तुष्टिकरण के कारण पंथनिरपेक्षता की मान्यता खतरे में: सुरेश दास

Gorakhpur Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
गोखपुर। ‘भारतीय राजनीति में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की नीति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा’ विषय पर अयोध्या दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेशदास ने कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के कारण पंथ निरपेक्षता की संवैधानिक मान्यता खतरे में है। सुरक्षा के खिलाफ खतरे की घंटी जो बजी है वह भारतीय राजनीति के तुष्टिकरण नीति का ही परिणाम है। महंत दिग्विजयनाथ ने 1940 में ही चेतावनी दी थी। यदि उनकी बातों पर अमल किया गया होता और कांग्रेस नेतृत्व चेता होता तो देश का विभाजन नहीं होता।
डा. जे के बजाज ने कहा कि भारतीय संस्कृति शाश्वत एक सनातन है। समस्याएं क्षणिक हैं। तुष्टिकरण की नीति नई नहीं है। यह नीति अंग्रजों ने हिंदू राष्ट्रवाद को रोकने के लिए 1890 में लागू किया था। तभी से भारतीय राजनीति का मूलमंत्र मुस्लिम तुष्टिकरण बन गया है।
पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र का दुर्भाग्य है कि यहां की सरकार अल्पसंख्यकों के लिए है, अल्पसंख्यकों की चुनी गई है। भारत सरकार के तीनों घटक कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका, मुस्लिम समाज के समक्ष नतमस्तक हैं।
जबलपुर से आए महामंडलेश्वर डा. श्यामदास जी महराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ संसद में सभी संतों के प्रतिनिधि हैं। मुस्लिम आरक्षण की नीति भारत विभाजन की नीव डालेगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय राजनीति आज मुस्लिम तुष्टिकरण की कुत्सित नीति से अभिशप्त है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ ने की। कार्यक्रम में बाल भरत, गंगादास, राममिलन दास, योगी शांतिनाथ आदि उपस्थित थे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी एसटीएफ ने मार गिराया एक लाख का इनामी बदमाश, दस मामलों में था वांछित

यूपी एसटीएफ ने दस मामलों में वांछित बग्गा सिंह को नेपाल बॉर्डर के करीब मार गिराया। उस पर एक लाख का इनाम घोषित ‌किया गया था।

17 जनवरी 2018

Related Videos

ट्रक और वन विभाग की गाड़ी में टक्कर के बाद विवाद, फिर हुआ ये

महराजगंज के जिला अस्पताल के पास ट्रक और वन विभाग की गाड़ी की टक्कर होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। ट्रक चालक का आरोप है कि उसकी वन विभाग के कर्मचारियों ने जमकर पिटाई की है।

16 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper