केसी पांडेय को किसने बनाया राष्ट्रीय सचिव

Gorakhpur Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। समाजवादी पार्टी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी अगर सही है तो यह बेहद चौकाने वाली बात हो सकती है। अपने को पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बताने वाले डा. केसी पांडेय का नाम राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची में नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता वेबसाइट को सही ठहरा रहे हैं, वहीं डा. पांडेय का कहना है कि वह अब भी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं। अब सवाल है कि वेबसाइट और पाण्डेय में से कौन सच है।
समाजवादी पार्टी की वेबसाइट पर दर्ज पार्टी राष्ट्रीय सचिव के नामों में केवल कमल फारूकी, जो एंटनी, मधु गुप्ता, रामपूजन पटेल, राजीव राय, अर्तीउरहमान ही हैं। इसमें डा. केसी पांडेय का नाम कहीं भी नहीं है। बावजूद इसके सपा नेता के सी पाण्डेय राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश पार्लियामेंट्री बोर्ड के मेंबर की हैसियत से विभिन्न मुद्दों पर बयान जारी करते हैं और सुर्खियों में बने रहते हैं। 12-13 सितम्बर को कोलकाता में सपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की हुई बैठक के बारे में पांडेय द्वारा इसी हैसियत से जारी बयान ताजा उदाहरण है। इतना ही नहीं सलेमपुर के पूर्व सांसद हरिकेवल प्रसाद के निधन के बाद भी उनका लम्बा बयान आया। बयान में इस बात का विशेष उल्लेख था कि पूर्व सांसद उन्हें काफी सम्मान देते थे।

खुद बन बैठे हैं राष्ट्रीय सचिव : मोहन सिंह
इस बारे में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य मोहन सिंह ने कहा है कि पांडेय को किसी ने राष्ट्रीय सचिव नहीं बनाया है। वह खुद ही अपने को राष्ट्रीय सचिव मानते हैं तो इसमें पार्टी क्या कर सकती है।

वेबसाइट पर दी गई जानकारी सहीः एसआरएस यादव
समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय प्रभारी एसआरएस यादव का कहना है कि वेबसाइट पर जो भी जानकारी है वह बिल्कुल सही है। अभी हाल ही में कोलकाता में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की सूची में भी पांडेय का नाम शामिल नहीं था।

अब भी हूं राष्ट्रीय सचिव : डा. केसी
डा. केसी पांडेय ने किसी तरह की सूचना को भ्रामक बताया और उसे खारिज करते हुए कहा कि वह अब भी राष्ट्रीय सचिव हैं। 21 मार्च 2010 को उनका मनोनयन किया गया। राष्ट्रीय सचिव के साथ ही वे उत्तर प्रदेश पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य भी हैं।

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