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उम्मीद है पहलवान लाएंगे गोल्ड मेडल

Gorakhpur Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। बीजिंग का कांस्य लंदन ओलंपिक में गोल्ड में तब्दील होगा। कु श्ती में यह कारनामा भारतीय दल के ध्वजवाहक सुशील कुमार ही करेंगे। जिन्होंने अमेरिका में अभ्यास मैचों में कई अमेरिकी बलशालियों को न केवल धूल चटाई बल्कि बेहोश तक कर दिया। अब उनका लक्ष्य ओलंपिक गोल्ड बहुत दूर नजर नहीं आता है। अन्य पहलवानों से भी स्वर्णिम चमक बिखेरने की उम्मीद है। ऐसा मानना है सीरिया अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतने वाले 52 वर्षीय पन्नेलाल यादव का। उन्होंने कहा कि यह अब बीती बात हो गई है। पहले हम कम संसाधनों के कारण ईरानी पहलवानों से पिछड़ जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। भारतीय पहलवान ईरानी पहलवानों को बराबर की टक्कर दे सकते हैं।
सवाल : लंदन ओलंपिक में भारतीय पहलवानों से आपको क्या उम्मीदें हैं?
जवाब : पांचों पहलवान सुशील कुमार, योगेश्वर, अमित, नरसिंह और गीता पदक के प्रबल दावेदार हैं। हां, जहां तक सुशील कुमार की बात है तो उन पर थोड़ा दबाव होगा। क्योंकि पिछले ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है।
सवाल : ओलंपिक में पहलवान किस उम्र तक अच्छा प्रदर्शन कर सकता है ?
जवाब : पहलवान के लिए उम्र की बाधा नहीं होती है। 35 साल की उम्र में रूस के यैदव एलेविजद तीन बार ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीते। विश्व कैडेट कुश्ती में 11 साल विश्व चैंपियन रहे।
सवाल : ओलंपिक में भारत कितने मेडल जीतेगा।
जवाब : पहले तो गगन नारंग को मेडल जीतने पर बधाई। उन्होंने सौ करोड़ भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। जहां तक मेडल का सवाल है हम निश्चित ही पिछले ओलंपिक से अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
सवाल : पहले और अब की कुश्ती में क्या परिवर्तन आया है।
जवाब : कुश्ती का स्वरूप एकदम बदल गया है। पहले हमें साल भर में किसी तरह एक विदेशी टूर मिल पाता था, लेकिन अब साल में लगातार विदेशी टूर करने को मिलता है। इससे प्रदर्शन में सुधार आ रहा है। अब पहलवानों को पौष्टिक खुराक मिल रही है।
सवाल : पूर्वांचल में कुश्ती को आप कहां देख रहे हैं। लगातार गिर रहे स्तर के पीछे क्या कारण है।
जवाब : केवल गोरखपुर में कुश्ती खत्म होती जा रही है। आज बनारस हमसे कहीं आगे है। बनारस के चौलापुर थाने के दो खिलाड़ी ओलंपिक में भाग ले रहे हैं। कुश्ती में नरसिंह यादव और एथलेटिक्स में राम सिंह यादव। दोनों अपनी विधा के माहिर हैं।
सवाल : कोई ऐसा पहलू जो हमेशा आपको याद आता है।
जवाब : एशियन चैंपियनशिप में दो बार गोल्ड मेडल विजेता पंजाब के करतार सिंह को मिट्टी की कुश्ती में लगातार दो बार चित करना।

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