नकली पत्नी, बेटे को बना दिया वारिस

Gorakhpur Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। बांसगांव तहसील के गांव कनईल निवासी रामबड़ाई के मरने के बाद तहसील प्रशासन ने नकली पत्नी और एक नकली बेटे को उसका वारिस बना दिया। गांव के ही शिवबंधू ने तहसीलदार से इसकी शिकायत की। जांच में मामला सही पाया गया और तहसील प्रशासन ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ खतौनी में से इन दोनों नकली वारिसों का नाम काट मामला रफा-दफा कर दिया। कोई कार्रवाई न होने पर शिवबंधू ने डीएम से मुलाकात कर पूरा मामला बताया और दोषियों को सजा दिलाने की गुहार लगाई।
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डीएम ने सीआरओ को इस मामले की जांच सौंपी। सीआरओ ने जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में लिखा गया है कि 16 मार्च 2011 को खतौनी में राम बड़ाई की पत्नी तिलेसरी देवी एवं पुत्र विनय का नाम विधिक वारिस के तौर पर दर्ज किया गया था और वारिसों को 22 मार्च को खतौनी की नकल भी दे दी गई थी। एक साल बाद 27 मार्च 2012 को वारिसों ने फिर नकल निकलवाई तो उसमें तिलेसरी और विनय के साथ ही साथ पुत्र के तौर पर अमित एवं पत्नी के तौर पर चित्रा देवी का भी फर्जी नाम दर्ज मिला।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में शिकायत होने पर तहसीलदार बांसगांव ने खतौनी से इन दोनों फर्जी वारिसों के नाम तो काट दिए लेकिन दोषी कानूनगो फयानाथ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की लिहाजा कानूनगो के साथ ही तहसीलदार भी दोषी हैं। उनसे भी स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीआरओ ने रजिस्ट्रार कानूनगो फयानाथ को गोला स्थानांतरित करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपील की है।
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