जाली नोट छापते तीन युवक दबोचे

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Gonda Published by: Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST

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गोंडा। पुलिस ने बीती देर रात शहर के बस स्टेशन के समीप एक होटल से तीन लोगों को जाली नोट छापते धर दबोचा। युवकों के पास से प्रिंट किए गए जाली नोट, प्रिंटर व अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। इस मामले में कोतवाली नगर में तीनों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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एसपी नवनीत कुमार राणा ने बताया कि सोमवार की रात सूचना मिली कि शहर के रोडवेज बस स्टेशन के समीप एक होटल के रूम नंबर 108 में कुछ लोग जाली नोट छाप रहे हैं। नोटों की प्रिंटिंग के लिए वहां एक कलर प्रिंटर भी लगाया गया है। इस पर एसओजी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ छापा मारा गया। छापे के दौरान वहां कमरे में मौजूद तीन युवकों को दबोच लिया गया। युवकों ने पूछताछ में अपना नाम मोबशीर उर्फ शेरू निवासी शिवा बख्तावर फैजाबाद रोड, शीबू उर्फ रिजवान निवासी जानकी नगर कालोनी व शारुक निवासी पेरीपोखर बताया।

एसपी ने बताया कि तीनों के पास से एक हजार व पांच सौ के एक-एक, सौ के 10 व 20 रुपये के आठ जाली नोट बरामद हुए। इसके अलावा एक हजार एवं पांच सौ रुपये के चार-चार, सौ के 11 व 20 के 10 अधबने नोट बरामद हुए हैं। एसपी ने बताया कि नोट छापने के लिए रखा एचपी का कलर प्रिंटर, कैंची, कागज बरामद हुआ है। युवकों के खिलाफ कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
एसपी के मुताबिक पूछताछ में युवकों ने बताया कि उन्होंने मिलकर बीती आठ दिसंबर को होटल के कमरे में एक हजार, पांच सौ, सौ व 20 रुपये के नोटों को असली नोट से कापी कर कलर प्रिंटर से छपाई की थी। जिसमें कुल छह हजार रुपये प्रिंट किए गए थे। इसी के बाद वह तीनों नेपाल के कृष्णानगर गए और वहां सभी नोटों को बाजार मेें खपा दिया। इसके बाद बाजार में दोबारा नोटों को खपाने के लिए प्रिंट किया था। मगर इसी बीच पकड़ लिए गए।

इंसेट
फोटो कॉपी की दुकान पर आया आइडिया
गोंडा। जाली नोटों के साथ पकड़े गए मोबशीर उर्फ शेरू शहर के एलबीएस कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। उसने दो साल पहले शहर के एक संस्थान से कंप्यूटर कोर्स किया है। इसलिए उसे कंप्यूटर व प्रिंटर चलाने की महारथ हासिल है। साथी शारुक की एलबीएस चौराहे पर फोटो कॉपियर की दुकान है। शारुक तकरीबन 10 साल से पिता सुल्तान की दुकान पर बैठता था, जहां वह फोटो स्टेट भी करता था। इसलिए किसी भी कागजात के बेहतर प्रिंट निकालने में उसे जानकारी है। पुलिस के मुताबिक तीसरा अभियुक्त शीबू उर्फ रिजवान शहर की एक बाइक एजेंसी पर काम करता है। इन तीनों का एक साथी शालू हसन सिद्दीकी भी है, जो फरार है।
एसपी नवनीत कुमार राणा ने बताया कि मोबशीर के पिता एक विद्यालय चलाते हैं। मोबशीर एलबीएस कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। फैजाबाद रोड पर निवास होने से उसकी शारुक से दोस्ती है। शारुक की एलबीएस कॉलेज के पास फोटो स्टेट की दुकान होने से मोबशीर उसकी दुकान पर बैठता था। इनका एक साथी शिबू उर्फ रिजवान, जिसके पिता रहमत अली टैक्सी चलवाते हैं, वह भी शारुक की दुकान पर आता था। तीनाें दोस्तों के चौथे साथी शालू हसन सिद्दीकी, जो दिल्ली के एक होटल में वेेटर था, तीन साल पहले यहां आकर रहने लगा। एसपी ने बताया कि मोबशीर कम्प्यूटर चलाने में एक्सपर्ट है और शारुक उर्फ शेरू फोटो कॉपी निकालने में माहिर है। इसलिए चारों ने प्रिंटर से नोट छापने का प्लान किया और नोटों की छपाई की।

इंसेट
ऐसे छापते थे नोट
एसपी ने बताया कि असली नोट का अगला हिस्सा कागज में एक बार प्रिंट करके फिर दोबारा दूसरे हिस्से को दूसरे कागज पर प्रिंट करते थे। उसके बाद दोनों को बराबर से काटकर आपस में ग्लू स्टिक से चिपका देते थे। इन नोटों को तीनों ने नेपाल के कृष्णानगर में दुकानों पर चलाने की बात बताई है। एसपी ने बताया कि अभियुक्तों के किन-किन लोगों से संबंध हैं और इन लोगों ने जाली नोटों को और भी कहीं चलाया है, कृष्णानगर व आसपास के क्षेत्रों में भी इनके संबंध किन-किन लोगों से हो सकते हैं, आदि के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस टीम लगाई गई है।

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