सज्जन सिंह को नहीं भूलती गोरखपुर की शाम

Gorakhpur Updated Wed, 19 Dec 2012 05:30 AM IST
गोरखपुर। ठेठ अवधी अंदाज में सज्जन सिंह के डॉयलाग आज हर किसी के जुबां पर है। टीवी सीरियल प्रतिज्ञा में अपनी अदाकारी से एक नया मुकाम हासिल कर चुके अनुपम श्याम उर्फ ठाकुर सज्जन सिंह को आज भी गोलघर की वह सुहानी शाम नहीं भूलती जहां वह दोस्तों संग रोजाना कुछ समय बिताया करते थे। देश के मौजूदा हालात को लेकर भी उनके मन में पीड़ा कम नहीं है। वह कहते हैं कि कि जिस तरह से निरक्षरों की संख्या बढ़ती जा रही है, उससे यही लग रहा है कि साक्षरता मिशन का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।
शांति सेवा संस्थान की तरफ से 21, 22 दिसंबर को शहर में आयोजित हो रहे पूर्वांचल महोत्सव में भाग लेने आ रहे सज्जन सिंह गोरक्षनगरी से भली भांति वाकिफ हैं। ‘अमर उजाला’ से फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि चालीस साल बाद वह गोरखपुर आ रहे हैं। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अपने दोस्त की अपूर्ण मार्कशीट लेकर विभागों का चक्कर लगाना भी उन्हें याद हैं। बकौल सज्जन सिंह यूनिवर्सिटी से निकलकर वह गोलघर और इंदिरा बाल बिहार दोस्तों के साथ जाते थे।
बातचीत के दौरान देश के मौजूदा हालात पर चिन्ता प्रकट करते हुए उन्होंने राजनीति में आने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे और अरविन्द केजरीवाल जो कुछ भी कर रहे हैं, वह तो ठीक है लेकिन देश की दशा सुधारने के लिए सभी को आगे आना होगा। देश विरासत, वसीयत में चल रहा है, लोग राष्ट्रवादी नहीं आत्मवादी बनते जा रहे हैं। देश में निरक्षरों की संख्या बढ़ती जा रही है। जहां तक अवधी भाषा की बात है तो मुंबई जैसी जगह पर भी इस भाषा में बोलने लगे हैं।

प्रो. रस्तोगी संग कर चुके हैं नाटक
1972 से अपने अभिनय का सफर शुरू करने वाले ठाकुर सज्जन सिंह ने गोरखपुर की नाट्य समीक्षक प्रो. गिरीश रस्तोगी सहित कई लोगों के साथ नाटकों में अभिनय किया है। उन्होंने बताया कि नेशनल स्कूल आफ ड्रामा में कार्यक्रमों के दौरान इन लोगों से भी गोरखपुर के बारे में बातचीत होती रहती थी।

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