जिले में तीन लाख हेपेटाइटिस बी पीड़ित

Gorakhpur Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. आरके शाही ने कहा है कि हेपेटाइटिस बी संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सिर्फ गोरखपुर में ही तकरीबन तीन लाख लोग हेपेटाइटिस बी से पीड़ित हैं। जानकारी के अभाव में लोग सही समय पर इलाज शुरू नहीं करते। इससे बाद में दिक्कत होती है।
जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में डा. शाही ने बताया कि हेपेटाइटिस बी वायरस की खोज 1965 में आस्ट्रेलिया में ब्लुमबर्ग नाम के वैज्ञानिक ने की थी। पांच प्रकार के हेपेटाइटिस (ए, बी, सी, डी और ई) में हेपेटाइटिस बी सबसे खतरनाक है। वायरस का संक्रमण दूषित खून चढ़ाने, नसों के द्वारा नशीली दवाओं के सेवन, शारीरिक खासतौर पर अप्राकृतिक यौन संबंधों से, चुंबन से तथा गर्भवती महिलाओं से उनके शिशुओं को होता है। संक्रमित लोगों को विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। इसमें 15-20 फीसदी रोगियों को जलोदर और लीवर कैंसर हो जाता है। कुछ लोगों को वायरल हेपेटाइटिस और 5-10 फीसदी लोगों को क्रानिक हेपेटाइटिस हो जाती है। डा. शाही ने कहा कि हेपेटाइटिस बी का पता लगाने के लिए जांच आसानी से उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए नशीली दवाओं का सेवन न करें, दूषित खून न चढ़ने दें, डिस्पोजल सीरिंज का प्रयोग करें, स्वच्छता पर ध्यान दें, शेविंग किट शेयर न करें आदि।

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