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गोविवि में कापियों के मूल्यांकन का टेंशन

Gorakhpur Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब कापियों के मूल्यांकन का बड़ा टेंशन बना हुआ है। 40 हजार रुपये तक की सीमा तक शिक्षक कापी जांच सकते हैं। सीमा खत्म होने के बाद भी बड़ी संख्या में कापियां खत्म होने वाली नहीं है। इनमें अधिकांश कापी बीए समाजशास्त्र की हैं। विश्वविद्यालय की तरफ से 70 हजार रुपये तक की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है, जिससे मूल्यांकन समय से खत्म हो सके।
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विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कालेजों में हुई परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन इन दिनों चार केंद्रों पर चल रहा है। अधिकांश विषयों की कापियों का मूल्यांकन तो लगभग अंतिम चरण में हैं लेकिन बीए समाजशास्त्र की कापियां बड़ी संख्या में बिना मूल्यांकन के ही केंद्रों और भंडार कक्ष में पड़ी हैं। पिछले साल भी शिक्षकों के मूल्यांकन की सीमा पूरी होने के बाद भी कापियां बच गई थी। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। एक बार फिर विश्वविद्यालय में वहीं स्थिति बन गई है।
केंद्रीय ग्रंथालय के भूतल स्थित केंद्र पर बीए तृतीय वर्ष की समाजशास्त्र की कापियों के मूल्यांकन के लिए शिक्षक मूल्यांकन सीमा बढ़ाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र के प्रभारी डा. गोपाल प्रसाद ने बताया कि मौखिक रुप से कुलपति को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। 70 हजार रुपये तक सीमा बढ़ाने संबंधी कोई भी आदेश आने के बाद ही बीए तृतीय वर्ष समाजशास्त्र की कापियों का मूल्यांकन तुरंत शुरू कराया जाएगा। सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी की तरफ से प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को पत्र लिखकर मूल्यांकन सीमा 70 हजार बढ़ाने की मांग की गई है। इसमें इस सीमा को न बढ़ाए जाने से रिजल्ट में देरी होने का भी हवाला दिया गया है।
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