दवा व उपकरणों की खरीद में करोड़ों का घपला

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2020 10:03 PM IST
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गोंडा। कोरोना काल व चार साल में स्वास्थ्य विभाग में खरीदी गईं दवाएं व उपकरणों में करोड़ों रुपये का घपला किया गया है। देवीपाटन मंडल के चार जिलों सहित सिद्धार्थनगर में घपले की जांच के लिए शासन स्तर से एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी ने खरीद फरोख्त में की गई भारी अनियमितता की जांच शुरू कर दी है।
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बताया जा रहा है कि गोंडा में डेढ़ रुपये की सिरिंज आठ रुपये में खरीदी गई, जबकि पीपीई किट, प्लास्टिक आयरन, पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर की खरीद में भी सरकारी दर व खरीद दर में भारी अंतर सामने आया है। माना जा रहा है कि दवाओं व उपकरणों की आपूर्ति करने वाली फर्मों के संचालकों के साथ अधिकारियों ने सांठगांठ कर ये कारनामा किया है।
स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की तैनाती से लेकर उन्हें हर सुख सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य दवा की फर्में करती हैं। तैनाती के बाद अधिकारी इन फर्मों के संचालकों का कर्ज उतारने के लिए मनमाफिक दर पर खरीद की अनुमति देते रहे हैं। ये परंपरा बहुत पहले से चली आ रही है। यही कारण है कि जिले में एनआरएचएम में हुए घपले में सीबीआई जांच कर चुकी है और कई अधिकारी व फर्म संचालक जेल भी जा चुके हैं। इसके बाद भी ये गोरखधंधा चल रहा है।
बीते चार साल में देवीपाटन मंडल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती में भी दवाओं व उपकरणों की खरीद में भारी अनियमितता सामने आई है। शासन ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। बताया गया कि गोंडा में जिला अस्पताल व अन्य अस्पतालों के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से सिरिंज की खरीद की गई। इसमें सिरिंज व निडिल की खरीद पांच गुना अधिक मूल्य पर की गई।
बताया जा रहा है कि सिरिंज की कीमत बाजार में 1.40 रुपये है, जबकि यहां तीन रुपये से लेकर आठ रुपये तक में इसकी खरीद की गई। इसके अलावा पीपीई किट, प्लास्टिक आयरन, पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर सहित अन्य उपकरण भी महंगे दाम में खरीदे गए हैं।
खरीद कमेटी के सदस्यों पर गिर सकती है गाज
दरअसल दवाओं की आपूर्ति के लिए हर जिले में 11-11 सदस्यीय टीम होती है। यही टीम उपकरण, सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य व गुणवत्ता पर विचार-विमर्श के बाद तय करती है कि अमुक उपकरण की खरीद की जाए। कमेटी की रिपोर्ट पर डीएम का अनुमोदन होता है। कमेटी अध्यक्ष डीएम ही होते हैं। कमेटी के अनुमोदन पर सामानों की आपूर्ति के लिए एक व्यक्ति निविदा के लिए नामित किया जाता है। इतनी प्रक्रिया होने के बावजूद खरीद में भारी गड़बड़ी की गई है। चारों जिलों में खरीद कमेटी के 44 सदस्य हैं। एसआईटी की जांच में इन पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
विभागीय जांच के लिए भी टीम गठित
गोंडा में तरबगंज के विधायक प्रेम नरायन पांडेय की शिकायत पर अपर निदेशक ने भी विभागीय जांच के लिए टीम गठित की है। दरअसल विधायक ने भी उपकरणों की खरीद में भारी अनियमितता की शिकायत की थी। जिसके बाद आयुक्त के निर्देश पर अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवारण कल्याण ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। इस टीम में महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एपी मिश्र, क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके उपाध्याय, जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. पीके मिश्र व चीफ फार्मासिस्ट एसपी सिंह को शामिल किया है। टीम ने खरीद से संबंधित सभी अभिलेख तलब किए हैं।
एसआईटी की जांच के लिए मंडल के चारों जिलों के सीएमएस, सीएमओ व सीएमएसडी स्टोर के प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वे दवाओं व उपकरणों की खरीद से संबंधित अभिलेख टीम को उपलब्ध करा दें।
- डॉ. आनंद ओझा, एडी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण देवीपाटन मंडल
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