महत्वपूर्ण है जियोस्पेसियल तकनीक

Gorakhpur Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। जियोस्पेसियल तकनीक भूगोल के क्षेत्र में नई तकनीक है, भौगोलिक क्रियाएं इसी पर आधारित हैं। इसके कारण भूतल की प्रत्येक क्रियाओं के साथ ही भू-गर्भ के रहस्यों को भी उद्घाटित किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रादेशिक नियोजन में बहुत सफलता मिली है।
ये बातें गोरखपुर यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग में आयोजित 21 दिवसीय समर ट्रेनिंग प्रोग्राम के उद्घाटन अवसर पर जियोलॉजिकल आफ इंडिया के पूर्व वरिष्ठ सर्वेयर डा. केके श्रीवास्तव ने कहीं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भूगोल के विकास में इस जियोस्पेसियल तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जहां हवाई छायाचित्र से सीमित अध्ययन हो पाता था वहीं इस तकनीक ने निश्चित तौर पर क्रांति ला दी है।
अध्यक्षता करते हुए कला संकाय अधिष्ठाता प्रो. एमएम त्रिवेदी ने नई तकनीक को अपनाने की बात कही। विषय प्रवर्तन कार्यक्रम संयोजिका प्रो. नूतन त्यागी और प्रतिभागियों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. पीआर चौहान ने किया। संचालन डा. एनके राना और आभार ज्ञापन सह संयोजक डा. एसके सिंह ने किया। कार्यक्रम में शिक्षक संघ अध्यक्ष डा. उमेश नाथ त्रिपाठी, महामंत्री डा. धनंजय कुमार, डा. हर्ष सिन्हा, डा. अजय कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।

Spotlight

Most Read

Shimla

कांग्रेस के ये तीन नेता अब नहीं लड़ेंगे चुनाव, चुनावी राजनीति से लिया संन्यास

पूर्व मंत्री एवं सांसद चंद्र कुमार, पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी और धर्मवीर धामी ने चुनाव लड़ने की सियासत को बाय-बाय कर दिया है।

17 जनवरी 2018

Related Videos

ट्रक और वन विभाग की गाड़ी में टक्कर के बाद विवाद, फिर हुआ ये

महराजगंज के जिला अस्पताल के पास ट्रक और वन विभाग की गाड़ी की टक्कर होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। ट्रक चालक का आरोप है कि उसकी वन विभाग के कर्मचारियों ने जमकर पिटाई की है।

16 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper