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इंसेफेलाइटिस मरीजों से मिलीं डीजी

Gorakhpur Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (डीजी हेल्थ) डा. रमा सिंह ने बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण जिला अस्पताल में व्यवस्था चाक-चौबंद थी। बेड के चद्दर बदले गए थे। तीमारदारों की भारी भीड़ को बाहर कर दिया गया था। हालांकि सफाई को लेकर वह नाराजगी जताने से नहीं चूकीं।
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डीजी हेल्थ दोपहर 12.15 बजे जिला अस्पताल पहुंचीं। महिला अस्पताल के सामने के गेट से प्रवेश के बाद वह इंसेफेलाइटिस वार्ड पहुंचीं। यहां उन्होंने आईसीयू वार्ड में मरीजों का हाल जाना और एडी हेल्थ डा. एके पांडेय, सीएमओ डा. एमपी सिंह और एसआईसी डा. दिवाकर प्रसाद से बीमारी के संबंध में पूछताछ की। इसके बाद वह इंसेफेलाइटिस जनरल वार्ड पहुंचीं। यहां उन्होंने मरीजों के परिजनों से मिलने वाली दवाओं के संबंध में बात की। परिजनों ने दवाएं अस्पताल से मिलने की जानकारी दी। इंसेफेलाइटिस वार्ड से निकलकर डीजी हेल्थ ने महिला रैनबसेरा को बाहर से देखा और ओपीडी से सटे इंसेफेलाइटिस प्रयोगशाला देखने चली गईं। यहां से उन्होंने पर्ची काउंटर के बाहर लाइन में लगीं महिलाओं से बात कीं और ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने कमरा नंबर 29 में चर्म रोग विशेषज्ञ डा. वीके जायसवाल से मरीजों के संबंध में जानकारी ली। बीस मिनट बाद वह सर्किट हाउस रवाना हो गईं। उधर, डीजी हेल्थ बृहस्पतिवार की सुबह 9.30 बजे बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचीं। यहां उन्होंने इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरीजों से बात की। दवाओं के संबंध में उन्होंने प्रधानाचार्य डा. केपी कुशवाहा से पूछताछ की। यहां उन्होंने प्रधानाचार्य के साथ बैठक की।


बुखार पीड़ितों के खून की कराएं जांच
गोरखपुर। डीजी हेल्थ डा. रमा सिंह ने कहा कि जिन क्षेत्रों में इंसेफेलाइटिस के मामले मिलें वहां आसपास के बुखार पीड़ितों के खून की जांच जरूर कराई जाए। बुखार पीड़ितों को सीएचसी, पीएचसी में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। यदि जिला अस्पताल रेफर करने की जरूरत हो तो इन्हें एंबुलेंस से भेजा जाए।
डीजी हेल्थ बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में गोरखपुर-बस्ती मंडल के सीएमओ के साथ बैठक कर रही थीं। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस से बचाव के उपायों की पूरी जानकारी लोगों को मिलनी चाहिए। इंसेफेलाइटिस के मामले इस समय बढ़े हैं लेकिन यह जागरूकता के कारण है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में आईसीयू वार्ड का निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने सभी सीएमओ से इंसेफेलाइटिस के मामलों की लगातार मानीटरिंग का निर्देश दिया। इससे पहले डीजी हेल्थ ने इंसेफेलाइटिस के अब तक आए मामलों पर सभी सीएमओ से बात की।

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