साथी की हत्या से गुस्साए कर्मचारियों का प्रदर्शन

Gorakhpur Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। आजमगढ़ में कंडक्टर निरंजन तिवारी की हत्या के बाद गुस्साए रोडवेज कर्मचारी सड़क पर उतर गए। विरोध में गोरखपुर, राप्तीनगर डिपो पर धरने के बाद कर्मचारियों ने आरएम दफ्तर पर प्रदर्शन किया। रविवार की रात में किराया विवाद को लेकर काशी डिपो के कंडक्टर की आजमगढ़ में दो युवकों ने हत्या कर दी थी। धरना, प्रदर्शन से यात्रियों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब बारह बजे तक बसों का संचालन भी ठप रहा।
काशी डिपो के कंडक्टर की हत्या की खबर जैसे ही रोडवेज कर्मचारियों को मिली वह गुस्से से आगबबूला हो गए। सोमवार को सुबह से ही गोरखपुर, राप्तीनगर डिपो पर ड्राइवर, कंडक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। हत्यारों के शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के कारण बसों का संचलन ठप रहा। इस दौरान गोरखपुर, राप्तीनगर डिपो पर यात्रियों को बसों के चलने का इंतजार करना पड़ा। रोडवेज संविदा चालक-परिचालक संघर्ष समिति के अध्यक्ष संतोष सिंह के नेतृत्व में ड्राइवर, कंडक्टरों ने हत्या के विरोध में नारेबाजी की। कर्मचारियों ने हत्यारों के शीघ्र गिरफ्तारी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। राप्तीनगर डिपो पर भी संविदा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सुबह आठ बजे से दोपहर करीब 12 बजे तक बसों का संचलन ठप रहा। दोनों डिपो पर प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित आरएम आफिस पर भी धरना दिया। संजय सिंह, सुशील यादव ने बताया कि शासन-प्रशासन को हत्यारों के शीघ्र गिरफ्तारी के साथ ही कंडक्टर के परिजनों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। बताया कि आए दिन स्टेशनों पर मारपीट की घटना होती है लेकिन अधिकारियों की तरफ से इसका कोई समाधान नहीं किया जाता है।

करना पड़ा इंतजार
राप्तीनगर डिपो पर सुबह आठ बजे से ही बस के इंतजार में खड़ी सुमित्रा तिवारी को खलीलाबाद जाना था। बताया कि स्टेशन पर आई तो पता चला कि कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण बसें नहीं चलेंगी। अगर रोडवेज की बसें नहीं चलेंगी तो मजबूरी में प्राइवेट बस से जाना पड़ेगा।

प्राइवेट बस ही सहारा
कसया जाने के लिए शोएब को दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। बताया कि रोडवेज बस तो मिल नहीं रही हैं, अब प्राइवेट बसों का ही सहारा है। अगर कोई प्राइवेट बस आ रही है तो रोडवेज कर्मचारी उसे स्टेशन के पास से भगा दे रहे हैं। बस चलने के बारे में अधिकारी भी कोई सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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यात्रियों का ख्याल रखना जरूरी
बस्ती जाने के लिए राप्तीनगर डिपो पर खड़े शांतिभूषण मिश्रा ने बताया कि रोडवेज प्रशासन के लिए जरूरी है कि वह यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखे। बसों के न चलने के कारण मजबूरी में प्राइवेट बस से यात्रा करनी पड़ेगी। एक घंटे इंतजार के बाद प्राइवेट बस आई लेकिन कर्मचारियों की भीड़ देख वह भी नहीं रुकी।

बस चलेगी तो जाएंगे
कुशीनगर जाने के लिए बच्चों के साथ बस का इंतजार करने वाली शिखा कटियार ने बताया कि अगर बस चलेगी तभी तो वह यात्रा कर पाएंगी। एक घंटे इंतजार के बाद भी स्टेशन पर कोई बस नहीं मिली। प्राइवेट बस में भीड़ अधिक होने के कारण यात्रा में परेशानी होती है।

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