प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने जूनियर डाक्टरों को बचाया

Gorakhpur Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज के मरीजों, राहगीरों और मीडिया से जुड़े लोगों को पीटने वाले जूनियर डाक्टरों को प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने क्लीन चिट दे दी है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने जूनियर डाक्टरों को हड़ताल पर जाने का दोषी माना है और उनकी निंदा करते हुए भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी है। मरीजों, तीमारदारों और मीडिया कर्मियों को पीटने वाले डाक्टरों की पहचान न होने के कारण सभी जूनियर डाक्टरों का दो दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है।
बता दें कि एक मरीज की मौत के बाद परिजनों के लापरवाही बरतने के आरोप से गुस्साए जूनियर डाक्टरों ने तीमारदारों की पिटाई कर दी। इसके बाद जूनियर डाक्टरों ने कालेज परिसर और परिसर के बाहर गुंडई का नंगा प्रदर्शन किया। उन्होंने मरीजों को पीटा, तीमारदारों को पीटा, राहगीरों को पीटा। पुलिस के अधिकारियों से भी जूनियर डाक्टरों ने बदसलूकी की। इसके बाद मीडिया और पुलिस ने जूनियर डाक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
16 जूनियर डाक्टरों की पहचान कर पुलिस ने कालेज प्रशासन को कार्रवाई को रिपोर्ट सौंपी। कालेज प्रशासन प्रॉक्टोरियल बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई की बात कहता रहा। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने कहा है कि पुलिस ने जो सूची दी है उसमें कई ऐसे डाक्टर हैं जिनके नाम एक हैं। मिलते- जुलते नामों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। यानी प्राक्टोरियल बोर्ड ने जूनियर डाक्टरों को निर्दोष बताया है। उनको हड़ताल करने का दोषी पाया गया है। प्राक्टोरियल बोर्ड ने मीडिया की तस्वीरों और तथ्यों को दरकिनार कर दिया है।

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