बिजली बिना बिलबिलया आधा शहर

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Updated Tue, 18 Jul 2017 09:02 PM IST
गर्मी से बेहाल लोग घर के बाहर बैठे हाथ का पंखा झलते हुए।
गर्मी से बेहाल लोग घर के बाहर बैठे हाथ का पंखा झलते हुए। - फोटो : Amar Ujala

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गोरखपुर।
बदहाल बिजली ने शहरवासियों की दिनचर्या तहस नहस कर डाली। आधे शहर के लोग बिजली के लिए तरस गए। रात जागते कटी तो दिन पसीने से नहाते बीता। ट्रांसमिशन स्टेशन समेत लोकल फाल्ट ने इस कदर लोगों को परेशान किया कि कई इलाकों में लोग पीने के पानी तक को तरस गए। बेपटरी बिजली से आधे शहर में जनजीवन ‘डिरेल’ हो गया।

शहर में बिजली संकट का सबसे बड़ा कारण सोमवार की रात बरहुआ से मोहद्दीपुर 132 केवी ट्रांसमिशन आने वाली लाइन का फेल होना था। 220 केवी बरहुआ ट्रांसमिशन के बरहुआ-मोहद्दीपुर 132 केवी लाइन का सीटी क्षतिग्रस्त होने से रात 1:30 बजे यूनिवर्सिटी, टाउनहाल, तारामंडल, रानीबाग, खोराबार, मोहद्दीपुर और शाहपुर उपकेंद्र अंधेरे में डूब गए। इन इलाकों के लोगों को राहत देने के लिए 132 केवी मोहद्दीपुर ट्रांसमिशन स्टेशन को 400 केवी मोतीराम अड्डा उपकेंद्र से जोड़ा गया, लेकिन इस तरकीब से भी शहरवासियों को राहत नहीं मिल सकी क्योंकि लाइन पर लोड बढ़ जाने से इन उपकेंद्रों को शिफ्ट में बिजली दी गई। ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता ने बताया क्षतिग्रस्त सीटी करीब 12 बजे दुरुस्त हो गया था। हालांकि, इसके बाद भी शहर के कई इलाकों में बिजली संकट बना रहा। दोपहर दो बजे भी शहर के सिद्धार्थनगर, गोपालापुर समेत कई इलाकों में घरों के बाहर बैठे लोग गर्मी से राहत पाने की कोशिश में जुटे थे।


लोकल फाल्ट ने खूब किया परेशान
शहर के तमाम इलाकों में लोकल फाल्ट ने लोगों को खूब परेशान किया। इसके चलते रुस्तमपुर में 12:50 पर ही बत्ती गुल हो गई थी। तारामंडल के जीडीए पश्चिमी के कई मोहल्लों में रात नौ ही बजे बिजली गुल हो गई थी। जनप्रिय विहार फीडर के लोग रविवार की शाम से ही लोकल फाल्ट से परेशान थे। मंगलवार को दिन में एक दिन पहले बदले गए नए फीडर को ऊर्जीकृत किया गया। इसके बाद इलाके के लोगों की दुश्वारियां कुछ कम हुईं।

हर दूसरे दिन टूट जा रहा तार
हर दूसरे रोज रात में बिजली कट जा रही है। उपकेंद्र पर पूछने पर पता चलता है कि तार टूटा है। आखिर हर दूसरे दिन हमारे क्षेत्र में तार क्यों टूट जा रहा है। अगर तार खराब हैं तो इसे ठीक कराना चाहिए।
- प्रवीण, रुस्तमपुर

फ्रिज न चलने से खराब हो गया पनीर
सुबह फ्रिज से पनीर निकाला तो उसमें से दुर्गंध आ रही थी। ऐसे में उसे फेंकना पड़ा। बिजली बिना पनीर बर्बाद हो चुका था। फ्रिज में रखे खाद्य पदार्थ बिजली कटौती के चलते अक्सर खराब हो जा रहे हैं।
- वसुधा सिंह, बेतियाहाता

जेनरेटर में फुंके रुपये
दिन में घंटों बिजली गुल होने से दुकानदारी महंगी पड़ गई। 11 से दो बजे तक लगातार बिजली कटी रही। धूप में ग्राहक कम आए, लेकिन गर्मी से राहत पाने की कोशिश में जेनरेटर में सैकड़ों रुपये फुंक गए।
- अश्वनी कुमार, विजय सिनेमा रोड

रात में पसीने भीगे, सुबह नहाने को तरसे
पूरी रात बिजली बिना पसीने से तरबतर हो गए। गर्मी से नींद भी नहीं आई। बिजली न रहने से सुबह पानी का संकट हो गया। किसी तरह जरूरी काम निबटाए गए।
- विजय कुमार, बगहा बाबा रोड

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