प्रदेश के सात जनपदों की सरहदों पर बनेगी सड़क

Gorakhpur Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। प्रदेश के सात जनपदों से लगी नेपाल सीमा पर सड़क बनाए जाने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की मुहर लगने के बाद प्रदेश सरकार ने निर्माण की कवायदें तेज कर दी हैं। इसके लिए सभी जिलों में एक -एक डिवीजन स्थापित किए गए हैं। गोरखपुर में कार्यरत प्रधानमंत्री सड़क योजना के डिवीजन को सिद्धार्थनगर तथा आजमगढ़ में कार्यरत विश्व बैंक के डिवीजन को महराजगंज शिफ्ट किया गया है।
केंद्र सरकार ने सामरिक महत्व को देखते हुए लगभग तीन वर्ष पूर्व भारत-नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण कराने की घोषणा की थी। उसके निर्माण की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार को सौंपते हुए रिपोर्ट भेजने को कहा। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग से इस संबंध में कार्य करने को कहा। विभाग की तरफ से जो प्रारंभिक रिपोर्ट दी गई थी उसमें कहा गया था कि पूरी सड़क की लम्बाई लगभग 640 किमी होगी। उसके निर्माण पर लगभग 2100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। केंद्र सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को डीपीआर तैयार करने को कहा। गोरखपुर क्षेत्र के दो जिले सिद्धार्थनगर और महराजगंज नेपाल सीमा से जुड़ते हैं। महराजगंज से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई है जबकि सिद्धार्थनगर मेेें डीपीआर पर अभी काम हो रहा है।
उधर पीडब्लूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने डिवीजनों को विभिन्न जिलों में स्थानांतरित होने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे डिवीजन शीघ्र ही वहां पहुंच रहे हैं। वे अपना प्रारंभिक कार्य जैसे जमीनों के अधिग्रहण आदि की कार्रवाई शुरू करेंगे। केंद्र से डीपीआर की स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। सड़कें नेपाल बार्डर से 5 से 10 किमी के दायरे में होगी। सड़क सात मीटर चौड़ी होगी और प्रति किमी सड़क के निर्माण पर लगभग ढाई करोड़ रुपया खर्च होगा।
इस संबंध में मुख्य अभियंता महेंद्र सिंह ने कहा कि जिन डिवीजनों को सिद्धार्थनगर और महराजगंज भेजा गया है वह एक माह के अंदर वहां पहुंच जाएंगे और अपना कार्य शुरू कर देंगे। यहां से पीएमजीएसवाई का डिवीजन भेजा जा रहा है। आजमगढ़ से विश्व बैंक का डिवीजन जा रहा है।

बार्डर सील करने में होगी बड़ी सहूलियत : शेखावत
एसएसबी के डीआईजी आरएस शेखावत के अनुसार इन भारत नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण से सीमा सुरक्षा संबंधी सभी एजेंसीज को काम करने में बेहद आसानी हो जाएगी। उन्होंने इसके जो फायदे गिनाए उसमें बार्डर सील करने में कम्युनिकेशन, न्यू इंफोर्समेंट, सशक्त पेट्रोलिंग, री इंफोर्समेंट जरूरत पड़ने पर बल के वाहनों का तेजी से आवागमन जैसे काम आसान हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क नागरिकों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होगी। इससे सुरक्षा बलों को उनसे तादात्म स्थापित करने में सहूलियत होगी।

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