बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

मैं फरार नहीं हूं...

Gorakhpur Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
गोरखपुर। मधुमिता हत्याकांड में दोषी प्रकाश पांडेय को पुलिस भले ही खोजने का दावा कर रही हो पर हकीकत में ऐसा है नहीं। फैसला आने के बाद से लेकर मंगलवार शाम तक प्रकाश पांडेय अपने घर पर ही मौजूद था। ‘अमर उजाला’ संवाददाता से उसने इस बात की पुष्टि भी की। बातचीत में कहा कि ‘मैं फरार नहीं हूं मैं तो अपने घर पर ही हूं। पुलिस मुझे पकड़ने ही नहीं आई।’ वहीं दूसरी तरफ एसपी सिटी लल्लन सिंह ने प्रकाश पांडेय को सोमवार से ही फरार घोषित कर दिया है। बकौल एसपी सिटी उसकी तलाश की जा रही है। हालांकि शाम तक एसपी सिटी अपनी बात से पलट गए और कहा कि प्रकाश पांडेय को गिरफ्तार करने का कोई आदेश उन्हें नहीं मिला है। गिरफ्तारी का आदेश मिला तो प्रकाश को गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन

मधुमिता हत्याकांड में सेशन कोर्ट ने अमरमणि, उनकी पत्नी मधुमणि समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। प्रकाश पांडेय को सेशन कोर्ट ने बरी कर दिया था लेकिन हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर प्रकाश पांडेय को भी दोषी पाया और उसके खिलाफ भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिस वक्त यह फैसला आया प्रकाश अपने परिवार वालों के साथ शहर में स्थित मकान में मौजूद था। फैसले के बाद उसके घर का माहौल अचानक गम में बदल गया। प्रकाश से उसके रिश्तेदार और दोस्त मिलने उसके आवास पर पहुंचने लगे। मिलने जुलने का यह सिलसिला मंगलवार शाम तक चलता रहा। इस दौरान वह अपने घर में मौजूद रहा और लोगों से मिलता रहा। उधर, फैसला आने के तुरंत बाद पुलिस ने प्रकाश के फरार होने की घोषण कर दी। यही नहीं पुलिस ने मोहद्दीपुर में स्थित किसी आवास पर छापा डालने की बात कही जबकि प्रकाश का आवास चरगांवा ब्लाक के पीछे है। इस बीच प्रकाश पांडेय से ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने बात की तो प्रकाश ने कहा कहा कि ‘मैं फरार नहीं हूं। मैं अपने घर पर ही मौजूद हूं। कोर्ट ने मेरे खिलाफ क्या फैसला सुनाया है इसकी मेरे पास कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। जो जानकारी है वह सिर्फ मीडिया से मिल रही है। हमारे अधिवक्ता ने हमें इस बारे में अभी तक कुछ नहीं बताया है। अगर मेरे खिलाफ सजा सुनाई गई है तो मैं सुप्रीम कोर्ट में इसकी अपील करुंगा।

भइया घर पर हैं, वह कहीं नहीं भागे हैं। मोहद्दीपुर में मेरा कोई मकान नहीं है। शहर में मेरा सिर्फ एक ही मकान है वह चरगांवा ब्लाक के पीछे है। मेरे घर पर पुलिस नहीं आई है। कोर्ट के फैसले खिलाफ मैं कुछ नहीं बोल सकता। हम लोग फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
-प्रकाश का भाई नवीन पांडेय

फैसले के समय कोर्ट में जब अभियुक्त हाजिर होता है तो उसे सजा भुगतने के लिए जेल भेजा जाता है। जब अभियुक्त सजा सुनाते समय कोर्ट में मौजूद नहीं होता तो उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट वही कोर्ट जारी करता है जिसने सजा सुनाया हो। इस मामले में वारंट का तामिला हाईकोर्ट किससे कराती है यह उसी पर निर्भर करता है। वारंट जारी होने के बाद ही प्रकाश पांडेय की गिरफ्तारी हो सकती है।
-अधिवक्ता मनोज कुमार धर दुबे

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us