विद्यार्थियों की जिज्ञासा से वैज्ञानिक रोमांचित

Gorakhpur Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। इंसपायर इंटर्नशिप कैंप के तीसरे दिन जिज्ञासु विद्यार्थियों ने अपने सवाल-जवाब से वैज्ञानिकों को हतप्रभ कर दिया। वे अपने अतीत में लौट गए। फिर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रतिभा हो तो सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी बड़ी से बड़ी उपलब्धि अर्जित कर सकता है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर आर्यभट्ट, रामानुजम जैसे भारतीय वैज्ञानिकों को याद करते हुए बताया कि वो भी आपकी ही तरह थे जिन्हों दुनिया को विज्ञान की बुनियदी ज्ञान दिया।
महात्मा गांधी पीजी कालेज गोरखपुर द्वारा आयोजित इंसपायर इंटर्नशिप कैंप के तीसरे दिन का पहला सत्र भौतिक विज्ञान पर आधारित था। इसमें क्विज प्रतियोगिता हुई जिसमें विद्यार्थियों के छह ग्रुप बनाए गए थे। हर ग्रुप से चार-चार सवाल किए गए। प्रश्न पूछने वाले थे, महात्मा गांधी पीजी कालेज के भौतिक विज्ञान विभाग के डा. एससी वर्मा। डा. वर्मा ने छात्रों से परमाणु ऊर्जा की खोज, एन्जाइम की खोज, डीएनए की संरचना, पृथ्वी के केंद्र में गुरुत्वाकर्षण बल की माप जैसे विषय के सवालों के सटीक जवाब देकर न केवल डा. वर्मा बल्कि सभागार में मौजूद हर वैज्ञानिक का दिल जीत लिया।
इसके अलावा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रो. एसआई रिजवी के सत्र में तो विद्यार्थियों ने गजब ढा दिया। एजिंग जैसे गूढ़ विषय पर छात्रों क ी उत्सुकता देखते बन रही थी। प्रो. रिजवी ने मनुष्य की आयु और आयु वृद्धि क्रम, उसके विकास, उसमें निहित डीएनए तथा जिंस के कार्यों के बारे में बताया। इस पर विद्यार्थियों ने सवालों की झड़ी लगा दी। विद्यार्थियों ने पूछा कि आखिर कैसे उम्र को बढ़ाया जा सकता है, कैसे सफेद होते बालों को काला बनाए रखा जा सकता है। इसके जवाब में प्रो. रिजवी ने बताया कि अगर एंटी ऑक्सीडेंट प्रॉडक्ट का इस्तेमाल किया जाए तो व्यक्ति आजीवन स्वस्थ रह सकता है और उसकी उम्र भी बढ़ सकती है। सवाल जवाब का सिलसिला ऐसा बढ़ा कि कब दो घंटे गुजर गए किसी को पता ही नहीं चला। जबरन सत्र समाप्त करना पड़ा, तो विद्यार्थी उनके पीछे हो लिए। समापन सत्र में पुणे से आईं डा. शीला डांडे ने विद्यार्थियों को जीवित हाइब्रा दिखा कर चकित कर दिया। हाइब्रा को वह पुणे से खास तौर पर विद्यार्थियों क ो दिखाने के लिए लाई थीं। छात्रों के लिए अगर थोड़ा गूढ़ विषय रहा तो वह रसायन विज्ञान था। हालांकि इस सत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान के प्रो.बी सिंह ने लिक्विड क्रिस्टल की परिभाषा तथा उसके उपयोग के बारे में बताया। उनका कहना था कि लिक्विड क्रिस्टल एक बहुलक है जिसका प्रयोग आज हम बहुतायत में कर रहे हैं। इसकी खोज 2005 साल पहले एक चट्टान के रूप में पाए जाने वाले क्रिस्टल के रूप में हुई थी जिसमें चुंबकीय गुण होते हैं। गणित के सत्र में गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. आरसी श्रीवास्तव ने अलजेब्रा की परिभाषा तथा उसकी खोज के बारे में बताया। कहा कि अल्जेब्रा अरबी भाषा का शब्द है। तीसरे दिन के कार्यक्रम की अध्यक्षता एमजीपीजी कालेज गोरखपुर के भौतिक विभाग के डा. केवर्मा ने की। द्वितीय सत्र के अध्यक्ष प्राणी विज्ञान के डा. निखिल कुमार ने की। कार्यक्रम का संयोजन डा. सबिता रानी सिंह ने किया।

Spotlight

Most Read

Meerut

दो सगी बहनों से साढ़े चार साल तक गैंगरेप, घर लौट आई एक बेटी ने सुनाई आपबीती

दो बहनों का अपहरण कर तीन लोगों ने साढ़े चार वर्ष तक उनके साथ गैंगरेप किया। एक पीड़िता आरोपियों की चंगुल से निकल कर घर लौट आई। उसने परिवार को आपबीती सुनाई।

21 जनवरी 2018

Related Videos

आलू किसानों पर यूपी के कृषि मंत्री का बड़ा बयान

यूपी में आलू किसानों की हालत क्या है इससे पूरा देश वाकिफ है। यूपी के अलग-अलग शहरों में सड़कों पर आलू फेंके जाने की तस्वीरें सामने आती हैं। ऐसे में यूपी के कृषि मंत्री ने ये आश्वासन दिया है कि आलू किसानों के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा।

20 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper