दी गई तो वहीं गांव में तीन माह से खराब पड़ा ट्रांसफॉर्मर भी बदल दिया गया। अफसर, ग्रामीणों से इस बात की चिरौरी कर रहे थे कि वे प्रमुख सचिव के सामने कोई शिकायत नहीं करें। एक अफसर तो यह कहते सुने गए कि ‘बड़े साहब आवत बाड़े कुछ कहिये नाहीं, जौनो समस्या बा सब दूर कई देवल जाइ’।
गांव के एक तरफ एडीओ पंचायत फाइल देखकर बोल रहे थे और एक कर्मचारी बोर्ड पर गांव में संचालित योजनाओं का ब्यौरा दर्ज कर रहा था। वहां से वे खाली हुए तो शौचालयों की दीवालों पर घर के मालिकों का नाम दर्ज करने में मशगूल हो गए। इंसेफेलाइटिस से जागरूकता वाले पोस्टर लेई से न चिपकने पर पंचायत विभाग के कुछ कर्मचारी परेशान थे तो आईटी कॉलेज के एक अधिकारी और उनके मातहत एक लड़के से गांव के हाई स्कूल पास दूसरे सभी लड़कों से मिलवाने के लिए चिरौरी कर रहे थे। पूछा तो बताने लगे कि लोहिया गांव के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम चलाया जाता है। गांव के कुछ युवा छूट गए थे। उन्हीं का फॉर्म भरवा रहे हैं। यही नहीं शनिवार को शेड्यूल तय होने के बाद भी सुपरवाइजर और एएनएम कैंप लगाकर बच्चों को टीका लगा रही थीं।
इतनी पूछ कभी नहीं हुई
इसके पहले गांव में कभी न तो इतने ढेर सारे अफसर आए थे और न ही कभी इतनी पूछ हुई थी। गांव के सफाई कर्मी कभी आते हैं कभी नहीं लेकिन आज तो सफाई कर्मचारियों की फौज ने पूरे गांव में साफ-सफाई की।
-सुकई
जानलेवा बन गया है तार
गांव में बिजली के पोल और तार नहीं है। पूरे गांव में केबिल का ही तार फै ला है, वह भी चंदा मिलाकर। इस तार से प्राय: दुर्घटनाएं होती हैं। हाल ही में तार टूटकर गिर जाने से दो गायें मर र्गइं। बिजली के तार के लिए कई अफसरों से चिरौरी कर चुके हैं।
-सुदर्शन
बंद हो गई पेंशन
दस साल पहले ही पति रामचरण की मौत हो गई थी। मजदूरी करके घर चलाते हैं। काफी चिरौरी के बाद किसी तरह विधवा पेंशन शुरू हुई, लेकिन डेढ़ साल से उसे बंद कर दिया। तब से प्रधान और सेक्रेटरी के चक्कर लगा रही हूं।
-इसरावती
नहीं मिली विकलांग पेंशन
एक दुर्घटना में दोनो पैर खराब हो गए। घर चलाने वाला मैं ही था, लेकिन पैर खराब हो जाने के बाद लाचार हो गया। पत्नी मजदूरी कर घर चलाती है। विकलांग पेंशन के लिए छह-सात बार फॉर्म भरा, लेकिन आज तक पेंशन नहीं मिल सकी।
-सुरेश
लोनिवि और निर्माण निगम रहे निशाने पर
गोरखपुर। दो दिन के दौरे पर सोमवार को यहां आए प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन बृजमोहन मीना ने विकास कार्यों की समीक्षा भी की। विकास भवन में करीब चार घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग और कार्यदायी संस्था मंडी निर्माण निगम, उनके निशाने पर रहे। फंड होने के बाद भी रामजानकी मार्ग के निर्माण में विलंब होने से खफा प्रमुख सचिव ने लोनिवि के अफसरों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ठेकेदार को काली सूची में डालने तथा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।उन्हें बताया गया था कि यह सड़क 15 किलोमीटर लंबी बननी है। आठ किलोमीटर तक ही अभी निर्माण हो सका है।
उन्होंने 25 लाख से अधिक वाले ऐसे सभी कार्यों में जिनमें फंड होने के बाद भी कार्यदायी संस्था या ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही हो, उन्हें काली सूची में डालने के अलावा उनपर एफआईआर भी दर्ज कराने को कहा। बताया गया कि मंडी के पास आठ कार्य हैं जो अधूरे हैं। निगम ने सफाई दी कि टेंडर हो गया है अनुबंध की कार्यवाही चल रही है। इसपर खफा प्रमुख सचिव ने पूछा कि पिछली बैठक में भी उन्हें यही जवाब मिला था। उन्होंने मंडी निर्माण निगम के अफसरों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने को कहा।
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने नौसड़ से कालेसर और नौसड़ से बाघागाड़ा तक की सड़क की जल्द मरम्मत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने गड्ढामुक्त सड़कों की मरम्मत पर विशेष बल देते हुए जैतपुर-खजनी मार्ग का काम जल्द पूरा कराने को कहा। बैठक में डीएम रवि कुमार एनजी, सीडीओ सुरेश कुमार राठौर और एडीएम (फाइनेंस) देव कृष्ण तिवारी समेत कई विभागों के अफसर मौजूद थे।
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