पहले इंश्योरेंस की पड़ताल फिर होगा आरटीओ में काम

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Fri, 30 Oct 2020 09:38 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
गोंडा। परिवहन विभाग में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए विभाग ने शिकंजा कसा है। सबसे ज्यादा फर्जीवाड़े वाहनों के इंश्योरेंस में होते थे। इस पर रोक लगाने के लिए अब परिवहन विभाग ने वाहन से जुड़े सभी कार्यों में इंश्योरेंस की जांच अनिवार्य कर दी है। बिना इंश्योरेंस की पड़ताल किये किसी भी वाहन पर काम न किया जाएगा।
विज्ञापन

बता दें कि दलाल और बिचौलिए गलत और फर्जी बीमा दिखाकर एक ओर जहां परिवहन विभाग को धोखा देते हैं वहीं दूसरी ओर बीमा फर्जी होने से लोगों को क्लेम भी नहीं मिलता। लेकिन अब किसी वाहन बीमा कंपनी की ओर से जारी होने वाले बीमा का वेरिफिकेशन ऑनलाइन किया जा रहा है। बिना वेरिफिकेशन के किसी भी वाहन से जुड़ा कोई भी कार्य नहीं हो सकता है। बीमा पर दिये गये क्यूआर कोड के जरिए वाहन का सत्यापन किया जाता है, इसके बाद ही कोई प्रक्रिया की जाती है।
आये दिन शिकायत मिल रही थी कि वाहनों का फर्जी बीमा कराकर कई कार्य कराये जा रहे हैं। इसके चलते अब परिवहन विभाग में वाहन से जुड़े सभी काम में बीमा का सत्यापन पहले कराया जाता है। इसके बिना अगर किसी ने काम किया तो संबंधित पटल सहायक जिम्मेदार होगा।
- संजीव कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X