जनपद के स्कूलों में पढ़ा रहे हैं ‘फर्जी’ शिक्षक

Gorakhpur Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
गोरखपुर। जनपद के कई सहायता प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कई ‘फर्जी’ शिक्षक पढ़ा रहे हैं। जांच में पकड़े गए शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही डीआईओएस ने सभी शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए कुछ दिन की मोहलत दी गई है।
विज्ञापन

अभी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से जनपद के सभी शासकीय और सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक/ कर्मचारियों का ब्योरा इकट्ठा किया जा रहा है। इसी क्रम में इन विद्यालयों के प्रधानाचार्य तमाम शिक्षकों/ कर्मचारियों पूरा ब्योरा डीआईओएस कार्यालय में जमा कर रहे हैं। इसमें शिक्षकों/ कर्मचारियों के डेट ऑफ ज्वाईनिंग, सेवा शर्त समेत तमाम जानकारियां मांगी गई है। इन जानकारियों के आधार पर ही जनपद के विभिन्न विद्यालयों में गलत ढंग से अध्यापन कर रहे शिक्षकों के बारे में पता चल पाया है। इसमें कई शिक्षक ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति सेवा शर्र्त के आधार पर हुई थी। जिसके अनुसार उस पद के सापेक्ष किसी शिक्षक की नियुक्ति हो जाने के बाद उनकी नियुक्ति स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जिनकी नियुक्ति हाई कोर्ट के आदेश के बाद समाप्त हो चुकी है। लेकिन विभागीय मिलीभगत से ये शिक्षक पिछले कई वर्षों से वेतन आहरण कर रहे हैं। ऐसी सूचना के बाद डीआईओएस ने तमाम विद्यालयों से कार्यरत शिक्षकों/ कर्मचारियों का ब्योरा तलब किया था। जिसमें इस ढंग के मामले पकड़ में आए हैं। बाकी बचे हुए विद्यालयों की जांच प्रक्रिया जारी है।
‘अभी तक सात-आठ मामले पकड़ में आए हैं। फिलहाल उनका वेतन रोक दिया गया है। ऐसे शिक्षकों/ कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने को कुछ दिन का समय दिया गया है। इसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।’
सतीश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक

कहां-कहां पकड़े गए ऐसे मामले
मुरारी इंटरमीडिएट कालेज सहजनवा में तीन
लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राखुरबोर पीपीगंज में एक
दयानंद इंटर कालेज खोराबार में एक
पीपीगंज इंटर कालेज मछलीगांव में एक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us