आरटीओ दफ्तर में देर रात तक चली जांच

Gorakhpur Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। वीआईपी नंबरों में गोलमाल बड़े स्तर पर हुआ है। रविवार की छुट्टी के बावजूद आरटीओ कार्यालय खुला रहा। देर रात तक अधिकारी 2004 से जारी हुए वीआईपी नंबरों की जांच करते रहे। जांच में आरआई के पासवर्ड से भी बैकलॉग में नंबर जारी करने का मामला पकड़ में आया है। रविवार देर शाम रजिस्ट्रेशन के लिपिकों को तलब किया गया। सूत्रों की मानें तो जांच अभी दो दिन और चलेगी।
गौरतलब है कि संभागीय परिवहन विभाग गोरखपुर वीआईपी नंबरों में गोलमाल का मामला लखनऊ से पकड़ा गया। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर जांच में परतें खुलती गईं और 27 वीआईपी नंबर पकड़ में आए। जिनका पैसा जमा नहीं हुआ था। आरटीओ प्रशासन ने चार कनिष्ठ लिपिकों को सस्पेंड कर दिया। तीन वरिष्ठ लिपिक और आरआई पर कार्रवाई के लिए मुख्यालय को पत्र भेज दिया। कैंट थाने में इन लिपिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आरटीओ अधिकारी पुलिस को जांच सौंपी है।

आरआई भी जांच में फंसे
रविवार की जांच में आरआई भी फंस गए हैं। आरआई के पासवार्ड से भी वीआईपी नंबरों की आरसी (पंजीयन पुस्तिका) बनाई गई है। हालांकि अब तक जांच में पासवार्ड कैसे चोरी हुए, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।

27 वाहनों स्वामियों को भेजा गया नोटिस
जांच में जिन 27 वीआईपी गाड़ियों को नंबर जारी किया गया है। उनकी लिस्ट निकाल कर जिन जिन वाहन स्वामियों को नंबर दिए गए हैं, उनको आरटीओ विभाग से नोटिस भेजा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो एक कनिष्ठ लिपिक गाड़ी मालिक के बयान देने के बाद ही सस्पेंड हुआ। गाड़ी मालिक ने बताया कि उसने रजिस्ट्रेशन के लिए लिपिक को पैसे दिए थे। उसने रजिस्ट्रेशन कैसे किया, इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है।

रजिस्ट्रेशन के लिपिक हुए तलब
रविवार को जांच के दौरान अचानक देर शाम रजिस्ट्रेशन के लिपिकों को कार्यालय तलब कर लिया गया। सूत्रों की माने तो इस गोलमाल में उनके शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। आरटीओ प्रशासन और एआरटीओ प्रशासन ने तलब किए गए लिपिकों से देर रात तक पूछताछ की।

आडिट पर भी उठे सवाल
वीआईपी नंबर में गोलमाल कई वर्षों से चल रहा है। हैरानी के बात यह है कि इतने वर्षों से आडिट टीम भी इस गोलमाल को नहीं पकड़ सकी। अधिकारियों की माने तो गोलमाल पकड़ में न आने के पीछे लिपिकों का टेबल के नीचे का खेल था।

एनआईसी की टीम भी पहुंची
आरटीओ कार्यालय में नेशनल इनफारमेटिक सेंटर (एनआईसी ) की टीम के सदस्यों को जांच में सहयोग के लिए बुला लिया गया है। सूत्रों की माने तो टीम के सदस्यों ने रविवार को अब तक जारी हुए सभी वीआईपी नंबरों का लेखा जोखा निकाल लिया है।

अभी जांच चल रही है : आरटीओ
आरटीओ प्रशासन लक्ष्मीकांत मिश्र ने बताया कि अभी जांच चल रही है। पूरा लेखा-जोखा निकलवाने में समय लग रहा है। गोलमाल कितना हुआ है यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

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