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एशियन फर्टिलाइजर के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

Gorakhpur Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। सरदारनगर ब्लाक स्थित एशियन फर्टिलाइजर की गैस से बर्बाद हुई दर्जनों एकड़ फसल का मामला गरमा गया है। क्षेत्र के किसान फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। घटना के सप्ताह भर बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर किसानों ने शनिवार को डीएम और कमिश्नर दफ्तर के सामने जमकर प्रदर्शन किया।
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करीब दो दर्जन से अधिक की संख्या में किसानों ने कमिश्नर से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले में डीएम रवि कुमार एनजी भी एसडीएम चौरीचौरा से जांच करा चुके हैं। एसडीएम, प्रथमदृष्टया फैक्ट्री से निकलने वाली गैस से ही फसल जलने की पुष्टि भी कर चुके हैं लेकिन उनकी अपील पर तकनीकी टीम भी मामले की जांच कर रही है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
उधर, किसानों की शिकायत पर कमिश्नर ने भी शनिवार को क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी, एसडीएम चौरीचौरा एवं सीओ चौरीचौरा को मौके पर जाकर मामले की जांच करने तथा रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। टीम दोपहर 2.40 बजे वहां जांच करने पहुंची लेकिन तब तक फैक्ट्री बंद हो चुकी थी। अफसरों के पूछने पर फैक्ट्री प्रबंधन ने दो घण्टे बाद फैक्ट्री चलने की बात कही जिस पर टीम वापस लौट आई। सूत्रों का कहना है कि जांच के लिए टीम के आने की भनक फैक्ट्री प्रबंधन को पहले ही लग गई थी जिससे उन्होंने दोपहर 2.20 बजे ही फैक्ट्री बंद कर दी।


फैक्ट्री खुलते ही कराई जाएगी जांच: कमिश्नर
गोरखपुर। इस मामले में कमिश्नर के रविन्द्र नायक ने अमर उजाला को बताया कि मामले की जांच के लिए टीम को मौके पर भेजा गया था लेकिन तब तक फैक्ट्री बंद हो चुकी थी और वहां सफाई का काम चल रहा था। उन्होंने बताया कि अगर फैक्ट्री साजिश के तहत बंद की गई है तो भी फैक्ट्री प्रबंधन जांच नहीं प्रभावित कर सकेगा। जैसे ही फैक्ट्री खुलेगी औचक ढंग से टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा। इस पर भी अगर जांच प्रभावित करने की कोशिश की गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पैसा वसूलने के लिए की जा रही साजिश
गोरखपुर। एशियन फर्टिलाइजर के प्रबंधक एसपी दूबे का कहना है कि क्षेत्र के कुछ तथाकथित नेता किसानों के बहाने फैक्ट्री प्रबंधन से धन वसूलने की साजिश कर रहे हैं। वे यह साजिश पहले भी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को किसी प्रकार का भ्रम न रहे इसलिए वर्ष 2004 में फैक्ट्री प्रबंधन ने एसडीएम चौरीचौरा और सीओ की मौजदूगी में एक लिखित समझौता किया था कि अगर किसी किसान को लगता है कि फैक्ट्री की गैस से उनकी फसल खराब हो रही है तो वे अपनी खेती करें लेकिन फसल की कटाई फैक्ट्री प्रबंधन करेगा। इसके बाद संबंधित किसान की खेती के रकबे के अनुसार फै क्ट्री प्रबंधन उसे अनाज मुहैया करा देगा। पर कोई भी किसान इस पर राजी नहीं हुआ।
टीम के पहुंचने के पहले फैक्ट्री बंद करने के मामले में प्रबंधक ने बताया कि मौसम में नमी होने एवं फैक्ट्री के धूल के कारण फैक्ट्री के डेन (जहां से उत्पाद निकलता है) में कचड़ा जमा हो जाता है जिससे हर दो दिन पर मशीनें बंद कर उसे साफ कराना पड़ता है। उन्होंने बताया कि टीम को आश्वासन दिया गया है कि सोमवार को उनकी मौजूदगी में फैक्ट्री चलाई जाएगी, जिसके बाद वे जांच कर सकते हैं।

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