रेल डिब्बों में सिमट आया जैव विविधता का संसार

Gorakhpur Updated Sun, 04 Nov 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। शेर, बंदर, उल्लू, दो कूबड़ वाला ऊंट कभी आपने देखा है। कछुओं की विभिन्न प्रजातियां हों या फिर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों का खान-पान और रहन-सहन, यह सब साइंस एक्सप्रेस बायोडायवर्सिटी स्पेशल (एसईबीएस) में एक साथ समाया हुआ है। यह ट्रेन शनिवार को गोरखपुर छावनी स्टेशन पर पहुंची और छह नवंबर तक यहां रुकेगी। पहले दिन इस स्पेशल ट्रेन को देखने को शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे भारी संख्या में आए।
विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने का संदेश देने के उद्देश्य से भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और पर्यावरण शिक्षा केंद्र की ओर से यह ट्रेन बीते पांच जून को दिल्ली से चली है। इसके 6 डिब्बों के इस एसईबीएस में आठ डिब्बों में जैव विविधता, तीन कोच में पर्यावरण संरक्षण और एक कोच में विज्ञान और गणित का संसार प्रदर्शित है। प्रत्येक कोच में विक्रम ए. साराभाई कम्यूनिटी साइंस सेंटर के दो-दो साइंस कम्युनिकेटर बच्चों को विभिन्न जानकारियां दे रहे हैं।
ट्रेन में जैव विविधिता के दृष्टिकोण से भारत को 10 जोन में बांटकर दर्शकों को प्रत्येक क्षेत्र में पाए जाने वाले जानवर, अनाज, फल, पक्षी आदि की जानकारियां दी जा रही हैं। इसके माध्यम से ट्रांस हिमालय, हिमालय, गंगा का मैदानी भाग, उत्तर पूर्वी भारत, भारतीय मरुस्थल एवं अर्द्ध शुष्क क्षेत्र, पश्चिमी घाट, दक्कन का प्रायद्वीप, तटीय क्षेत्र एवं द्वीप समूह आदि क्षेत्रों में पाए जाने वाले जानवरों आदि की जानकारियां दी जा रही हैं।
इसमें कछुओं की महत्ता को बताया गया है। बताया गया है कि ये मरे जीव-जंतुओं को खाते हैं। इस लिहाज से गंगा को साफ-सुथरा रखने में ये बहुत सहायक हैं। गंगा में कुल 15 प्रजाति के कछुए पाए जाते हैं। इनमें स्पॉटेड, थ्री स्ट्रीप्ड टर्टल, इंडियन रूफ्ड, इंडियन नैरो हेड, इंडियन साफ्ट सेल, इंडियन आई, क्राउंड रिवर, रेड क्राउंडेड रूफ आदि हैं। लेकिन कछुओं के अवैध शिकार औषधीय उद्देश्यों और भोजन के लिए किया जा रहा है। यह सबसे गंभीर संकट है। लगातार शिकार किए जाने की वजह से इनकी संख्या के साथ इनके अंडों में भी लगातार कमी आ रही है।

सूरज, चंद्रमा पर अपना वजन जानिए
साइंस एक्सप्रेस में एक से बढ़कर एक रोचक वैज्ञानिक जानकारियां मिलती हैं। इसमें एक ऐसा यंत्र लगा हुआ है जिससे व्यक्ति न सिर्फ पृथ्वी पर बल्कि चंद्रमा समेत अन्य ग्रहों पर अपना वजन तौल सकता है। पृथ्वी पर अगर आपका वजन 71 किलोग्राम है तो चांद पर वजन 11.78 किलोग्राम, सूरज पर 1922 किलोग्राम होगा। शुक्र पर आपका वजन 64.34 किलोग्राम, बुध पर 26.83 किलोग्राम, बृहस्पति पर 167.84 किलोग्राम, शनि पर 75.54 किलोग्राम होगा। इसी तरह अन्य ग्रहों पर वजन मापा जा सकता है। यह सारा गुरुत्वाकर्षण शक्ति की वजह से है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

शिवपाल के जन्मदिन पर अखिलेश ने उन्हें इस अंदाज में दी बधाई, जानें- क्या बोले

शिवपाल यादव ने अपने समर्थकों संग लखनऊ स्थित आवास पर जन्मदिन मनाया। अखिलेश यादव ने उन्हें मीडिया के माध्यम से बधाई दी।

22 जनवरी 2018

Related Videos

ठण्ड ने ली यूपी पुलिस के सिपाही की जान!

यूपी में ठण्ड का कहर जारी है। प्रदेश के महराजगंज जिले में एक सिपाही की मौत ठण्ड लगने से हो गई। सिपाही उल्टी करने के बाद बिस्तर पर मृत पाया गया था।

22 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper