एसबीआई में गोरखपुर से लखनऊ तक हाहाकार

Gorakhpur Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
गोरखपुर। भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानियों का अंत नहीं हो रहा है। बैंक के स्टाफ की मनमानी से रोजाना रूबरू हो रहे उपभोक्ताओं को कुछ दिनों से बैंक के सर्वर ने रुलाकर रख दिया है। कभी कनेक्टिविटी में दिक्कत तो कभी ओएफसी केबिल कटने से उपभोक्ताओं का पूरा दिन बैंक में ही कट जा रहा है। बुधवार को लखनऊ में ओएफसी केबिल कट जाने से लखनऊ से लगायत गोरखपुर मंडल के लाखों उपभोक्ता हलकान रहे। रुपया जमा तो किसी तरह हो जा रहा था लेकिन निकासी पूरी तरह बाधित हो गई थी। चेक लेकर बैंक में पहुंचे उपभोक्ता चेक का इस्तेमाल पंखा के रूप में करते देखे गए।
सुबह 10:30 बजे बैंक कर्मी अपनी सीटों पर बैठे तो उनका सिस्टम तकरीबन काम नहीं कर रहा था। बाद में सर्वर वालों से बात की तो पता चला कि लखनऊ से दिक्कत आ रही है। लखनऊ में कहीं ओएफसी केबिल कट गया है। दरअसल, गोरखपुर के स्टेट बैंक का सर्वर वाया लखनऊ मुंबई मुख्य सर्वर से जुड़ा हुआ है। रुपयों के भुगतान में सिग्नेचर का मिलान किया जाता है। बुधवार को केबिल कटा तो भुगतान का काम तकरीबन ठप हो गया। रुपया जमा करने में भी एक व्यक्ति को तकरीबन 22 मिनट लग रहे थे। काम न होने से बैंक में भीड़ बढ़ती गई। लोगों को सही जानकारी देने की स्थिति में कोई नहीं था इस कारण उपभोक्ता और परेशान हो रहे थे। 3:15 बजे सिस्टम पूरी तरह ठीक हुआ तो भुगतान का समय खत्म हो जाने के कारण दर्जनों उपभोक्ताओं को खाली हाथ वापस होना पड़ा।

मुख्य शाखा में की नारेबाजी
दोपहर बाद तकरीबन दो बजे जब मुख्य शाखा में पहुंचे खाता धारकों का धैर्य जवाब दे गया तो उन्होंने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उपभोक्ताओं का आक्रोश देख बैंक कर्मी भी सहम गए।

3:15 बजे तक सब हो गया ठीक
एसबीआई के नेटवर्क मैनेजर विष्णु दत्त शुक्ला ने बताया कि दोपहर बाद 1:20 बजे से ही स्थिति में सुधार आना शुरू हो गया था। लखनऊ में केबिल पूरी तरह ठीक होने पर तकरीबन 3:15 बजे पूरा डाटा रिस्टोर हो गया और काम शुरू हो गया। अब सिस्टम सामान्य ढंग से काम कर रहा है।

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